{"_id":"6a6a38c796616804330c1f77","slug":"high-court-issues-notices-to-22-bar-association-office-bearers-regarding-the-sdm-lekhpal-dispute-hardoi-news-c-213-1-sknp1042-153996-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: एसडीएम लेखपाल विवाद में हाईकोर्ट ने बार एसाेसिएशन के 22 पदाधिकारियों को भेजा नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: एसडीएम लेखपाल विवाद में हाईकोर्ट ने बार एसाेसिएशन के 22 पदाधिकारियों को भेजा नोटिस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहाबाद। बीते छह जुलाई को तत्कालीन एसडीएम और अधिवक्ता की लेखपाल बेटी के बीच हुए विवाद में कार्रवाई का सिलसिला थम नहीं रहा है। लेखपाल के निलंबन के बाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शाहाबाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख दिखाया है। बार एसोसिएशन के 22 पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण जिला जज कार्यालय में देने के आदेश हाईकोर्ट ने दिए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर पदों से हटाने की कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी।
बीते छह जुलाई को महिला लेखपाल पूजा और तत्कालीन एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा के बीच विवाद हुआ था। पूजा ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए थे। पूजा के पिता राकेश कुमार तहसील में ही अधिवक्ता हैं। विवाद के अगले दिन ही शाहाबाद बार एसोसिएशन ने एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार कर दिया था। मामले में अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोटिस जारी की है।
नोटिस में कहा गया कि उच्चतम न्यायालय ने 20 दिसंबर 2024 को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कोई भी बार एसोसिएशन कार्य दिवस में न्यायिक कार्य के बहिष्कार या हड़ताल का प्रस्ताव पारित नहीं करेगी। इसके बावजूद शाहाबाद अधिवक्ता संघ ने सात जुलाई को एसडीएम न्यायालय के न्यायिक कार्य के बहिष्कार और हड़ताल का निर्णय लिया जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना माना गया।
विज्ञापन
हाईकोर्ट की ओर से अध्यक्ष विमलेश सिंह लोधी, महामंत्री बलराम दीक्षित, उपाध्यक्ष गिरींद्र प्रकाश मिश्रा, हरिनाम सिंह समेत कुल 22 पदाधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी से पूछा गया कि उन्हें बार एसोसिएशन के पदों से क्यों न हटाया जाए। तत्कालीन एसडीएम सुशील मिश्रा इन दिनों बरेली में आंवला के एसडीएम हैं।
विज्ञापन
बीते छह जुलाई को महिला लेखपाल पूजा और तत्कालीन एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा के बीच विवाद हुआ था। पूजा ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए थे। पूजा के पिता राकेश कुमार तहसील में ही अधिवक्ता हैं। विवाद के अगले दिन ही शाहाबाद बार एसोसिएशन ने एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार कर दिया था। मामले में अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नोटिस जारी की है।
विज्ञापन
नोटिस में कहा गया कि उच्चतम न्यायालय ने 20 दिसंबर 2024 को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कोई भी बार एसोसिएशन कार्य दिवस में न्यायिक कार्य के बहिष्कार या हड़ताल का प्रस्ताव पारित नहीं करेगी। इसके बावजूद शाहाबाद अधिवक्ता संघ ने सात जुलाई को एसडीएम न्यायालय के न्यायिक कार्य के बहिष्कार और हड़ताल का निर्णय लिया जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवहेलना माना गया।
विज्ञापन
हाईकोर्ट की ओर से अध्यक्ष विमलेश सिंह लोधी, महामंत्री बलराम दीक्षित, उपाध्यक्ष गिरींद्र प्रकाश मिश्रा, हरिनाम सिंह समेत कुल 22 पदाधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। सभी से पूछा गया कि उन्हें बार एसोसिएशन के पदों से क्यों न हटाया जाए। तत्कालीन एसडीएम सुशील मिश्रा इन दिनों बरेली में आंवला के एसडीएम हैं।