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समयबद्ध न्याय के लिए बार और बेंच में बेहतर समन्वय जरूरी : प्रशासनिक न्यायमूर्ति
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फोटो-25-अधिवक्ताओं को संबोधित करते प्रशासनिक न्यायमूर्ति मनीष कुमार, साथ में जिला जज व बार एस
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हरदोई। इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति मनीष कुमार ने कहा कि बार और बेंच एक-दूसरे के पूरक हैं। वादकारियों को समयबद्ध और प्रभावी न्याय दिलाने के लिए दोनों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों से समय का पालन करते हुए न्यायिक कार्यों में सहयोग की अपील की। प्रशासनिक न्यायमूर्ति शनिवार को बार एसोसिएशन के कार्यकारिणी कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने कहा कि हरदोई बार एसोसिएशन के बारे में पहले से सुना था कि यहां का वातावरण अच्छा है। निरीक्षण और संवाद के बाद यह कहा जा सकता है कि यहां न्यायिक कार्य व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहे हैं। कनिष्ठ अधिवक्ताओं को वरिष्ठ अधिवक्ताओं से मार्गदर्शन लेकर कार्य करने की सलाह दी। प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने कहा कि मुकदमों की तुलना में न्यायिक अधिकारियों की संख्या कम है। इसको लेकर सभी न्यायिक अधिकारियों को समय से न्यायालय में बैठने के लिए कहा गया है।
यहां जिला जज रीता कौशिक, अपर जिला जज मनमोहन सिंह, प्रमेंद्र कुमार, एसीजेएम अनुराग यादव, सिविल जज अमृतांशु राज मौजूद रहे। अधिवक्ताओं में अशोक द्विवेदी, रामदेव शुक्ला, प्रीति द्विवेदी आदि मौजूद रहीं। संचालन शिव मोहन शुक्ला ने किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जेपी त्रिवेदी ने आभार जताया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने अभिलेखागार, मध्यस्थता केंद्र, सिविल कोर्ट परिसर और विभिन्न न्यायालयों का निरीक्षण भी किया। शाम को उन्होंने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान जेल अधीक्षक अमन सिंह भी मौजूद रहे।
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महामहिमा और उदयवीर के प्रस्ताव पर दिखाया सकारात्मक रुख
वरिष्ठ अधिवक्ता महामहिमा श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि 10 कक्षीय न्यायालय भवन में तीसरी मंजिल तक सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होती है। बुजुर्ग अधिवक्ताओं के साथ ही वादकारी भी परेशान होते हैं। उन्होंने यहां लिफ्ट लगवाए जाने का सुझाव दिया। इस पर प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने जिला जज को लिफ्ट स्थापना का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
ग्राम न्यायालय का स्थायी भवन सवायजपुर में ही बनवाए जाने का प्रयास किया जाए
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उदयवीर सिंह भदौरिया ने सवायजपुर ग्राम न्यायालय का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि ग्राम न्यायालय किराये के भवन में चल रहा है। स्थायी भवन के लिए सवायजपुर से चार किलोमीटर दूर सदुल्लीपुर में भूमि चिह्नित की गई है। उन्होंने कहा कि इतनी दूरी पर न्यायालय बनने से अधिवक्ताओं और वादकारियों को परेशानी होगी। इस मामले पर प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने कहा कि ग्राम न्यायालय का स्थायी भवन सवायजपुर में ही बनवाए जाने का प्रयास किया जाए।
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प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने कहा कि हरदोई बार एसोसिएशन के बारे में पहले से सुना था कि यहां का वातावरण अच्छा है। निरीक्षण और संवाद के बाद यह कहा जा सकता है कि यहां न्यायिक कार्य व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रहे हैं। कनिष्ठ अधिवक्ताओं को वरिष्ठ अधिवक्ताओं से मार्गदर्शन लेकर कार्य करने की सलाह दी। प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने कहा कि मुकदमों की तुलना में न्यायिक अधिकारियों की संख्या कम है। इसको लेकर सभी न्यायिक अधिकारियों को समय से न्यायालय में बैठने के लिए कहा गया है।
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यहां जिला जज रीता कौशिक, अपर जिला जज मनमोहन सिंह, प्रमेंद्र कुमार, एसीजेएम अनुराग यादव, सिविल जज अमृतांशु राज मौजूद रहे। अधिवक्ताओं में अशोक द्विवेदी, रामदेव शुक्ला, प्रीति द्विवेदी आदि मौजूद रहीं। संचालन शिव मोहन शुक्ला ने किया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जेपी त्रिवेदी ने आभार जताया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने अभिलेखागार, मध्यस्थता केंद्र, सिविल कोर्ट परिसर और विभिन्न न्यायालयों का निरीक्षण भी किया। शाम को उन्होंने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान जेल अधीक्षक अमन सिंह भी मौजूद रहे।
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महामहिमा और उदयवीर के प्रस्ताव पर दिखाया सकारात्मक रुख
वरिष्ठ अधिवक्ता महामहिमा श्रीवास्तव ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि 10 कक्षीय न्यायालय भवन में तीसरी मंजिल तक सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होती है। बुजुर्ग अधिवक्ताओं के साथ ही वादकारी भी परेशान होते हैं। उन्होंने यहां लिफ्ट लगवाए जाने का सुझाव दिया। इस पर प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने जिला जज को लिफ्ट स्थापना का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
ग्राम न्यायालय का स्थायी भवन सवायजपुर में ही बनवाए जाने का प्रयास किया जाए
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष उदयवीर सिंह भदौरिया ने सवायजपुर ग्राम न्यायालय का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि ग्राम न्यायालय किराये के भवन में चल रहा है। स्थायी भवन के लिए सवायजपुर से चार किलोमीटर दूर सदुल्लीपुर में भूमि चिह्नित की गई है। उन्होंने कहा कि इतनी दूरी पर न्यायालय बनने से अधिवक्ताओं और वादकारियों को परेशानी होगी। इस मामले पर प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने कहा कि ग्राम न्यायालय का स्थायी भवन सवायजपुर में ही बनवाए जाने का प्रयास किया जाए।

फोटो-25-अधिवक्ताओं को संबोधित करते प्रशासनिक न्यायमूर्ति मनीष कुमार, साथ में जिला जज व बार एस