{"_id":"6a6501ba805c3e647f0579e7","slug":"an-enraged-crowd-and-family-members-did-not-allow-shivams-body-to-be-taken-off-the-ambulance-for-three-hours-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-153743-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: आक्रोशित भीड़ और परिजन ने तीन घंटे एंबुलेंस से नहीं उतरने दिया शिवम का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: आक्रोशित भीड़ और परिजन ने तीन घंटे एंबुलेंस से नहीं उतरने दिया शिवम का शव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संडीला। लेनदेन के विवाद में ईंट भट्ठा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या किए जाने से पूरे नगर में आक्रोश फैल गया। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार रात लखनऊ से शव आने पर चौराहे से लेकर मृतक के आवास तक परिजन और परिचितों ने जगह-जगह आक्रोश जताया। चौराहे और फिर बाद में नगर के मुख्य मार्ग पर जाम लगाने का प्रयास भी हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी और सीओ संडीला के आश्वासन पर परिजन शांत हुए। परिजन पुलिस पर पूरे मामले में लापरवाही का आरोप लगा रहे थे और आरोपियों का घर ढहाए जाने की मांग कर रहे थे।
नगर निवासी शिवम जायसवाल (28) अतरौली रोड पर ईंट भट्ठा चलाते थे। सुंबाबाग निवासी पवन सिंह से 1.80 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर उनका विवाद था। बीते मंगलवार रात शिवम बाइक से जा रहे थे। उन्नाव मार्ग पर पवन सिंह, सूरज सिंह सिकरवार, शिवा सिंह, माशू और साहिल एक ऑटो से आए और बाइक के बराबर में आकर तमंचे से शिवम के गोली मार दी। पेट में गोली लगने से घायल शिवम को सीएचसी से ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था। वहां बृहस्पतिवार रात शिवम की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार रात शव आने पर भीड़ उमड़ पड़ी।
पहले लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखने का प्रयास किया गया लेकिन पुलिस ने यहां नहीं रुकने दिया। सदर बाजार स्थित शिवम के आवास के बाहर परिजन ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव उठाने से इन्कार कर दिया। एएसपी पूर्वी सुबोध गौतम और सीओ संतोष सिंह ने परिजन को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। लगभग तीन घंटे बाद परिजन एंबुलेंस से शव उतारने को राजी हुए। शनिवार सुबह नानामऊ घाट पर कड़ी सुरक्षा के बीच शिवम का अंतिम संस्कार हुआ।
विज्ञापन
सीओ संडीला संतोष सिंह ने बताया कि घटना में शामिल पांचों आरोपियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। साहिल को जेल भी भेजा जा चुका है। बाकी चार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
पांच माह से विवाद, तीन प्राथमिकी, पुलिस की ढिलाई में गई युवा व्यवसायी की जान
हरदोई। नगर के सुंबाबाग निवासी पवन सिंह किराये पर वाहन चलाते हैं। खुद ही वह अपना वाहन चलाकर बुकिंग पर ले जाते रहे हैं। भट्ठा व्यवसायी शिवम जायसवाल से पवन सिंह की जान पहचान थी। रुपयों की आवश्यकता होने पर पवन ने शिवम से 1.80 लाख रुपये उधार मांगे थे। इस पर शिवम ने रुपये दे दिए थे। मई में रुपये वापस मांगने पर पवन और शिवम के बीच विवाद हो गया था।
नगर के सुंबाबाग मोहल्ले में 11 मई की रात दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ा था कि फायरिंग हो गई थी। 11 मई को पवन के भाई सूरज सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि शिवम जायसवाल, रिषभ जायसवाल आकाश सिंह, अनुज, रिषभ आदि एक गाड़ी से सवार होकर आए और उन लोगों पर फायरिंग कर गाली-गलौज की। इस मामले में पुलिस अब तक आरोप पत्र भी दाखिल नहीं कर पाई और मामले की जांच ही चल रही है।
इस बीच 15 जुलाई को आरोपियों ने मृतक शिवम के भाई रिषभ जायसवाल की स्कॉर्पियो में तोड़फोड़ की थी। इस मामले में भी पुलिस ने रिषभ की शिकायत पर पवन सिंह, सूरज सिंह, शिवा और मंसू समेत कुछ अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की थी। जब 11 मई को हुई घटना की जांच पुलिस पूरी नहीं कर पाई तो भला 15 जुलाई को हुई घटना की जांच कैसे पूरी हो पाती। दोनों ही मामलों में अगर संडीला कोतवाली पुलिस लापरवाही न करती तो शायद शिवम पर जानलेवा हमला न होता और उसकी जान बच भी सकती थी। तीसरा मामला 21 जुलाई को दर्ज कराया गया जब आरोपियों ने शिवम को गोली मार दी।
विज्ञापन
नगर निवासी शिवम जायसवाल (28) अतरौली रोड पर ईंट भट्ठा चलाते थे। सुंबाबाग निवासी पवन सिंह से 1.80 लाख रुपये के लेनदेन को लेकर उनका विवाद था। बीते मंगलवार रात शिवम बाइक से जा रहे थे। उन्नाव मार्ग पर पवन सिंह, सूरज सिंह सिकरवार, शिवा सिंह, माशू और साहिल एक ऑटो से आए और बाइक के बराबर में आकर तमंचे से शिवम के गोली मार दी। पेट में गोली लगने से घायल शिवम को सीएचसी से ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था। वहां बृहस्पतिवार रात शिवम की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार रात शव आने पर भीड़ उमड़ पड़ी।
विज्ञापन
पहले लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखने का प्रयास किया गया लेकिन पुलिस ने यहां नहीं रुकने दिया। सदर बाजार स्थित शिवम के आवास के बाहर परिजन ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव उठाने से इन्कार कर दिया। एएसपी पूर्वी सुबोध गौतम और सीओ संतोष सिंह ने परिजन को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। लगभग तीन घंटे बाद परिजन एंबुलेंस से शव उतारने को राजी हुए। शनिवार सुबह नानामऊ घाट पर कड़ी सुरक्षा के बीच शिवम का अंतिम संस्कार हुआ।
विज्ञापन
सीओ संडीला संतोष सिंह ने बताया कि घटना में शामिल पांचों आरोपियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। साहिल को जेल भी भेजा जा चुका है। बाकी चार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
पांच माह से विवाद, तीन प्राथमिकी, पुलिस की ढिलाई में गई युवा व्यवसायी की जान
हरदोई। नगर के सुंबाबाग निवासी पवन सिंह किराये पर वाहन चलाते हैं। खुद ही वह अपना वाहन चलाकर बुकिंग पर ले जाते रहे हैं। भट्ठा व्यवसायी शिवम जायसवाल से पवन सिंह की जान पहचान थी। रुपयों की आवश्यकता होने पर पवन ने शिवम से 1.80 लाख रुपये उधार मांगे थे। इस पर शिवम ने रुपये दे दिए थे। मई में रुपये वापस मांगने पर पवन और शिवम के बीच विवाद हो गया था।
नगर के सुंबाबाग मोहल्ले में 11 मई की रात दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ा था कि फायरिंग हो गई थी। 11 मई को पवन के भाई सूरज सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया था कि शिवम जायसवाल, रिषभ जायसवाल आकाश सिंह, अनुज, रिषभ आदि एक गाड़ी से सवार होकर आए और उन लोगों पर फायरिंग कर गाली-गलौज की। इस मामले में पुलिस अब तक आरोप पत्र भी दाखिल नहीं कर पाई और मामले की जांच ही चल रही है।
इस बीच 15 जुलाई को आरोपियों ने मृतक शिवम के भाई रिषभ जायसवाल की स्कॉर्पियो में तोड़फोड़ की थी। इस मामले में भी पुलिस ने रिषभ की शिकायत पर पवन सिंह, सूरज सिंह, शिवा और मंसू समेत कुछ अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की थी। जब 11 मई को हुई घटना की जांच पुलिस पूरी नहीं कर पाई तो भला 15 जुलाई को हुई घटना की जांच कैसे पूरी हो पाती। दोनों ही मामलों में अगर संडीला कोतवाली पुलिस लापरवाही न करती तो शायद शिवम पर जानलेवा हमला न होता और उसकी जान बच भी सकती थी। तीसरा मामला 21 जुलाई को दर्ज कराया गया जब आरोपियों ने शिवम को गोली मार दी।