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Hardoi News: दो दिन से पोर्टेबल एक्सरे मशीन बंद, मरीजों को करना होगा इंतजार
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली मरीजों का दर्द बढ़ा रही है। मेडिकल कॉलेज की एकमात्र पोर्टेबल एक्सरे मशीन लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी खराब रही। इस कारण मरीजों के एक्सरे नहीं हो पाए। दावा है कि मशीन की मरम्मत के लिए टेक्नीशियन बुलाए गए थे लेकिन आए नहीं। इससे मरीजों को परेशानी हुई। ज्यादातर मरीजों ने निजी सेंटरों पर जाकर जांच कराई।
मेडिकल कॉलेज में एक्सरे की सुविधा न मिलना मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। पोर्टेबल मशीन से एक्सरे हो रहे थे लेकिन शुक्रवार को मशीन की पिक्चर ट्यूब खराब होने से वह जांच भी बंद हो गई। बता दें कि हड्डी विभाग की ओपीडी में रोजाना 200 के करीब मरीज आते हैं। इनमें से 120 के आसपास मरीजों का एक्सरे तो कराया ही जाता है। इसके अलावा सांस संबंधी रोगियों के भी रोजाना 30 से 40 एक्सरे होते हैं। कुल मिलाकर रोजाना 170 से 180 के बीच एक्सरे किए जा रहे हैं।
डिजिटल मशीन तो पहले से बंद है तो पोर्टेबल मशीन ही एकमात्र सहारा है। अब वह भी खराब होने से मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटर की तरफ रुख करना पड़ रहा है। जहां मरीजों से 500 से 800 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। मशीन खराब होने पर टेक्नीशियन को बुलाया गया था लेकिन वह नहीं आ पाए। बताया जा रहा है कि अभी मशीन बनने में थोड़ा समय लग सकता है। प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने बताया कि टेक्नीशियन को जानकारी दी जा चुकी है जल्द ही मशीन दुरुस्त कराई जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज में एक्सरे की सुविधा न मिलना मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। पोर्टेबल मशीन से एक्सरे हो रहे थे लेकिन शुक्रवार को मशीन की पिक्चर ट्यूब खराब होने से वह जांच भी बंद हो गई। बता दें कि हड्डी विभाग की ओपीडी में रोजाना 200 के करीब मरीज आते हैं। इनमें से 120 के आसपास मरीजों का एक्सरे तो कराया ही जाता है। इसके अलावा सांस संबंधी रोगियों के भी रोजाना 30 से 40 एक्सरे होते हैं। कुल मिलाकर रोजाना 170 से 180 के बीच एक्सरे किए जा रहे हैं।
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डिजिटल मशीन तो पहले से बंद है तो पोर्टेबल मशीन ही एकमात्र सहारा है। अब वह भी खराब होने से मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटर की तरफ रुख करना पड़ रहा है। जहां मरीजों से 500 से 800 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। मशीन खराब होने पर टेक्नीशियन को बुलाया गया था लेकिन वह नहीं आ पाए। बताया जा रहा है कि अभी मशीन बनने में थोड़ा समय लग सकता है। प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने बताया कि टेक्नीशियन को जानकारी दी जा चुकी है जल्द ही मशीन दुरुस्त कराई जाएगी।