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Hardoi News: गर्रा में 30 सेंटीमीटर बढ़ा पानी, फसलों और गांवों की किया रुख
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फोटो 35: बिलग्राम के म्योरा गांव में फसलों में तक पहुंचा पानी। संवाद
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हरदोई/बिलग्राम। बरसात और बैराजों के पानी से नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। गर्रा नदी के पानी में 24 घंटे में करीब 30 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। वहीं कटरी क्षेत्र में पानी ने फसलों और गांवों की ओर रुख किया। नदियों के पानी ने बाढ़ की आशंका ने कटरी और कटियारी क्षेत्र के लोगों की धुकधुकी बढ़ा दी है।
पहाड़ों पर होने वाली बरसात के साथ ही यहां भी बरसात लगातार होने से नदियों और नालों में पानी तेजी से बढ़ा है। वहीं बैराजों से छोड़े जाने वाली पानी से कटरी और कटियारी क्षेत्र में बाढ़ की आशंका बढ़ती जा रही है। मंगलवार को गर्रा नदी के पानी में शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 30 सेंटीमीटर पानी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां पर पानी 144.00 मीटर गेज से बढ़कर 144.30 मीटर गेज पर पहुंच गया है।
वहीं पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 1,728 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं गंगा नदी का पानी राजघाट पर तीन सेंटीमीटर कम दर्ज किया गया और पानी 125.67 मीटर गेज पर आया है, वहीं फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर गंगा नदी का पानी तीसरे दिन भी 136.85 मीटर गेज पर बना हुआ है। जबकि रामगंगा नदी के पानी में तीन सेंटीमीटर के बढ़ोतरी हुई और शाहजहांपुर के डबरी घाट पर 134.61 मीटर गेज पर पहुंचा है।
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गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1,15,137 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।बिलग्राम प्रतिनिधि के मुताबिक, क्षेत्र में गंगा नदी का पानी घटते-बढ़ते क्रम को बनाए हुए है। पानी बढ़ने से आने वाले समय में संभावित बाढ़ को लेकर ग्रामीणों में कौतूहल बना हुआ है। क्षेत्र में राजघाट का मेला और कांवड़ यात्रियों का आवागमन भी जारी है। उफनाई गंगा नदी से जल लेने आ रहे कांवड़ियाें को लेकर प्रशासन ने कम गहरे जलस्तर वाले स्थानों पर बेरिकेडिंग लगाई गई है।
उपजिलाधिकारी एन राम के मुताबिक, हर दृष्टिकोण से नदी पर नजर रखी जा रही है। पानी नियंत्रित है। गांवों में बरसात से स्थितियां खराब हुईं हैं। म्योरा गांव में नाले का पानी फसलों की ओर बढ़कर खेतों को जलमग्न कर रहा है। बरगांवा गांव के निकट डामरीकृत मार्ग पर पानी भरा हुआ है। इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है।
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पहाड़ों पर होने वाली बरसात के साथ ही यहां भी बरसात लगातार होने से नदियों और नालों में पानी तेजी से बढ़ा है। वहीं बैराजों से छोड़े जाने वाली पानी से कटरी और कटियारी क्षेत्र में बाढ़ की आशंका बढ़ती जा रही है। मंगलवार को गर्रा नदी के पानी में शाहजहांपुर के मुमोक्ष आश्रम घाट पर 30 सेंटीमीटर पानी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां पर पानी 144.00 मीटर गेज से बढ़कर 144.30 मीटर गेज पर पहुंच गया है।
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वहीं पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 1,728 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं गंगा नदी का पानी राजघाट पर तीन सेंटीमीटर कम दर्ज किया गया और पानी 125.67 मीटर गेज पर आया है, वहीं फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर गंगा नदी का पानी तीसरे दिन भी 136.85 मीटर गेज पर बना हुआ है। जबकि रामगंगा नदी के पानी में तीन सेंटीमीटर के बढ़ोतरी हुई और शाहजहांपुर के डबरी घाट पर 134.61 मीटर गेज पर पहुंचा है।
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गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1,15,137 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।बिलग्राम प्रतिनिधि के मुताबिक, क्षेत्र में गंगा नदी का पानी घटते-बढ़ते क्रम को बनाए हुए है। पानी बढ़ने से आने वाले समय में संभावित बाढ़ को लेकर ग्रामीणों में कौतूहल बना हुआ है। क्षेत्र में राजघाट का मेला और कांवड़ यात्रियों का आवागमन भी जारी है। उफनाई गंगा नदी से जल लेने आ रहे कांवड़ियाें को लेकर प्रशासन ने कम गहरे जलस्तर वाले स्थानों पर बेरिकेडिंग लगाई गई है।
उपजिलाधिकारी एन राम के मुताबिक, हर दृष्टिकोण से नदी पर नजर रखी जा रही है। पानी नियंत्रित है। गांवों में बरसात से स्थितियां खराब हुईं हैं। म्योरा गांव में नाले का पानी फसलों की ओर बढ़कर खेतों को जलमग्न कर रहा है। बरगांवा गांव के निकट डामरीकृत मार्ग पर पानी भरा हुआ है। इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है।

फोटो 35: बिलग्राम के म्योरा गांव में फसलों में तक पहुंचा पानी। संवाद