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Hardoi News: नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को 20 साल की सजा

Wed, 12 Aug 2026 11:35 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:35 PM IST
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Man sentenced to 20 years in prison for raping a minor
हरदोई। किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट (कोर्ट संख्या-14) दिनेश गौड़ ने दोषी करार दिया। दोषी को 20 साल की सजा सुनाने के साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की 90 फीसदी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने के आदेेश भी दिए।
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कछौना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी शख्स ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 10 जून 2022 की रात उसकी बेटी घर से गायब हो गई थी। इस दौरान पता चला कि बेटी अपने साथ मोबाइल और कुछ जेवर भी ले गई थी। पिता की शिकायत पर पुलिस ने गांव निवासी दिनेश के खिलाफ बहलाकर ले जाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने दिनेश और किशोरी को तलाश लिया था।
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सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई थी कि घटना से एक सप्ताह पहले दिनेश बाइक से किशोरी को अपने साथ ले गया था। तब बघौली चौक पर पुलिस ने दोनों को बालामऊ बस स्टैंड से पकड़ लिया था और परिजन को सौंप दिया था। मजिस्ट्रेट के सामने हुए बयानों में किशोरी ने कहा था कि वह आरोपी से शादी करना चाहती है।
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घटना वाले दिन उसके पास अभियुक्त ने फोन करके मिलने को बुलाया था। इसके बात दिनेश उसे अपने साथ ताऊ के यहां ले गया था। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाहों को पेश किया गया इसके साथ ही नौ अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। मामले की सुनवाई पूरी कर अपर जिला जज ने कहा कि पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर सिद्ध होता है कि दोनों के मध्य प्रेम प्रसंग था। दोनों सहमति से साथ गए थे। घटना के समय पीड़िता की उम्र 14 साल 11 माह थी। कानून की नजर में नाबालिग की सहमति शून्य होती है। इस कारण दिनेश को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई।



पीड़िता की उम्र पर उलझा रहा मामला
आरोपी पक्ष ने किशोरी को बालिग साबित करने के लिए पीड़िता के माता-पिता के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट का सहारा लिया। माता-पिता ने न्यायालय में बताया कि वे अनपढ़ हैं और स्कूल में दाखिले के समय बेटी की जन्मतिथि अंदाजे से बताई थी। रेडियोलॉजिकल जांच में किशोरी की उम्र करीब 17 वर्ष बताई गई थी। स्कूली अभिलेखों में उम्र 15 साल दर्ज थी।
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