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Hapur News: बिना फिटनेस सड़कों पर दौड़ रहे खटारा स्कूल वाहन, जिम्मेदार कर रहे खानापूर्ति

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 01:40 AM IST
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Dilapidated School Vehicles Ply the Roads Without Fitness Certificates; Authorities Merely Going Through the Motions
खटारा स्कूल बस के अंदर से मीटर हुआ गायब। संवाद - फोटो : 1
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हापुड़ /गढ़मुक्तेश्वर। तमाम अभियान और कड़ाई के बावजूद जिले में कुछ स्कूली बसें बिना फिटनेस के सड़कों पर दौड़ रही हैं। इन वाहनों की हालत जहां खटारा है, वहीं कुछ बिना नंबर प्लेट और अन्य नियमों को ताक पर रखकर दौड़ रहे हैं। ऐसी स्कूल बसें और वैन बच्चों की जिंदगी से खुलेआम खिलवाड़ कर रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे, जिससे अभिभावकों में चिंता बढ़ती जा रही है।हापुड़ और गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र की बात करें तो कई निजी स्कूलों की बसें और वैन बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर फर्राटा भरती नजर आती हैं। ये वाहन रोजाना बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर पहुंचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन इनकी पहचान तक स्पष्ट नहीं है। ऐसे में किसी दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना मुश्किल हो सकता है। शहर के स्कूलों की हालत फिर भी ठीक है, लेकिन देहात के निजी स्कूलों में घोर लापरवाही हो रही है। इसके अलावा बाबूगढ़, सिंभावली, बहादुरगढ़ और ब्रजघाट क्षेत्र में भी कई निजी स्कूल संचालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। बिना फिटनेस सर्टिफिकेट और सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था के बिना ही वाहन संचालित किए जा रहे हैं। इन वाहनों में अक्सर ओवरलोडिंग भी देखी जाती है, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।
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हाल में हुए सड़क हादसों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस और परिवहन विभाग की निष्क्रियता के चलते स्कूल संचालकों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन पर सख्ती नहीं की गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
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जरूरत है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाए और बिना नंबर प्लेट, बिना फिटनेस और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। जब तक जिम्मेदार विभाग सक्रिय नहीं होंगे, तब तक बच्चों की सुरक्षा खतरे में बनी रहेगी।
नियमों की खुली अनदेखी
कई स्कूली वाहनों में न तो स्पीड मीटर और अलार्म लगे हैं और न ही अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हैं। प्राथमिक चिकित्सा किट तक का अभाव देखा गया, जो किसी भी आपात स्थिति में बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक होता है।
ओवरलोडिंग बना खतरा
स्कूल वैन और बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा है। छोटे वाहनों में ठूंस-ठूंसकर बच्चों को ले जाया जाता है, जिससे ब्रेक लगने या टक्कर की स्थिति में गंभीर चोट लगने की आशंका बढ़ जाती है।
लगातार सामने आ रही लापरवाहियों से अभिभावकों में डर का माहौल है। कई अभिभावकों ने प्रशासन से शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।
एआरटीओ प्रवर्तन रमेश चौबे ने बताया कि स्कूल बसों की फिटनेस जांच करने के लिए परिवहन विभाग की ओर से अभियान चलाया हुआ है। लगातार स्कूल बसों की जांच हो रही है। जिन बसों में फिटनेस नहीं है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

खटारा स्कूल बस के अंदर से मीटर हुआ गायब। संवाद

खटारा स्कूल बस के अंदर से मीटर हुआ गायब। संवाद- फोटो : 1

खटारा स्कूल बस के अंदर से मीटर हुआ गायब। संवाद

खटारा स्कूल बस के अंदर से मीटर हुआ गायब। संवाद- फोटो : 1

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