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Hardoi News: विदेशी मुद्रा के नाम पर ठगी करने में बांग्लादेशी को चार साल की कैद
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हरदोई। विदेशी मुद्रा रियाल का लालच देकर लोगों से ठगी करने के गिरोह में शामिल एक बांग्लादेशी नागरिक आलमगीर को सीजेएम ऋचा वर्मा ने चार साल की कैद सुनाई है। उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में चार बांग्लादेशी नागरिकों सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बाकी आठ आरोपियों का ट्रायल चल रहा है।
लोनार निवासी विजेंद्र पाल सिंह ने पांच अगस्त 2022 को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि पांच अगस्त को वह वंशीनगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक से रुपये निकालने गए थे। रुपये निकालने के बाद पासबुक अपडेट कराने लगे। इस दौरान किसी ने उनका झोला काटकर 50 हजार रुपये चोरी कर लिए। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के कृष्णनगर निवासी मुशर्रफ अली ने भी शहर कोतवाली में 16 सितंबर 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि बेनीगंज में उनकी कपड़े की दुकान है। सात सितंबर 2022 को एक महिला कपड़े खरीदने आई थी। कपड़े खरीदने पर रुपये के बदले उसने सऊदी रियाल दिए थे। इसके बारे में पूछताछ करने पर उसने कबाड़ में रियाल मिलने की बात कही थी। यह भी कहा था कि अगर रियाल चाहो तो रुपये के बदले मिल जाएंगे। तीन दिन बाद उसे नुमाइश मैदान के पास रुपये रियाल में बदलने के लिए बुलाया गया था।
10 सितंबर 2022 को नुमाइश मैदान में बांग्लादेश के गुलना जनपद के दिगुनिया थाना क्षेत्र के बराकपुर निवासी आलमगीर, मदारीपुर जनपद के सिपचार थाना क्षेत्र के सिलापुर गांव निवासी शाह आलम और रफीक मौजूद थे। दावा है कि महिला ने एक लाख 20 हजार रुपये लेकर रियाल की पोटली दे दी थी। बाद में जब पोटली खोली तो उसमें कागज और साबुन की बट्टी थी। 18 सितंबर को पुलिस ने बांग्लादेशी रफीक को गिरफ्तार किया था।
विवेचना में बांग्लादेश के गुलना जनपद के दिगुनिया थाना क्षेत्र के बराकपुर निवासी अफरोजा, आलमगीर, मदारीपुर जनपद के सिपचार थाना क्षेत्र के सिलापुर गांव निवासी मोहम्मद शाह आलम, रफीक, मेरठ जनपद के थाना किठौर क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी चंद्रशेखर, आगरा जनपद के रघुवीर विहार कॉलोनी निवासी नीली पत्नी शहीद अली, मथुरा के जमुरापार थाना क्षेत्र के लोहवनपुर गांव निवासी मिंटू, उनकी पत्नी हमीदा, कोलकाता के उल्टो डांगा थाना चांद पाड़ा निवासी खैरुल का नाम सामने आया था। आठों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
पुलिस का दावा था कि आरोपी विदेशी करंसी दिखाकर रुपये बदलने का झांसा देकर ठगी करते हैं। आरोपियों के पास से कई देशों की मुद्रा मिली थी। मामले की सुनवाई सीजेएम के यहां चल रही है। आलमगीर ने न्यायालय में जुर्म स्वीकार कर कोई अपराध न करने की शपथ लेते हुए कम से कम सजा सुनाए जाने की गुजारिश की। अभियोजन अधिकारी ने अधिक से अधिक सजा दिए जाने का तर्क दिया। मामले की सुनवाई पूरी कर सीजेएम ऋचा वर्मा ने सजा सुनाई।
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लोनार निवासी विजेंद्र पाल सिंह ने पांच अगस्त 2022 को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया कि पांच अगस्त को वह वंशीनगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक से रुपये निकालने गए थे। रुपये निकालने के बाद पासबुक अपडेट कराने लगे। इस दौरान किसी ने उनका झोला काटकर 50 हजार रुपये चोरी कर लिए। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
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बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के कृष्णनगर निवासी मुशर्रफ अली ने भी शहर कोतवाली में 16 सितंबर 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि बेनीगंज में उनकी कपड़े की दुकान है। सात सितंबर 2022 को एक महिला कपड़े खरीदने आई थी। कपड़े खरीदने पर रुपये के बदले उसने सऊदी रियाल दिए थे। इसके बारे में पूछताछ करने पर उसने कबाड़ में रियाल मिलने की बात कही थी। यह भी कहा था कि अगर रियाल चाहो तो रुपये के बदले मिल जाएंगे। तीन दिन बाद उसे नुमाइश मैदान के पास रुपये रियाल में बदलने के लिए बुलाया गया था।
10 सितंबर 2022 को नुमाइश मैदान में बांग्लादेश के गुलना जनपद के दिगुनिया थाना क्षेत्र के बराकपुर निवासी आलमगीर, मदारीपुर जनपद के सिपचार थाना क्षेत्र के सिलापुर गांव निवासी शाह आलम और रफीक मौजूद थे। दावा है कि महिला ने एक लाख 20 हजार रुपये लेकर रियाल की पोटली दे दी थी। बाद में जब पोटली खोली तो उसमें कागज और साबुन की बट्टी थी। 18 सितंबर को पुलिस ने बांग्लादेशी रफीक को गिरफ्तार किया था।
विवेचना में बांग्लादेश के गुलना जनपद के दिगुनिया थाना क्षेत्र के बराकपुर निवासी अफरोजा, आलमगीर, मदारीपुर जनपद के सिपचार थाना क्षेत्र के सिलापुर गांव निवासी मोहम्मद शाह आलम, रफीक, मेरठ जनपद के थाना किठौर क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी चंद्रशेखर, आगरा जनपद के रघुवीर विहार कॉलोनी निवासी नीली पत्नी शहीद अली, मथुरा के जमुरापार थाना क्षेत्र के लोहवनपुर गांव निवासी मिंटू, उनकी पत्नी हमीदा, कोलकाता के उल्टो डांगा थाना चांद पाड़ा निवासी खैरुल का नाम सामने आया था। आठों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
पुलिस का दावा था कि आरोपी विदेशी करंसी दिखाकर रुपये बदलने का झांसा देकर ठगी करते हैं। आरोपियों के पास से कई देशों की मुद्रा मिली थी। मामले की सुनवाई सीजेएम के यहां चल रही है। आलमगीर ने न्यायालय में जुर्म स्वीकार कर कोई अपराध न करने की शपथ लेते हुए कम से कम सजा सुनाए जाने की गुजारिश की। अभियोजन अधिकारी ने अधिक से अधिक सजा दिए जाने का तर्क दिया। मामले की सुनवाई पूरी कर सीजेएम ऋचा वर्मा ने सजा सुनाई।