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Hardoi News: पेट में दर्द हो रहा आज, मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड होगा दो दिन बाद
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फोटो-04- मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज में तत्काल राहत की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों को दर्द की गोली तो मिल जाती है लेकिन जांच नहीं हो पाती। अगर पेट में दर्द आज है तो दवा तो मिल जाएगी लेकिन अल्ट्रासाउंड दो दिन बाद होगा। ऐसा भी नहीं कि संसाधनों का अभाव है। अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन पिछले डेढ़ माह से मेडिकल कॉलेज में रखी है। इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा। वजह स्थायी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है और मशीन चलाने के लिए रेडियोलॉजिस्ट की जरूरत है।
ओपीडी में हर रोज औसतन 1700 मरीज पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में ऐसे मरीज भी आते हैं जिन्हें ओपीडी के चिकित्सक अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं। ओपीडी के पर्चे पर डॉक्टर की सलाह के साथ मरीज अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचते हैं तो उन्हें दो दिन बाद का समय दे दिया जाता है। दरअसल मौजूदा समय में अल्ट्रासाउंड के लिए एक पुरानी मशीन का ही इस्तेमाल हो रहा है। इसी मशीन से गर्भवती महिलाओं का भी अल्ट्रासाउंड होता है। एक ही मशीन पर ज्यादा लोड होने के कारण जांच समय पर नहीं हो पा रही हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मरीजों को राहत देने के लिए बीते आठ जून को नई अल्ट्रासाउंड मशीन मंगवा ली थी। इसे इंस्टॉल भी कर दिया गया था लेकिन अब तक इसका इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ।
केस -1
आशानगर की सुमन के पेट में कई दिन से दर्द हो रहा। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। सुमन अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचीं लेकिन उन्हें सोमवार को आने के लिए कहा गया।
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केस-2
महोलिया शिवपार के रहने वाले राजेंद्र पाल अपने परिवार के एक सदस्य को ओपीडी में डॉक्टर के पास ले गए थे। पेट संबंधी समस्याएं होने के कारण डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड लिख दिया। अल्ट्रासाउंड कराने गए तो वहां पहले से ही भीड़ थी। सोमवार को आने के लिए कहा गया।
अल्ट्रासाउंड के मरीजों को हो रही परेशानी की जानकारी है। नई मशीन को चालू कराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक और आवश्यक तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होते ही मशीन संचालित करा दी जाएगी। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य
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ओपीडी में हर रोज औसतन 1700 मरीज पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में ऐसे मरीज भी आते हैं जिन्हें ओपीडी के चिकित्सक अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं। ओपीडी के पर्चे पर डॉक्टर की सलाह के साथ मरीज अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचते हैं तो उन्हें दो दिन बाद का समय दे दिया जाता है। दरअसल मौजूदा समय में अल्ट्रासाउंड के लिए एक पुरानी मशीन का ही इस्तेमाल हो रहा है। इसी मशीन से गर्भवती महिलाओं का भी अल्ट्रासाउंड होता है। एक ही मशीन पर ज्यादा लोड होने के कारण जांच समय पर नहीं हो पा रही हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मरीजों को राहत देने के लिए बीते आठ जून को नई अल्ट्रासाउंड मशीन मंगवा ली थी। इसे इंस्टॉल भी कर दिया गया था लेकिन अब तक इसका इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ।
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केस -1
आशानगर की सुमन के पेट में कई दिन से दर्द हो रहा। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। सुमन अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचीं लेकिन उन्हें सोमवार को आने के लिए कहा गया।
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केस-2
महोलिया शिवपार के रहने वाले राजेंद्र पाल अपने परिवार के एक सदस्य को ओपीडी में डॉक्टर के पास ले गए थे। पेट संबंधी समस्याएं होने के कारण डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड लिख दिया। अल्ट्रासाउंड कराने गए तो वहां पहले से ही भीड़ थी। सोमवार को आने के लिए कहा गया।
अल्ट्रासाउंड के मरीजों को हो रही परेशानी की जानकारी है। नई मशीन को चालू कराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक और आवश्यक तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होते ही मशीन संचालित करा दी जाएगी। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य

फोटो-04- मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद

फोटो-04- मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद

फोटो-04- मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद