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Hardoi News: खांसी-जुकाम के मरीजों की भरमार, पर्चे से परामर्श तक भारी मशक्कत
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फोटो-08- मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पर्चा काउंटर पर लगी महिलाओं की लंबी लाइन। संवाद
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हरदोई। बारिश और उमस के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। खांसी-जुकाम के साथ ही चर्म रोगी और पेट दर्द के मरीज भी बढ़े हैं। मरीजों की बढ़ी हुई संख्या के कारण व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों और तीमारदारों को पर्चा बनवाने से लेकर परामर्श लेने तक में कई घंटे लग रहे हैं। दवा काउंटर पर भी समय लगने से मरीज बेहाल हैं।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को इलाज पाने के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है। ओपीडी में सुबह आठ बजे से ही मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है और दोपहर दो बजे तक रोजाना 2300 से 2500 मरीज परामर्श लेने पहुंच रहे हैं। बुधवार को भी 2345 मरीजों ने पंजीकरण कराया। मौसम में बदलाव के कारण मरीज बढ़े हुए हैं। इनमें महिलाओं की लाइन काफी लंबी नजर आई। जैसे-तैसे पर्चा बनवाने के बाद चिकित्सीय परामर्श के लिए गए तो वहां भी लंबी लाइन रही। ईएनटी, जनरल मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग, हृदय रोग, बाल विभाग और मानसिक चिकित्सा विभाग में भीड़ की वजह से मरीजों को बहुत समय लग गया। यही स्थिति दवा लेने में भी हुई। एक मरीजों को पर्चा बनवाने से लेकर दवा लेकर लौटने में करीब ढाई से तीन घंटे का समय लगा।
केस-1- सतौथा निवासी अभिनव ने बताया कि बच्चे के पेट में दर्द था। उसे दिखाने सुबह नौ बजे अस्पताल आ थे लेकिन पहले से ही भीड़ थी, डाॅक्टर को दिखाने से लेकर दवा लेकर लौटने में ढाई घंटे लग गए।
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केस-2- सहिजना निवासी विपिन शुक्ला ने बताया कि पेट में गांठ होने से सर्जरी विभाग में दिखाने आए थे। दर्द के बाद भी पौन घंटा पर्चा बनवाने और एक घंटे चिकित्सक को दिखाने और पौन घंटे दवा लेने में लगा।
मौसम में बदलाव से मरीजों की भीड़ बढ़ी है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। भीड़ अधिक होने पर आवश्यकतानुसार व्यवस्थाओं को व्यवस्थित कराया जाता है। -डॉ. चंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को इलाज पाने के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है। ओपीडी में सुबह आठ बजे से ही मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है और दोपहर दो बजे तक रोजाना 2300 से 2500 मरीज परामर्श लेने पहुंच रहे हैं। बुधवार को भी 2345 मरीजों ने पंजीकरण कराया। मौसम में बदलाव के कारण मरीज बढ़े हुए हैं। इनमें महिलाओं की लाइन काफी लंबी नजर आई। जैसे-तैसे पर्चा बनवाने के बाद चिकित्सीय परामर्श के लिए गए तो वहां भी लंबी लाइन रही। ईएनटी, जनरल मेडिसिन, सर्जरी, हड्डी रोग, हृदय रोग, बाल विभाग और मानसिक चिकित्सा विभाग में भीड़ की वजह से मरीजों को बहुत समय लग गया। यही स्थिति दवा लेने में भी हुई। एक मरीजों को पर्चा बनवाने से लेकर दवा लेकर लौटने में करीब ढाई से तीन घंटे का समय लगा।
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केस-1- सतौथा निवासी अभिनव ने बताया कि बच्चे के पेट में दर्द था। उसे दिखाने सुबह नौ बजे अस्पताल आ थे लेकिन पहले से ही भीड़ थी, डाॅक्टर को दिखाने से लेकर दवा लेकर लौटने में ढाई घंटे लग गए।
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केस-2- सहिजना निवासी विपिन शुक्ला ने बताया कि पेट में गांठ होने से सर्जरी विभाग में दिखाने आए थे। दर्द के बाद भी पौन घंटा पर्चा बनवाने और एक घंटे चिकित्सक को दिखाने और पौन घंटे दवा लेने में लगा।
मौसम में बदलाव से मरीजों की भीड़ बढ़ी है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। भीड़ अधिक होने पर आवश्यकतानुसार व्यवस्थाओं को व्यवस्थित कराया जाता है। -डॉ. चंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक