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Hardoi News: महिला अधिवक्ता को पीटकर छेड़छाड़ करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
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हरदोई। महिला अधिवक्ता पर छह माह पहले हुए जानलेवा हमले, लूट और छेड़छाड़ के आरोपी की जमानत अर्जी जिला जज रीता कौशिक ने खारिज कर दी। जिला जज ने मामले की गंभीरता, चिकित्सीय साक्ष्यों और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद आरोपी को राहत देने से इन्कार कर दिया।
कछौना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला अधिवक्ता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 25 जनवरी की शाम वह पति के साथ कछौना कोतवाली जा रही थीं। रास्ते में दबंगों ने रोक लिया और छेड़छाड़ की थी। विरोध करने पर पिटाई कर कार में रखे 20 हजार रुपये और सोने की चेन लूट ली थी। बचाने पहुंचे लोगों पर भी हमला किया गया था। अधिवक्ता के पति के सिर में गंभीर चोटें आई थीं।
आरोपियों में हरपालपुर निवासी जीशान का नाम सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बढ़ाया गया था। जीशान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने रंजिश में फंसाए जाने का तर्क दिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला जज ने उपलब्ध साक्ष्यों, चोटों की रिपोर्ट और केस डायरी का परीक्षण किया। अदालत ने माना कि आरोपी को जमानत दिए जाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है और जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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कछौना कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला अधिवक्ता ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि 25 जनवरी की शाम वह पति के साथ कछौना कोतवाली जा रही थीं। रास्ते में दबंगों ने रोक लिया और छेड़छाड़ की थी। विरोध करने पर पिटाई कर कार में रखे 20 हजार रुपये और सोने की चेन लूट ली थी। बचाने पहुंचे लोगों पर भी हमला किया गया था। अधिवक्ता के पति के सिर में गंभीर चोटें आई थीं।
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आरोपियों में हरपालपुर निवासी जीशान का नाम सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बढ़ाया गया था। जीशान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने रंजिश में फंसाए जाने का तर्क दिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला जज ने उपलब्ध साक्ष्यों, चोटों की रिपोर्ट और केस डायरी का परीक्षण किया। अदालत ने माना कि आरोपी को जमानत दिए जाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है और जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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