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Hardoi News: ईको टूरिज्म के रूप में विकसित होगा रुइयागढ़ी, एक करोड़ रुपये से होंगे काम
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फोटो 17: रुईयागढ़ी पर बना राजा नरपत सिंह का स्मारक स्थल। संवाद
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हरदोई। आजादी की लड़ाई में 1857 की क्रांति में रुईयागढ़ी का जिक्र आना लाजमी है। शासन ने रुईयागढ़ी को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किए जाने की रणनीति बनाई है। रुईयागढ़ी को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किए जाने के लिए वन विभाग ने एक करोड़ से अधिक रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। जिसे शासन को भेज भी दिया गया है। शासन से जल्द ही मंजूरी की भी उम्मीद है।
साल 1857 की क्रांति को जब भी इतिहास की किताबों में पढ़ा जाएगा तो मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे के साथ ही माधौगंज क्षेत्र के रुईयागढ़ी के राजा रहे राजा नरपत सिंह का भी नाम आएगा। राजा नरपत सिंह के पिता राजा जसा सिंह और माता वीरमती थीं। पिता की मृत्यु के बाद साल 1853 में नरपत सिंह राजा बने। उसी के बाद साल 1857 में अंग्रेजों ने रुईयागढ़ी पर आक्रमण किया। राजा नरपत सिंह ने अंग्रेजों से युद्ध किया और अंग्रेजी हुकूमत के कई अधिकारियों और सैनिकों को मार गिराया था। 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रुईयागढ़ी आए थे। वैसे तो वहां पर कई काम कराए गए हैं लेकिन मुख्यमंत्री के आने के बाद से रुईयागढ़ी के विकास को पंख लगने शुरू हो गए।
रुईयागढ़ी में ईको टूरिज्म की संभावनाओं को देखते हुए वहां पर ईको टूरिज्म के काम कराए जाने के लिए शासन ने जिले से प्रस्ताव मांग लिया है। वन विभाग की ओर से वहां पर कराए जाने वाले काम और पौधरोपण आदि का प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेज दिया गया है।
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रुईयागढ़ी को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किए जाने के लिए विभाग की तरफ से प्रस्ताव तैयार कराया गया है। करीब एक करोड़ से अधिक रुपये का प्रस्ताव तैयार कराते हुए शासन को भेजा गया है। शासन से जल्द मंजूरी की उम्मीद है। -जेबी सेंडे, डीएफओ
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साल 1857 की क्रांति को जब भी इतिहास की किताबों में पढ़ा जाएगा तो मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे के साथ ही माधौगंज क्षेत्र के रुईयागढ़ी के राजा रहे राजा नरपत सिंह का भी नाम आएगा। राजा नरपत सिंह के पिता राजा जसा सिंह और माता वीरमती थीं। पिता की मृत्यु के बाद साल 1853 में नरपत सिंह राजा बने। उसी के बाद साल 1857 में अंग्रेजों ने रुईयागढ़ी पर आक्रमण किया। राजा नरपत सिंह ने अंग्रेजों से युद्ध किया और अंग्रेजी हुकूमत के कई अधिकारियों और सैनिकों को मार गिराया था। 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रुईयागढ़ी आए थे। वैसे तो वहां पर कई काम कराए गए हैं लेकिन मुख्यमंत्री के आने के बाद से रुईयागढ़ी के विकास को पंख लगने शुरू हो गए।
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रुईयागढ़ी में ईको टूरिज्म की संभावनाओं को देखते हुए वहां पर ईको टूरिज्म के काम कराए जाने के लिए शासन ने जिले से प्रस्ताव मांग लिया है। वन विभाग की ओर से वहां पर कराए जाने वाले काम और पौधरोपण आदि का प्रस्ताव तैयार कराकर शासन को भेज दिया गया है।
रुईयागढ़ी को ईको टूरिज्म के रूप में विकसित किए जाने के लिए विभाग की तरफ से प्रस्ताव तैयार कराया गया है। करीब एक करोड़ से अधिक रुपये का प्रस्ताव तैयार कराते हुए शासन को भेजा गया है। शासन से जल्द मंजूरी की उम्मीद है। -जेबी सेंडे, डीएफओ