{"_id":"69628995db1cefd07509b4c2","slug":"the-government-team-found-expired-painkillers-kept-in-the-nursing-station-hardoi-news-c-213-1-hra1004-143145-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: शासन की टीम को नर्सिंग स्टेशन में रखी मिलीं दर्द निवारक एक्सपायरी दवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: शासन की टीम को नर्सिंग स्टेशन में रखी मिलीं दर्द निवारक एक्सपायरी दवाएं
विज्ञापन
फोटो- 22- दवा पर पड़ी एक्सपायरी डेट। संवाद
विज्ञापन
हरदोई। प्रथम सदंर्भन इकाई (एफआरयू) में शामिल मेडिकल काॅलेज के जिला महिला अस्पताल में जांच के लिए पहुंची टीम को कई खामियां मिलीं। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन की टीम ने प्रसव की व्यवस्थाओं से लेकर खाने का मेन्यू और दवाओं तक का निरीक्षण किया। नर्सिंग स्टेशन की फार्मेसी में एक्सपायरी दवाएं मिलने पर टीम ने नाराजगी व्यक्त की और दवाओं को फेंकवा दिया। प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं के संबंध में बनाए गए रजिस्टर में सूचनाएं स्पष्ट न होने पर उन्होंने इंचार्ज से स्पष्टीकरण तलब किया।
शासन के निर्देश पर प्रथम संदर्भन इकाई पर प्रसवों की स्थिति का जायजा लेने के लिए बीते तीन दिन से स्टेट ट्रांसफाॅर्मेशन की टीम जिले में हैं। संडीला, पिहानी, हरपालपुर और बिलग्राम में निरीक्षण के बाद टीम मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल पहुंची। टीम में शामिल एआरओ डॉ. हरिओम शुक्ला ने महिला अस्पताल में प्रसव से संबंधित जानकारियां लीं। प्रसव रजिस्टर, रेफरल आउट रजिस्टर में गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण जानकारी और मोबाइल नंबर और एमटीटीएस नंबर सहित अन्य जानकारी न लिखी होने पर लेबर रूम प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब किया।
टीम को नर्सिंग स्टेशन की फार्मेसी में दर्द की ट्रामाडोल दवा एक्सपायर मिली। इस पर एआरओ ने काफी नाराजगी व्यक्त की। सभी दवाओं को कूड़ेदान में फेंकवाया गया और स्टाफ को दवाओं की एक्सपायरी जांचने के बाद दिए जाने की चेतावनी दी। टीम ने वार्ड में भर्ती प्रसूताओं से भी जानकारी ली। साथ ही खाने का मेन्यू भी जांचा। एक सामान मेन्यू देखकर भी नाराजगी व्यक्त की और रोजाना खाना बदलने के निर्देश दिए।
ओपीडी फार्मेसी में नहीं हाइपरटेंशन की दवा
हरदोई। गर्भवती महिलाओं में हाइपरटेंशन की समस्या अधिक होती है। हर माह 20 से 25 गर्भवती महिलाएं हाइपरटेंशन की समस्या से ग्रसित होकर ओपीडी में आती हैं। टीम ने ओपीडी की फार्मेसी का निरीक्षण किया तो बीते कई महीनों से हाइपरटेंशन की दवा न होने की बात बताई गई। फार्मेसी प्रभारी ने बताया कि दवा की सप्लाई ही बंद है जबकि एआरओ ने अन्य एफआरयू पर हाइपरटेंशन की दवा होने की बात कही। प्रबंधन प्रभारी डॉ. अभिरव अवस्थी ने भी दवा की सप्लाई रुकी होने का समर्थन किया।
स्टाफ को नहीं पता इंजेक्शनों की बेसिक जानकारी
हरदाेई। महिला अस्पताल में जिले भर से प्रसूताएं प्रसव कराने आती हैं। इसके बावजूद टीम ने यहां की व्यवस्था को सबसे बदतर बताया। एआरओ डॉ. हरिओम शुक्ला ने बताया कि दस्तावेज तक पूरे नहीं हैं। कितनी प्रसूताएं आईं और कितनी रेफर हुईं कितने जुड़वा बच्चे पैदा हुए। किसी भी रजिस्टर में जानकारियां पूरी नहीं हैं। रजिस्टरों पर संक्षिप्त विवरण भी तैयार नहीं है। स्टाफ को इंजेक्शन कितने तापमान पर रखना चाहिए यह भी पता नहीं है। कहा कि सभी रिपोर्ट मुख्यमंत्री की आगामी होने वाली बैठक में दी जाएंगी।
Trending Videos
शासन के निर्देश पर प्रथम संदर्भन इकाई पर प्रसवों की स्थिति का जायजा लेने के लिए बीते तीन दिन से स्टेट ट्रांसफाॅर्मेशन की टीम जिले में हैं। संडीला, पिहानी, हरपालपुर और बिलग्राम में निरीक्षण के बाद टीम मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल पहुंची। टीम में शामिल एआरओ डॉ. हरिओम शुक्ला ने महिला अस्पताल में प्रसव से संबंधित जानकारियां लीं। प्रसव रजिस्टर, रेफरल आउट रजिस्टर में गर्भवती महिलाओं की संपूर्ण जानकारी और मोबाइल नंबर और एमटीटीएस नंबर सहित अन्य जानकारी न लिखी होने पर लेबर रूम प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
टीम को नर्सिंग स्टेशन की फार्मेसी में दर्द की ट्रामाडोल दवा एक्सपायर मिली। इस पर एआरओ ने काफी नाराजगी व्यक्त की। सभी दवाओं को कूड़ेदान में फेंकवाया गया और स्टाफ को दवाओं की एक्सपायरी जांचने के बाद दिए जाने की चेतावनी दी। टीम ने वार्ड में भर्ती प्रसूताओं से भी जानकारी ली। साथ ही खाने का मेन्यू भी जांचा। एक सामान मेन्यू देखकर भी नाराजगी व्यक्त की और रोजाना खाना बदलने के निर्देश दिए।
ओपीडी फार्मेसी में नहीं हाइपरटेंशन की दवा
हरदोई। गर्भवती महिलाओं में हाइपरटेंशन की समस्या अधिक होती है। हर माह 20 से 25 गर्भवती महिलाएं हाइपरटेंशन की समस्या से ग्रसित होकर ओपीडी में आती हैं। टीम ने ओपीडी की फार्मेसी का निरीक्षण किया तो बीते कई महीनों से हाइपरटेंशन की दवा न होने की बात बताई गई। फार्मेसी प्रभारी ने बताया कि दवा की सप्लाई ही बंद है जबकि एआरओ ने अन्य एफआरयू पर हाइपरटेंशन की दवा होने की बात कही। प्रबंधन प्रभारी डॉ. अभिरव अवस्थी ने भी दवा की सप्लाई रुकी होने का समर्थन किया।
स्टाफ को नहीं पता इंजेक्शनों की बेसिक जानकारी
हरदाेई। महिला अस्पताल में जिले भर से प्रसूताएं प्रसव कराने आती हैं। इसके बावजूद टीम ने यहां की व्यवस्था को सबसे बदतर बताया। एआरओ डॉ. हरिओम शुक्ला ने बताया कि दस्तावेज तक पूरे नहीं हैं। कितनी प्रसूताएं आईं और कितनी रेफर हुईं कितने जुड़वा बच्चे पैदा हुए। किसी भी रजिस्टर में जानकारियां पूरी नहीं हैं। रजिस्टरों पर संक्षिप्त विवरण भी तैयार नहीं है। स्टाफ को इंजेक्शन कितने तापमान पर रखना चाहिए यह भी पता नहीं है। कहा कि सभी रिपोर्ट मुख्यमंत्री की आगामी होने वाली बैठक में दी जाएंगी।

फोटो- 22- दवा पर पड़ी एक्सपायरी डेट। संवाद