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Hardoi News: आंधी-बारिश से कटी फसल में दीमक-फफूंद की आशंका

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 10:44 PM IST
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Fear of termite and fungus in the crop harvested due to storm and rain
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हरदोई। आंधी और बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी है। तैयार गेहूं की फसल आंखों के सामने चौपट होती जा रही है। खेतों में कटी हुई फसल में पानी भरने से दीमक-फफूंद की आशंका बढ़ गई है। वहीं, पूरी तरह से पानी में भीगने से गेहूं के दाने के साथ ही लाक भी खराब होने लगी है। इससे मवेशियों के चारे के लिए भूसे की भी किल्लत हो जाएगी।
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अप्रैल माह में बेमौसम हवा के साथ बारिश ने खेतों में तैयार कटी और खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया है। किसानों ने कटाई के बाद थ्रेसर से मड़ाई के लिए फसल को खेतों में ही सूखने के लिए छोड़ दिया था। बेमौसम हवा के साथ हुई बारिश के पानी में भीगने से फसलें खराब हो रही हैं। इससे गेहूं के दाने की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। वहीं फसल की पराली भी सड़ने लगी है। पानी भरने के कारण पराली और गेहूं के दाने में दीमक का प्रकोप बढ़ने लगा है। पानी भरने से खेतों में नमी हो गई है और इससे फसल सूखने के बजाय रंग बदलकर काली पड़ने लगी है।
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टड़ियावां के किसान विशुन दयाल ने बताया कि खेत में बोझ बंधे पड़े हैं, बारिश में भीग गए हैं। अब उनको दोबारा से खोलकर सुखाना पड़ेगा तभी मड़ाई हो पाएगी। किसान गौरव यादव ने बताया कि वह अपने गेहूं की मड़ाई करा रहे थे कि तब तक बारिश होने लगी। आधा गेहूं ही घर ला पाए और बाकी गेहूं के बोझ खेत में भीग गए। खोलकर सुखाना पड़ेगा तभी दोबारा मड़ाई हो पाएगी।



मल्लावां में हवा के साथ हुई बारिश से गेहूं की फसल भीग गई है। तेरिया निवासी विनोद, सलेमपुर निवासी श्रवण, भवनखेड़ा निवासी कैलाश ने बताया कि कम बारिश होने से गेहूं की फसल में कोई नुकसान नहीं हुआ है। फसल भीगने की वजह से गेहूं की कटाई बंद हो गई है।



माधौगंज क्षेत्र में मौसम की मार से किसान परेशान हैं। किसान संजीव कुमार सिंह निवासी शहब्दा के मुताबिक, गेहूं की फसल तैयार खड़ी है। फसल की कटाई की जा रही थी। पानी बरसने से फसल की कटाई रुक गई वहीं कटी पड़ी फसल भीग गई। दिन में धूप निकलने पर फसल सूखने का इंतजार किया जाता लेकिन शाम तक पानी बरसने से फसल फिर से गीली हो जाती है। इससे कटी पड़ी फसल में दीमक लगने के आसार बढ़ गए है। वहीं, गेहूं काला पड़ने लगा है। किसान रामनरेश निवासी शहब्दा ने बताया कि गेहूं की फसल की बुआई के समय डीएपी खाद की किल्लत बनी रही फिर यूरिया खाद लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। जैसे-तैसे फसल तैयार हुई तो अब मौसम की मार से उबर नहीं पा रहे हैं। फसल सही सलामत घर आएगी या नहीं इसकी चिंता सताने लगी है।



कछौना क्षेत्र में किसान बहादुर शंकर, उमाशंकर, नन्हू, रमेश सिंह, परसादी, देवीदीन ने बताया कि आंधी व पानी ने गेहूं की फसल को बर्बाद कर दिया है। पानी की वजह से खड़ा गेहूं खेतों में गिर गया है। वहीं खेत में कटा पड़ा गेहूं पूरे खेत में फैल गया अब इस गेहूं को कटाने के लिए अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ेगा। पैदावार भी कम पड़ जाएगी।



बारिश से खेतों में नमी बढ़ने से दीमक और फफूंद का खतरा बढ़ जाता है, इससे फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है। ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कि जल्द से जल्द फसल को सुखाने और सुरक्षित स्थान पर रखने पर ध्यान दें। -डॉ. सतीश चंद्र पाठक, जिला कृषि अधिकारी

आंधी और बारिश से 30 प्रतिशत से कम है नुकसान
दैवी आपदा प्रभारी एडीएम प्रियंका सिंह ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों में हुई बारिश और तहसील शाहाबाद में ओला गिरने से फसलों की क्षति का आकलन कराया गया है। सभी पांचों तहसीलों के एसडीएम ने रिपोर्ट में 15 प्रतिशत से कम ही नुकसान की बात कही है। दैवी आपदा में 30 प्रतिशत से कम नुकसान पर मदद का प्रावधान नहीं है। ऐसे में जिले में अभी दैवी आपदा में क्षतिपूर्ति जैसी स्थिति नहीं बनी है।
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