सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   After the sister-in-law was burnt in an explosion at an illegal firecracker storage facility in Lucknow, her sister-in-law also died.

Hardoi News: पटाखों के अवैध भंडारण में विस्फोट से झुलसी जेठानी के बाद देवरानी की भी लखनऊ में मौत

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2026 11:07 PM IST
विज्ञापन
After the sister-in-law was burnt in an explosion at an illegal firecracker storage facility in Lucknow, her sister-in-law also died.
विज्ञापन
हरपालपुर। सांडी नगर के मोहल्ला खिड़किया में मकान में भरे पटाखों में हुए विस्फोट में झुलसी जेठानी के बाद देवरानी की भी बृहस्पतिवार की सुबह लखनऊ में मौत हो गई। विस्फोट 26 फरवरी को हुआ था।
Trending Videos

सांडी नगर के मोहल्ला खिड़किया निवासी दिलशाद के पास बारूद के पटाखों का भंडारण करने और बेचने का लाइसेंस था। इस लाइसेंस की आड़ में उन्होंने अपने मकान में बड़े पैमाने पर पटाखों का भंडारण कर रखा था। बीती 26 फरवरी की दोपहर दिलशाद की पत्नी शाजिया (48) और शाजिया की देवरानी पत्नी रूबिया (35) पत्नी इरशाद मकान की पहली मंजिल पर थीं। इस दौरान पटाखों में विस्फोट हो गया था। इसमें दोनों गंभीर रूप से झुलस गईं थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों को पहले सीएचसी फिर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। चिकित्सक ने दोनों को लखनऊ रेफर कर दिया था। 14 मार्च को इलाज के दौरान शाजिया की लखनऊ में मौत हो गई थी। उनकी देवरानी रूबिया की बृहस्पतिवार की सुबह इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई। लखनऊ में ही रूबिया का पोस्टमार्टम कराया गया। रूबिया के परिवार में पति और दो पुत्र आलिम और सालिम हैं। प्रभारी निरीक्षक बसंत राम ने बताया कि महिला की मौत की जानाकारी मिली है। विधिक कार्रवाई की जा रही है।

इससे पहले 2012 में इसी मकान के विस्फोट में चार महिलाओं की मौत हुई थी
26 फरवरी 2026 से पहले साल 2012 में इसी मकान में बड़े पैमाने पर पटाखों के भंडारण में धमाका हो चुका है। इसमें दिलशाद की मां बीबी नगमा समेत मुस्राम और पड़ोसी बासिदा और रुकसाना की मौत हो गई थी। उस समय दिलशाद के पिता खुर्शीद पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। खुर्शीद जेल भी गए थे।

मृतका के पति जेल में हैं
विस्फोट के बाद अवैध भंडारण के आरोप में कस्बा चौकी प्रभारी श्याम बाबू ने दिलशाद, इरशाद और एक अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद दिलशाद और इरशाद को गिरफ्तार कर लिया गया था। इन दिनों दिलशाद और इरशाद दोनों भाई जेल में हैं। शाजिया के अंतिम संस्कार में पति दिलशाद शामिल नहीं हो पाया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed