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Hardoi News: यहां तो दो हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले ले रहे भरण-पोषण पेंशन
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हरदोई। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले बुजुर्गों के भरण-पोषण में सेंध लग गई। 60 साल व इससे अधिक आयु के बुजुर्गों को मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन में दो हेक्टेयर से अधिक भूमि के मालिक भी शामिल हो गए हैं। जिले में करीब 3,410 पेंशनर्स दो हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले चिह्नित हुए हैं। यह लोग वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे हैं।
सामाजिक सहायता कार्यक्रम में आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को भरण-पोषण के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना में लाभान्वित करने की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य बुजुर्गों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले बुजुर्ग पात्र माने जाते हैं। योजना में लाभार्थियों को एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। वैसे तो जिले में 1,69,105 बुजुर्ग पेंशन पा रहे हैं। इसमें करीब 3,410 पेंशनर्स के नाम पर दो हेक्टेयर से अधिक भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। संदिग्ध डेटा में यह संख्या सामने आई है जबकि अपात्र श्रेणी में और भी पेंशनर्स होने की आशंका जताई जा रही है।
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स्वीकृति और सत्यापन व्यवस्था पर सवाल
चयन और सत्यापन प्रक्रिया के बाद पेंशन स्वीकृत की जाती है। ऐसे में सवाल है कि पेंशन स्वीकृति के समय लाभार्थियों की भूमि संबंधी जानकारी की जांच की गई या फिर गांव की राजनीति में अनदेखा करा दिया गया। यहां तो बात ठीक थी लेकिन बाद में होने वाले सत्यापन में भी दो हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले पेंशनर्स को पात्रता की श्रेणी में शामिल किया जाता रहा। ऐसे में पहले हुए सत्यापन पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
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पात्रों की जगह अपात्रों को मिल रहा लाभ
आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को सहारा देने के लिए शुरू की गई योजना में अपात्रों के शामिल होने से सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है। चिह्नित किए गए 3,410 पेंशनर्स ने पात्रों का हक मारने का काम किया है।
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ब्लॉकवार दो हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले पेंशनर्स पर एक नजर
. ब्लाॅक : पेंशनर्स
. अहिरोरी : 270
. बावन : 283
. बेहंदर : 199
. भरावन : 168
. भरखनी : 185
. बिलग्राम : 199
. हरियावां : 89
. हरपालपुर : 165
. कछौना : 164
. कोथावां : 307
. माधौगंज : 137
. मल्लावां : 128
. पिहानी : 87
. सांडी : 143
. संडीला : 178
. शाहाबाद 133
. सुरसा : 180
. टड़ियावां : 168
. टोडरपुर : 138
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योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं। वृद्धावस्था पेंशन योजना में जिले में 1,69,105 बुजुर्ग पेंशन पा रहे हैं। योजना में पेंशन के ग्राम पंचायत से प्रस्ताव आते हैं उसी पर सत्यापन आदि की प्रक्रिया के बाद पात्रता की श्रेणी में आने पर स्वीकृति दी जाती है। यहां पर ग्रामीण क्षेत्र के 3,370 और नगरीय क्षेत्र के 40 पेंशनर्स दो हेक्टेयर व इससे अधिक भूमि वाले चिह्नित किए गए हैं। इनका सत्यापन बीडीओ और एसडीएम के माध्यम से कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। -अवनीाश कुमार यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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सामाजिक सहायता कार्यक्रम में आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को भरण-पोषण के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना में लाभान्वित करने की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य बुजुर्गों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले बुजुर्ग पात्र माने जाते हैं। योजना में लाभार्थियों को एक हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। वैसे तो जिले में 1,69,105 बुजुर्ग पेंशन पा रहे हैं। इसमें करीब 3,410 पेंशनर्स के नाम पर दो हेक्टेयर से अधिक भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। संदिग्ध डेटा में यह संख्या सामने आई है जबकि अपात्र श्रेणी में और भी पेंशनर्स होने की आशंका जताई जा रही है।
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स्वीकृति और सत्यापन व्यवस्था पर सवाल
चयन और सत्यापन प्रक्रिया के बाद पेंशन स्वीकृत की जाती है। ऐसे में सवाल है कि पेंशन स्वीकृति के समय लाभार्थियों की भूमि संबंधी जानकारी की जांच की गई या फिर गांव की राजनीति में अनदेखा करा दिया गया। यहां तो बात ठीक थी लेकिन बाद में होने वाले सत्यापन में भी दो हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले पेंशनर्स को पात्रता की श्रेणी में शामिल किया जाता रहा। ऐसे में पहले हुए सत्यापन पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
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पात्रों की जगह अपात्रों को मिल रहा लाभ
आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को सहारा देने के लिए शुरू की गई योजना में अपात्रों के शामिल होने से सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है। चिह्नित किए गए 3,410 पेंशनर्स ने पात्रों का हक मारने का काम किया है।
ब्लॉकवार दो हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले पेंशनर्स पर एक नजर
. ब्लाॅक : पेंशनर्स
. अहिरोरी : 270
. बावन : 283
. बेहंदर : 199
. भरावन : 168
. भरखनी : 185
. बिलग्राम : 199
. हरियावां : 89
. हरपालपुर : 165
. कछौना : 164
. कोथावां : 307
. माधौगंज : 137
. मल्लावां : 128
. पिहानी : 87
. सांडी : 143
. संडीला : 178
. शाहाबाद 133
. सुरसा : 180
. टड़ियावां : 168
. टोडरपुर : 138
योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं। वृद्धावस्था पेंशन योजना में जिले में 1,69,105 बुजुर्ग पेंशन पा रहे हैं। योजना में पेंशन के ग्राम पंचायत से प्रस्ताव आते हैं उसी पर सत्यापन आदि की प्रक्रिया के बाद पात्रता की श्रेणी में आने पर स्वीकृति दी जाती है। यहां पर ग्रामीण क्षेत्र के 3,370 और नगरीय क्षेत्र के 40 पेंशनर्स दो हेक्टेयर व इससे अधिक भूमि वाले चिह्नित किए गए हैं। इनका सत्यापन बीडीओ और एसडीएम के माध्यम से कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। -अवनीाश कुमार यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी