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Hardoi News: आषाढ़ी पर श्रद्धालुओं ने माता रानी का किया पूजन, लिया आशीर्वाद
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फोटो-01- आषाढी पर्व पर सजी माता श्रवण देवी की मूर्ति। संवाद
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हरदोई। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को आषाढ़ी पर्व के रूप में बुधवार को जिलेभर में श्रद्धा, आस्था के साथ मनाया गया। शहर के शक्तिपीठ श्रवण देवी मंदिर सहित विभिन्न दुर्गा मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। महिलाओं और श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।
महिलाओं ने मकानों की दीवारों पर आषाढ़ी बनाई और पूजन किया। मंदिरों में श्रद्धालुओं ने नारियल, चुनरी, पुष्प और प्रसाद अर्पित कर विधि-विधान से माता रानी की आराधना की। मंदिरों में दुर्गा सप्तशती, देवी भजनों से भक्तिमय माहौल रहा। लोक परंपरा के मुताबिक, महिलाओं ने परिवार की सुख-शांति, संतान की उन्नति और समृद्धि की कामना की।
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हरियावां में प्राचीन बाराही देवी के मंदिर में मेला लगा। आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में लोगों ने बाराही देवी की पूजा-अर्चना की। ग्रामीण बताते हैं मंदिर की स्थापना हरियावां के राजा सिबोल ने करीब 300 साल पहले कराई थी। तभी से आषाढ़ी पर मेला लगता आ रहा है। मेले में लोगों ने जरूरत की सामग्री की खरीदारी की। बच्चों के लिए झूले आकर्षण का केंद्र रहे।
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महिलाओं ने मकानों की दीवारों पर आषाढ़ी बनाई और पूजन किया। मंदिरों में श्रद्धालुओं ने नारियल, चुनरी, पुष्प और प्रसाद अर्पित कर विधि-विधान से माता रानी की आराधना की। मंदिरों में दुर्गा सप्तशती, देवी भजनों से भक्तिमय माहौल रहा। लोक परंपरा के मुताबिक, महिलाओं ने परिवार की सुख-शांति, संतान की उन्नति और समृद्धि की कामना की।
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हरियावां में प्राचीन बाराही देवी के मंदिर में मेला लगा। आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में लोगों ने बाराही देवी की पूजा-अर्चना की। ग्रामीण बताते हैं मंदिर की स्थापना हरियावां के राजा सिबोल ने करीब 300 साल पहले कराई थी। तभी से आषाढ़ी पर मेला लगता आ रहा है। मेले में लोगों ने जरूरत की सामग्री की खरीदारी की। बच्चों के लिए झूले आकर्षण का केंद्र रहे।

फोटो-01- आषाढी पर्व पर सजी माता श्रवण देवी की मूर्ति। संवाद

फोटो-01- आषाढी पर्व पर सजी माता श्रवण देवी की मूर्ति। संवाद
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