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Hardoi News: तीसरे प्रयास में छठी रैंक हासिल कर उपजिलाधिकारी बनीं दीप्ति
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हरदोई। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का परीक्षा परिणाम रविवार रात जारी हो गया। जनपद के तीन मेधावियों को सफलता मिली है। मल्लावां विकास खंड के पुरवावां निवासी दीप्ति वर्मा ने तीसरे प्रयास में छठा स्थान हासिल किया है। संडीला विकास खंड के मंगरा निवासी मानवेंद्र प्रताप सिंह का चयन डिप्टी जेलर के पद पर और माधौगंज के रूदामऊ निवासी रूबी कनौजिया का चयन वाणिज्यकर अधिकारी के पद पर हुआ है।
लक्ष्य पाना मुश्किल नहीं, मन और लगन से काम करने की जरूरत
मल्लावां विकास खंड के पुरवावां निवासी दीप्ति वर्मा को छठी रैंक हासिल हुई है। दीप्ति के पिता देवेंद्र सिंह भारतीय जीवन बीमा निगम के अभिकर्ता हैं, जबकि मां पूनम वर्मा गृहिणी हैं। दीप्ति की इंटरमीडिएट तक की शिक्षा सेंट फिडलिस इंटर कॉलेज लखनऊ से हुई है। बीएससी और एमए लखनऊ विश्वविद्यालय से किया है। उन्होंने बताया कि दो बार उन्हें सफलता नहीं मिली लेकिन इस बार सफलता हासिल की हैं। बड़े भाई सुमित सिंह इंजीनियर हैं। दीप्ति ने कहा कि किसी भी लक्ष्य को पाना मुश्किल नहीं है। जरूरत मन और लगन से काम करने की है। कहा कि युवा मेहनत कर किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते हैं।
पहले ही प्रयास में डिप्टी जेलर बने मानवेंद्र
संडीला के मंगरा निवासी मानवेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया को पहले ही प्रयास में सफलता मिली है। उनका चयन डिप्टी जेलर के पद पर हुआ है। पिता जितेंद्र कुमार सिंह भदौरिया किसान हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। मानवेंद्र के बड़े भाई ज्ञानेंद्र सिंह एक प्राइवेट कंपनी में प्रबंधक हैं जबकि छोटा भाई अजीत सिंह इंटरमीडिएट का छात्र है। मानवेंद्र की शुरुआती पढ़ाई मोहम्मदपुर के आदर्श जूनियर विद्यालय में हुई। इसके बाद उन्होंने संडीला और लखनऊ में पढ़ाई की। एमबीए करने के साथ ही उन्होंने परीक्षा की तैयारी भी जारी रखी।
लेखपाल रूबी कनौजिया का वाणिज्यकर अधिकारी के पद पर चयन
माधौगंज विकास खंड के रूदामऊ निवासी रूबी कनौजिया का चयन वाणिज्यकर अधिकारी के पद पर हुआ है। रूबी कनौजिया को वर्ष 2024 में लेखपाल परीक्षा में भी सफलता मिली थी। इन दिनों वह सदर तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात हैं। उन्हें दूसरे प्रयास में सफलता मिली है। पिता दूधनाथ किसान हैं। दो बहनों रानी और लक्ष्मी की शादी हो चुकी है। भाई विनीत कुमार मंडी में व्यवसाय करते हैं। उनकी उपलब्धि पर न सिर्फ परिजन ने बल्कि ग्रामीणों ने भी खुशी जताई है।
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मल्लावां विकास खंड के पुरवावां निवासी दीप्ति वर्मा को छठी रैंक हासिल हुई है। दीप्ति के पिता देवेंद्र सिंह भारतीय जीवन बीमा निगम के अभिकर्ता हैं, जबकि मां पूनम वर्मा गृहिणी हैं। दीप्ति की इंटरमीडिएट तक की शिक्षा सेंट फिडलिस इंटर कॉलेज लखनऊ से हुई है। बीएससी और एमए लखनऊ विश्वविद्यालय से किया है। उन्होंने बताया कि दो बार उन्हें सफलता नहीं मिली लेकिन इस बार सफलता हासिल की हैं। बड़े भाई सुमित सिंह इंजीनियर हैं। दीप्ति ने कहा कि किसी भी लक्ष्य को पाना मुश्किल नहीं है। जरूरत मन और लगन से काम करने की है। कहा कि युवा मेहनत कर किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते हैं।
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पहले ही प्रयास में डिप्टी जेलर बने मानवेंद्र
संडीला के मंगरा निवासी मानवेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया को पहले ही प्रयास में सफलता मिली है। उनका चयन डिप्टी जेलर के पद पर हुआ है। पिता जितेंद्र कुमार सिंह भदौरिया किसान हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। मानवेंद्र के बड़े भाई ज्ञानेंद्र सिंह एक प्राइवेट कंपनी में प्रबंधक हैं जबकि छोटा भाई अजीत सिंह इंटरमीडिएट का छात्र है। मानवेंद्र की शुरुआती पढ़ाई मोहम्मदपुर के आदर्श जूनियर विद्यालय में हुई। इसके बाद उन्होंने संडीला और लखनऊ में पढ़ाई की। एमबीए करने के साथ ही उन्होंने परीक्षा की तैयारी भी जारी रखी।
लेखपाल रूबी कनौजिया का वाणिज्यकर अधिकारी के पद पर चयन
माधौगंज विकास खंड के रूदामऊ निवासी रूबी कनौजिया का चयन वाणिज्यकर अधिकारी के पद पर हुआ है। रूबी कनौजिया को वर्ष 2024 में लेखपाल परीक्षा में भी सफलता मिली थी। इन दिनों वह सदर तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात हैं। उन्हें दूसरे प्रयास में सफलता मिली है। पिता दूधनाथ किसान हैं। दो बहनों रानी और लक्ष्मी की शादी हो चुकी है। भाई विनीत कुमार मंडी में व्यवसाय करते हैं। उनकी उपलब्धि पर न सिर्फ परिजन ने बल्कि ग्रामीणों ने भी खुशी जताई है।