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Hardoi News: झूलों के सैंपल की एक बार फिर होगी जांच, विभाग में खलबली
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हरदोई। परिषदीय स्कूलों में लगवाए जाने के लिए आए झूलों के सैंपल फेल होने के बाद से विभाग में खलबली है। 10 मार्च को तकनीकी समिति ने बीएसए कार्यालय में उपलब्ध सैंपल की जांच-पड़ताल की थी और मानक के अनुरूप न होने पर रिजेक्ट कर दिया था। वहीं, सीडीओ सान्या छाबड़ा ने झूलों के सैंपल की एक बार फिर से जांच के आदेश तकनीकी समिति को दिए हैं। इससे सैंपल की दोबारा जांच की जाएगी।
बेसिक शिक्षा विभाग ने आउटडोर प्ले मैटेरियल की मद में स्कूलों में पांच-पांच प्रकार के झूलों को लगवाए जाने की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी है। प्रथम चरण में 127 स्कूलों को चयनित किया गया है। इन विद्यालयों में 50,000-50,000 रुपये से झूलों को लगवाए जाने की प्रक्रिया में निविदा ली गई और फर्म से सैंपल भी लिए गए हैं। मानक में आने वाली फर्म को झूलों की आपूर्ति के कार्यादेश से पहले सीडीओ ने सैंपल की गुणवत्ता जांचने के आदेश दिए। उन्होंने श्रम रोजगार उपायुक्त रवि प्रकाश सिंह, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रदीप पाल और लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आलोक सिंह को नामित कर समिति का गठन किया है।
समिति ने 10 मार्च को फर्म की तरफ से उपलब्ध कराए गए झूलों के सैंपल की बीएसए कार्यालय में समिति ने जांच की। समिति ने प्रारंभिक जांच में ही झूलों में प्रयोग किए गए जीआई लोहे के पाइप की गुणवत्ता ठीक न होने की पुष्टि की। गुणवत्ताविहीन सामग्री के बने झूलों के सैंपल को समिति ने रिजेक्ट कर दिया। अब दोबारा सैंपल की जांच के बाद आने वाले परिणामों पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं। सीडीओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सैंपल रिजेक्ट हुए हैं। निविदा निरस्त किए जाने से पहले एक बार और जांच-पड़ताल करा लिया जाना उचित रहेगा।
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बेसिक शिक्षा विभाग ने आउटडोर प्ले मैटेरियल की मद में स्कूलों में पांच-पांच प्रकार के झूलों को लगवाए जाने की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति दी है। प्रथम चरण में 127 स्कूलों को चयनित किया गया है। इन विद्यालयों में 50,000-50,000 रुपये से झूलों को लगवाए जाने की प्रक्रिया में निविदा ली गई और फर्म से सैंपल भी लिए गए हैं। मानक में आने वाली फर्म को झूलों की आपूर्ति के कार्यादेश से पहले सीडीओ ने सैंपल की गुणवत्ता जांचने के आदेश दिए। उन्होंने श्रम रोजगार उपायुक्त रवि प्रकाश सिंह, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रदीप पाल और लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता आलोक सिंह को नामित कर समिति का गठन किया है।
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समिति ने 10 मार्च को फर्म की तरफ से उपलब्ध कराए गए झूलों के सैंपल की बीएसए कार्यालय में समिति ने जांच की। समिति ने प्रारंभिक जांच में ही झूलों में प्रयोग किए गए जीआई लोहे के पाइप की गुणवत्ता ठीक न होने की पुष्टि की। गुणवत्ताविहीन सामग्री के बने झूलों के सैंपल को समिति ने रिजेक्ट कर दिया। अब दोबारा सैंपल की जांच के बाद आने वाले परिणामों पर सभी की निगाहें लगी हुई हैं। सीडीओ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सैंपल रिजेक्ट हुए हैं। निविदा निरस्त किए जाने से पहले एक बार और जांच-पड़ताल करा लिया जाना उचित रहेगा।