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Hardoi News: अभिभावकों को देना होगा नाबालिगों को वाहन न देने का प्रमाण पत्र
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हरदोई। मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयासों में नई पहल शुरू की गई है। माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के अभिभावकों को एक प्रमाण पत्र देना होगा। इसमें बताना होगा कि वह अपने नाबालिग बच्चों को चलाने के लिए कोई वाहन नहीं दे रहे हैं। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर विद्यालयों के प्रधानाचार्याें को भी प्रमाण पत्र देना होगा कि उनके यहां नाबालिग छात्र वाहन लेकर नहीं आ रहे हैं।
शासन की ओर से 18 वर्ष आयु वर्ग से कम बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं है। विद्यालयों को पूर्व में निर्देशित किया गया था कि वह अपने विद्यालय में नाबालिग को वाहन से न आने दें और उस पर रोक लगाएं मगर इसके बावजूद विद्यालयों में नाबालिग वाहन लेकर पहुंच रहे हैं। इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने सभी प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर निर्देशित किया कि वह सभी अभिभावकों से प्रमाण पत्र प्राप्त करें जिसमें उनकी ओर से नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं दिया जा रहा है।
इसके साथ ही वह भी इस बात का प्रमाण पत्र दें कि उनके विद्यालय में 18 वर्ष आयु से कम का कोई भी छात्र स्वयं के वाहन से नहीं आ रहा है। इसके उपरांत विद्यालय में यदि 18 वर्ष आयु वर्ग से कम के छात्र-छात्राओं को वाहन से विद्यालय आते देखा गया तो विद्यालय प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की जाएगी और अभिभावकों पर भी परिवहन विभाग की ओर से जुर्माना लगाया जाएगा।
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जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुसार
विद्यालयों को एक सप्ताह में प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा। प्रमाण पत्र न देने वाले विद्यालयों के खिलाफ मान्यता प्रत्याहरण के लिए संबंधित बोर्ड को लिखा जाएगा।
यातायात प्रभारी प्रमोद कुमार के अनुसार
वाहन स्वामी या अभिभावक पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। दोषी पाए जाने पर अभिभावक को तीन साल तक की कैद की सजा हो सकती है। जिस वाहन का उपयोग नाबालिग की ओर से किया गया है उसका पंजीकरण 12 महीने के लिए रद्द कर दिया जाएगा।
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शासन की ओर से 18 वर्ष आयु वर्ग से कम बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं है। विद्यालयों को पूर्व में निर्देशित किया गया था कि वह अपने विद्यालय में नाबालिग को वाहन से न आने दें और उस पर रोक लगाएं मगर इसके बावजूद विद्यालयों में नाबालिग वाहन लेकर पहुंच रहे हैं। इस पर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने सभी प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर निर्देशित किया कि वह सभी अभिभावकों से प्रमाण पत्र प्राप्त करें जिसमें उनकी ओर से नाबालिग बच्चों को वाहन नहीं दिया जा रहा है।
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इसके साथ ही वह भी इस बात का प्रमाण पत्र दें कि उनके विद्यालय में 18 वर्ष आयु से कम का कोई भी छात्र स्वयं के वाहन से नहीं आ रहा है। इसके उपरांत विद्यालय में यदि 18 वर्ष आयु वर्ग से कम के छात्र-छात्राओं को वाहन से विद्यालय आते देखा गया तो विद्यालय प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की जाएगी और अभिभावकों पर भी परिवहन विभाग की ओर से जुर्माना लगाया जाएगा।
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जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुसार
विद्यालयों को एक सप्ताह में प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा। प्रमाण पत्र न देने वाले विद्यालयों के खिलाफ मान्यता प्रत्याहरण के लिए संबंधित बोर्ड को लिखा जाएगा।
यातायात प्रभारी प्रमोद कुमार के अनुसार
वाहन स्वामी या अभिभावक पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। दोषी पाए जाने पर अभिभावक को तीन साल तक की कैद की सजा हो सकती है। जिस वाहन का उपयोग नाबालिग की ओर से किया गया है उसका पंजीकरण 12 महीने के लिए रद्द कर दिया जाएगा।