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Hardoi News: गर्भवतियों को नहीं मिल रहीं फॉलिक एसिड व विटामिन डी-3 की दवाएं
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फोटो- 20- महिला अस्पताल की ओपीडी में परामर्श लेने आईं महिलाएं। संवाद
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वालीं गर्भवती महिलाओं को आवश्यक पोषण संबंधी दवाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। अस्पताल की फार्मेसी में कई दिनों से फॉलिक एसिड और विटामिन डी-3 की दवाओं का स्टॉक खत्म होने के कारण गर्भवतियों को बाजार से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। इससे आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ ही गर्भ में पल रहे शिशु के समुचित विकास और मां के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
गर्भावस्था के दौरान प्रथम तीन माह में गर्भवतियों के लिए फाॅलिक एसिड एक बहुत महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। यह प्रेग्नेंसी की शुरुआती अवस्था में ही बच्चे के दिमाग और रीढ़ की हड्डी के विकास में अहम भूमिका निभाता है। गर्भधारण से पहले और गर्भावस्था के दौरान फॉलिक एसिड लेने से न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स का जोखिम काफी कम हो जाता है और बच्चे के समग्र विकास को समर्थन मिलता है।
गर्भवती महिलाओं को फॉलिक एसिड और विटामिन डी-3 की दवा पहले माह से ही दी जाने लगती है लेकिन स्थानीय मेडिकल कॉलेज की फार्मेसी का हाल यह है कि फॉलिक एसिड और विटामिन डी-3 समेत कई महत्वपूर्ण दवाओं की कमी महीनों से बनी हुई है। ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच और उपचार के लिए पहुंचती हैं। डॉक्टर दवाएं तो लिख रहे हैं लेकिन फार्मेसी में दवा न होने से मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही है।
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इक्का-दुक्का ही दवा मिली
केस-1- शहर के रेलवेगंज निवासी कोमल पांडेय ओपीडी में डाॅक्टर से परामर्श लेने गई थीं। डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें पर्चे पर फाॅलिक एसिड और विटामिन डी समेत अन्य दवाएं लिखीं। वह फार्मेसी में दवा लेने पहुंचीं तो इक्का-दुक्का दवा मिली लेकिन फॉलिक एसिड और विटामिन की दवा नहीं मिली। उन्हें मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ीं।
केस-2- बहरा सौदागर निवासी सोनिया भी अपनी जांच कराने महिला अस्पताल की ओपीडी पहुंचीं। जांच के बाद उन्हें भी डॉक्टर ने फाॅलिक एसिड की दवा लिखी। दवा न मिलने पर मेडिकल स्टोर से 90 रुपये में दवा का पत्ता खरीदना पड़ा। बताया कि अस्पताल में जाे दवा मुफ्त में मिलनी चाहिए उसके लिए रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
क्यों जरुरी है फॉलिक एसिड की दवा
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. बुशरा बहार ने बताया कि फोलिक एसिड बच्चे की न्यूरल ट्यूब बनाने में मदद करता है जो आगे चलकर बच्चे का दिमाग और रीढ़ की हड्डी को विकसित करता है। अगर शरीर में फोलिक एसिड की कमी हो तो न्यूरल ट्यूब सही तरह से बंद नहीं हो पाती जिससे गंभीर जन्म दोष हो सकते हैं। इससे बच्चे आजीवन दिव्यांगता का शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा फोलिक एसिड डीएनए और आरएनए बनने की प्रक्रिया में मदद करता है। लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक, प्लेसेंटा के सही कार्य में मदद करता है। कम जन्म वजन और समय से पहले डिलीवरी के जोखिम को घटाने में मदद करता है।
मेडिकल कॉलेज में दवाओं की कमी नहीं होने दी जा रही है। अभी कुछ दिन पहले ही 20 लाख की डिमांड भेजी गई है। कई बार वेयर हाउस से दवाएं मिलने में देरी हो जाती है। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य
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गर्भावस्था के दौरान प्रथम तीन माह में गर्भवतियों के लिए फाॅलिक एसिड एक बहुत महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। यह प्रेग्नेंसी की शुरुआती अवस्था में ही बच्चे के दिमाग और रीढ़ की हड्डी के विकास में अहम भूमिका निभाता है। गर्भधारण से पहले और गर्भावस्था के दौरान फॉलिक एसिड लेने से न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स का जोखिम काफी कम हो जाता है और बच्चे के समग्र विकास को समर्थन मिलता है।
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गर्भवती महिलाओं को फॉलिक एसिड और विटामिन डी-3 की दवा पहले माह से ही दी जाने लगती है लेकिन स्थानीय मेडिकल कॉलेज की फार्मेसी का हाल यह है कि फॉलिक एसिड और विटामिन डी-3 समेत कई महत्वपूर्ण दवाओं की कमी महीनों से बनी हुई है। ओपीडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच और उपचार के लिए पहुंचती हैं। डॉक्टर दवाएं तो लिख रहे हैं लेकिन फार्मेसी में दवा न होने से मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही है।
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इक्का-दुक्का ही दवा मिली
केस-1- शहर के रेलवेगंज निवासी कोमल पांडेय ओपीडी में डाॅक्टर से परामर्श लेने गई थीं। डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें पर्चे पर फाॅलिक एसिड और विटामिन डी समेत अन्य दवाएं लिखीं। वह फार्मेसी में दवा लेने पहुंचीं तो इक्का-दुक्का दवा मिली लेकिन फॉलिक एसिड और विटामिन की दवा नहीं मिली। उन्हें मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदनी पड़ीं।
केस-2- बहरा सौदागर निवासी सोनिया भी अपनी जांच कराने महिला अस्पताल की ओपीडी पहुंचीं। जांच के बाद उन्हें भी डॉक्टर ने फाॅलिक एसिड की दवा लिखी। दवा न मिलने पर मेडिकल स्टोर से 90 रुपये में दवा का पत्ता खरीदना पड़ा। बताया कि अस्पताल में जाे दवा मुफ्त में मिलनी चाहिए उसके लिए रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
क्यों जरुरी है फॉलिक एसिड की दवा
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. बुशरा बहार ने बताया कि फोलिक एसिड बच्चे की न्यूरल ट्यूब बनाने में मदद करता है जो आगे चलकर बच्चे का दिमाग और रीढ़ की हड्डी को विकसित करता है। अगर शरीर में फोलिक एसिड की कमी हो तो न्यूरल ट्यूब सही तरह से बंद नहीं हो पाती जिससे गंभीर जन्म दोष हो सकते हैं। इससे बच्चे आजीवन दिव्यांगता का शिकार हो जाते हैं। इसके अलावा फोलिक एसिड डीएनए और आरएनए बनने की प्रक्रिया में मदद करता है। लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक, प्लेसेंटा के सही कार्य में मदद करता है। कम जन्म वजन और समय से पहले डिलीवरी के जोखिम को घटाने में मदद करता है।
मेडिकल कॉलेज में दवाओं की कमी नहीं होने दी जा रही है। अभी कुछ दिन पहले ही 20 लाख की डिमांड भेजी गई है। कई बार वेयर हाउस से दवाएं मिलने में देरी हो जाती है। -डॉ. जेबी गोगोई, प्रधानाचार्य

फोटो- 20- महिला अस्पताल की ओपीडी में परामर्श लेने आईं महिलाएं। संवाद

फोटो- 20- महिला अस्पताल की ओपीडी में परामर्श लेने आईं महिलाएं। संवाद