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Hardoi News: छिबरामऊ से राजघाट मार्ग कांवड़ यात्रियों के धैर्य की लेगा परीक्षा
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फोटो 25: छिबरामऊ से राजघाट जाने वाले मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया व कच्चा मार्ग। संवाद
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हरदोई/बिलग्राम/मल्लावां/बेहटागोकुल। सावन का महीना कल से शुरू हो जाएगा। शिवालयों में गंगाजल से अभिषेक के लिए श्रद्धालु कांवड़ लेने के लिए राजघाट आते हैं। इस साल छिबरामऊ से राजघाट मार्ग कांवड़ यात्रियों के धैर्य की परीक्षा लेगा। मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया और बिखरी बजरी से श्रद्धालुओं को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
सावन का महीना आते ही शिवभक्तों में उत्साह नजर आने लगता है। कांवड़ में जल लाने और शिवालयों को जाने वाले मार्गों पर इन दिनों छिबरामऊ से राजघाट मार्ग गड्ढायुक्त है। निर्माणाधीन पुलिया के आसपास मार्ग को मिट्टी से भरवाया जा रहा है ताकि आवागमन सुचारु रहे। बिलग्राम क्षेत्र में राजघाट पर बड़ी संख्या में कांवड़िये गंगा जल लेने आते हैं और यहां से वह शिव मंदिरों के लिए रवाना होते हैं।
श्रद्धालु बिलग्राम स्थित बाबा मंशानाथ शिव मंदिर, मल्लावां के सुनासीरनाथ शिव मंदिर, श्री शिव संकटहरण सकाहा और लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ मंदिर तक जाते हैं। मार्ग पर गिट्टी बिखरी हैं और गड्ढे भी हैं। लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार ने बताया कि पुलिया के दोनों ओर बैरिकेडिंग और गड्ढों को भरवाने का काम चल रहा है। एक टीम सावन में रास्तों का भ्रमण कर कांवड़ यात्रियों को होने वाली असुविधा को दूर करेगी।
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सीओ आरएस सोनकर ने बताया कि राजघाट पर पुलिस और जल पुलिस की टीम मुस्तैद की गई है। कांवड़ यात्रियों की भीड़ और खरीदारी के लगने वाले मेले की भी तैयारी शुरू हो गई हैं। सीओ ने बताया कि पंजीकृत वाहनों, डीजे की जमीन से 10 फीट तक ऊंचाई को ही उपयोग में लाने की अनुमति दी गई है।
मल्लावां के सुनासीरनाथ जाने वाले रास्ते का 28 अप्रैल को ही नवीनीकरण हुआ था इससे आवागमन में कांवड़ियों को दिक्कतों का सामना नहीं करना होगा। बेहटागोकुल क्षेत्र के श्रीशिव संकटहरण मंदिर सकाहा जाने वाले करीब डेढ़ किलोमीटर लंबाई वाले मार्ग को दुरुस्त करा दिया गया है।
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दो जोन और सात सेक्टर में बांटा गया जिला, भारी वाहनों का किया जाएगा डायवर्जन
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस अलर्ट है। डीएम अनुनय झा और एसपी एके मीणा ने बताया कि जिले को दो जोन और सात सेक्टर में बांटा गया है। वहीं कांवड़ वाले मार्गों पर भारी वाहनों का डायवर्जन भी किया जाएगा। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं। सुरक्षा और यातायात प्लान लागू किया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) को समग्र व्यवस्था प्रभारी बनाया गया है। सेक्टर की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है। कन्नौज, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, लखनऊ और उन्नाव की ओर से आने वाले भारी वाहनों को प्रत्येक शनिवार से सोमवार रात 10 बजे तक वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। डायवर्जन स्थलों और कांवड़ मार्ग के आसपास होल्डिंग एरिया भी चिह्नित किए गए हैं ताकि जरूरत पर वाहनों को पार्क कराया जा सके।
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सावन का महीना आते ही शिवभक्तों में उत्साह नजर आने लगता है। कांवड़ में जल लाने और शिवालयों को जाने वाले मार्गों पर इन दिनों छिबरामऊ से राजघाट मार्ग गड्ढायुक्त है। निर्माणाधीन पुलिया के आसपास मार्ग को मिट्टी से भरवाया जा रहा है ताकि आवागमन सुचारु रहे। बिलग्राम क्षेत्र में राजघाट पर बड़ी संख्या में कांवड़िये गंगा जल लेने आते हैं और यहां से वह शिव मंदिरों के लिए रवाना होते हैं।
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श्रद्धालु बिलग्राम स्थित बाबा मंशानाथ शिव मंदिर, मल्लावां के सुनासीरनाथ शिव मंदिर, श्री शिव संकटहरण सकाहा और लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ मंदिर तक जाते हैं। मार्ग पर गिट्टी बिखरी हैं और गड्ढे भी हैं। लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार ने बताया कि पुलिया के दोनों ओर बैरिकेडिंग और गड्ढों को भरवाने का काम चल रहा है। एक टीम सावन में रास्तों का भ्रमण कर कांवड़ यात्रियों को होने वाली असुविधा को दूर करेगी।
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सीओ आरएस सोनकर ने बताया कि राजघाट पर पुलिस और जल पुलिस की टीम मुस्तैद की गई है। कांवड़ यात्रियों की भीड़ और खरीदारी के लगने वाले मेले की भी तैयारी शुरू हो गई हैं। सीओ ने बताया कि पंजीकृत वाहनों, डीजे की जमीन से 10 फीट तक ऊंचाई को ही उपयोग में लाने की अनुमति दी गई है।
मल्लावां के सुनासीरनाथ जाने वाले रास्ते का 28 अप्रैल को ही नवीनीकरण हुआ था इससे आवागमन में कांवड़ियों को दिक्कतों का सामना नहीं करना होगा। बेहटागोकुल क्षेत्र के श्रीशिव संकटहरण मंदिर सकाहा जाने वाले करीब डेढ़ किलोमीटर लंबाई वाले मार्ग को दुरुस्त करा दिया गया है।
दो जोन और सात सेक्टर में बांटा गया जिला, भारी वाहनों का किया जाएगा डायवर्जन
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस अलर्ट है। डीएम अनुनय झा और एसपी एके मीणा ने बताया कि जिले को दो जोन और सात सेक्टर में बांटा गया है। वहीं कांवड़ वाले मार्गों पर भारी वाहनों का डायवर्जन भी किया जाएगा। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिगत पर्याप्त बंदोबस्त किए गए हैं। सुरक्षा और यातायात प्लान लागू किया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) को समग्र व्यवस्था प्रभारी बनाया गया है। सेक्टर की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी को सौंपी गई है। कन्नौज, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, लखनऊ और उन्नाव की ओर से आने वाले भारी वाहनों को प्रत्येक शनिवार से सोमवार रात 10 बजे तक वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। डायवर्जन स्थलों और कांवड़ मार्ग के आसपास होल्डिंग एरिया भी चिह्नित किए गए हैं ताकि जरूरत पर वाहनों को पार्क कराया जा सके।

फोटो 25: छिबरामऊ से राजघाट जाने वाले मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया व कच्चा मार्ग। संवाद

फोटो 25: छिबरामऊ से राजघाट जाने वाले मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया व कच्चा मार्ग। संवाद