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Hardoi News: बारिश ने खोली दावों की पोल, खुले में रखा अनाज डूब
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फोटो-06- गल्ला मंडी में दुकानों के बाहर भरा बारिश का पानी। संवाद
- जल निकासी न होने से मंडी परिसर बना तालाब, बढ़ी मुश्किलें
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। रविवार की शाम को हुई बारिश ने नवीन गल्ला मंडी की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण मंडी परिसर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इससे खुले में रखे अनाज के भीगने का खतरा बढ़ गया है।
मंडी समिति ने गल्ला मंडी में साफ सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका को दे रखी है। हर साल जल निकासी और सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च भी किए जाते है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। बारिश में हर बार नालियां चोक हो जाती हैं और पानी मंडी के मुख्य रास्तों से लेकर शेड के किनारे तक फैल गया। हालात यह हो जाते हैं कि किसानों को अपनी उपज बचाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है। मंडी में भारी मात्रा में धान लगा है और अब गेहूं भी पहुंचने लगा है। जलभराव के कारण नमी बढ़ने से अनाज के खराब होने और काला पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं हुई, तो आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। मंडी सचिव ज्योति जौहरी ने बताया कि जलभराव की स्थिति को देखते हुए पंप लगाकर पानी निकलवाया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। रविवार की शाम को हुई बारिश ने नवीन गल्ला मंडी की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण मंडी परिसर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इससे खुले में रखे अनाज के भीगने का खतरा बढ़ गया है।
मंडी समिति ने गल्ला मंडी में साफ सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका को दे रखी है। हर साल जल निकासी और सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च भी किए जाते है, लेकिन हकीकत इसके उलट है। बारिश में हर बार नालियां चोक हो जाती हैं और पानी मंडी के मुख्य रास्तों से लेकर शेड के किनारे तक फैल गया। हालात यह हो जाते हैं कि किसानों को अपनी उपज बचाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है। मंडी में भारी मात्रा में धान लगा है और अब गेहूं भी पहुंचने लगा है। जलभराव के कारण नमी बढ़ने से अनाज के खराब होने और काला पड़ने का खतरा पैदा हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं हुई, तो आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा। मंडी सचिव ज्योति जौहरी ने बताया कि जलभराव की स्थिति को देखते हुए पंप लगाकर पानी निकलवाया जाएगा।
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