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Hardoi News: पटाखों के अवैध भंडारण में विस्फोट से झुलसी जेठानी के बाद देवरानी की भी लखनऊ में मौत
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हरपालपुर। सांडी नगर के मोहल्ला खिड़किया में मकान में भरे पटाखों में हुए विस्फोट में झुलसी जेठानी के बाद देवरानी की भी बृहस्पतिवार की सुबह लखनऊ में मौत हो गई। विस्फोट 26 फरवरी को हुआ था।
सांडी नगर के मोहल्ला खिड़किया निवासी दिलशाद के पास बारूद के पटाखों का भंडारण करने और बेचने का लाइसेंस था। इस लाइसेंस की आड़ में उन्होंने अपने मकान में बड़े पैमाने पर पटाखों का भंडारण कर रखा था। बीती 26 फरवरी की दोपहर दिलशाद की पत्नी शाजिया (48) और शाजिया की देवरानी पत्नी रूबिया (35) पत्नी इरशाद मकान की पहली मंजिल पर थीं। इस दौरान पटाखों में विस्फोट हो गया था। इसमें दोनों गंभीर रूप से झुलस गईं थीं।
दोनों को पहले सीएचसी फिर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। चिकित्सक ने दोनों को लखनऊ रेफर कर दिया था। 14 मार्च को इलाज के दौरान शाजिया की लखनऊ में मौत हो गई थी। उनकी देवरानी रूबिया की बृहस्पतिवार की सुबह इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई। लखनऊ में ही रूबिया का पोस्टमार्टम कराया गया। रूबिया के परिवार में पति और दो पुत्र आलिम और सालिम हैं। प्रभारी निरीक्षक बसंत राम ने बताया कि महिला की मौत की जानाकारी मिली है। विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले 2012 में इसी मकान के विस्फोट में चार महिलाओं की मौत हुई थी
26 फरवरी 2026 से पहले साल 2012 में इसी मकान में बड़े पैमाने पर पटाखों के भंडारण में धमाका हो चुका है। इसमें दिलशाद की मां बीबी नगमा समेत मुस्राम और पड़ोसी बासिदा और रुकसाना की मौत हो गई थी। उस समय दिलशाद के पिता खुर्शीद पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। खुर्शीद जेल भी गए थे।
मृतका के पति जेल में हैं
विस्फोट के बाद अवैध भंडारण के आरोप में कस्बा चौकी प्रभारी श्याम बाबू ने दिलशाद, इरशाद और एक अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद दिलशाद और इरशाद को गिरफ्तार कर लिया गया था। इन दिनों दिलशाद और इरशाद दोनों भाई जेल में हैं। शाजिया के अंतिम संस्कार में पति दिलशाद शामिल नहीं हो पाया था।
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सांडी नगर के मोहल्ला खिड़किया निवासी दिलशाद के पास बारूद के पटाखों का भंडारण करने और बेचने का लाइसेंस था। इस लाइसेंस की आड़ में उन्होंने अपने मकान में बड़े पैमाने पर पटाखों का भंडारण कर रखा था। बीती 26 फरवरी की दोपहर दिलशाद की पत्नी शाजिया (48) और शाजिया की देवरानी पत्नी रूबिया (35) पत्नी इरशाद मकान की पहली मंजिल पर थीं। इस दौरान पटाखों में विस्फोट हो गया था। इसमें दोनों गंभीर रूप से झुलस गईं थीं।
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दोनों को पहले सीएचसी फिर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। चिकित्सक ने दोनों को लखनऊ रेफर कर दिया था। 14 मार्च को इलाज के दौरान शाजिया की लखनऊ में मौत हो गई थी। उनकी देवरानी रूबिया की बृहस्पतिवार की सुबह इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई। लखनऊ में ही रूबिया का पोस्टमार्टम कराया गया। रूबिया के परिवार में पति और दो पुत्र आलिम और सालिम हैं। प्रभारी निरीक्षक बसंत राम ने बताया कि महिला की मौत की जानाकारी मिली है। विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इससे पहले 2012 में इसी मकान के विस्फोट में चार महिलाओं की मौत हुई थी
26 फरवरी 2026 से पहले साल 2012 में इसी मकान में बड़े पैमाने पर पटाखों के भंडारण में धमाका हो चुका है। इसमें दिलशाद की मां बीबी नगमा समेत मुस्राम और पड़ोसी बासिदा और रुकसाना की मौत हो गई थी। उस समय दिलशाद के पिता खुर्शीद पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। खुर्शीद जेल भी गए थे।
मृतका के पति जेल में हैं
विस्फोट के बाद अवैध भंडारण के आरोप में कस्बा चौकी प्रभारी श्याम बाबू ने दिलशाद, इरशाद और एक अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद दिलशाद और इरशाद को गिरफ्तार कर लिया गया था। इन दिनों दिलशाद और इरशाद दोनों भाई जेल में हैं। शाजिया के अंतिम संस्कार में पति दिलशाद शामिल नहीं हो पाया था।