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स्टाफ का संकट : 17 विद्युत उपकेंद्रों का जिम्मा टीजीटू के कंधों पर

Tue, 28 Jul 2026 11:32 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 11:32 PM IST
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Staff Crisis: Responsibility for 17 Power Substations Rests on TG-2 Personnel
हरदोई। विद्युत वितरण निगम में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी का सीधा असर अब आम जनता को मिलने वाली सहूलियत पर पड़ रहा है। जिले के 17 विद्युत उपकेंद्र इस समय अवर अभियंताओं की भारी कमी से जूझ रहे हैं। आलम यह है कि इन उपकेंद्रों की पूरी कमान टेक्नीशियन ग्रेड-2 कर्मचारियों के कंधों पर टिकी है। इसके चलते आए दिन बिजली आपूर्ति ठप होना, ब्रेकडाउन और मरम्मत में देरी जैसी समस्याएं हो रही हैं। वहीं एक अवर अभियंता के पास शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र का भी प्रभार है। इससे बिजली समस्याओं का निदान समय से नहीं हो पा रहा है।
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जनपद में छह लाख 14 हजार 848 विद्युत उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को 59 विद्युत केंद्रों के माध्यम से आपूर्ति की जा रही है। वितरण निगम के अनुसार प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र पर एक अवर अभियंता की तैनाती अनिवार्य है। इसके निर्देशन में ही पूरी आपूर्ति व्यवस्था चलती है। जिले में 59 विद्युत उपकेंद्र की तुलना में 34 अवर अभियंता तैनात हैं। अवर अभियंता की कमी को देखते हुए टीजीटू को प्रभारी जेई का प्रभार दिया गया है। इस कारण 17 उपकेंद्र प्रभारी जेई के सहारे चल रहे हैं। शहर के उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंताओं को देहात के उपकेंद्र का भी प्रभार दे दिया गया है।
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विद्युत उपकेंद्र बेलाताली के अवर अभियंता के पास बेलाताली के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के इटौली, महोलिया शिवपार उपकेंद्र के अवर अभियंता के पास महोलिया शिवपार के कराही और बावन के अवर अभियंता के पास बावन व त्योरा उपकेंद्र का प्रभार है। दो-दो उपकेंद्रों के प्रभार से बिजली आपूर्ति को नियमित रखना मुश्किल हो रहा है।
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विभागीय कार्य भी प्रभावित
इसके अलावा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए तकनीकी अवर अभियंता का पद भी है मगर अभी वह रिक्त चल रहा है। इससे विभागीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। तकनीकी ज्ञान और प्रशासनिक अधिकारों की सीमा होने के बावजूद, टीजी टू कर्मचारी दिन-रात उपकेंद्रों को संभालने में जुटे हैं। हालांकि जब भी कोई बड़ा फॉल्ट या ओवरलोडिंग की समस्या आती है तो उनके पास तुरंत फैसला लेने या आवश्यक उपकरण जारी कराने के अधिकार नहीं होते जिससे बिजली बहाली में घंटों का समय लग जाता है।


उपभोक्ताओं में रोष, जल्द समाधान की मांग

भीषण गर्मी और नमी के इस मौसम में बार-बार ट्रिपिंग और अघोषित कटौती ने स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है। ग्रामीण व शहरी इलाकों के उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी उपकेंद्र पर फोन किया जाता है तो स्टाफ की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है।


उपकेंद्रों पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रभारी जेई के रूप में टीजी टू की तैनाती की गई है। अवर अभियंताओं की तैनाती पावर कॉरपोरेशन का प्रशासनिक अधिकार है। प्रयास किया जा रहा है कि सभी उपकेंद्रों का संचालन नियमित रूप से हो। -राजीव भट्ट, अधीक्षण अभियंता
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