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Hardoi News: बस स्टेशन के इंतजार में सवायजपुर की सड़क बनी रोडवेज अड्डा
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फोटो- 25- सवायजपुर में सड़क पर खड़ी रोडवेेज की बसें। संवाद
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सवायजपुर। तहसील क्षेत्र सवायजपुर में वर्षों से बस स्टेशन निर्माण की मांग अधूरी पड़ी है। बस अड्डे के लिए जमीन चयन होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। नतीजतन हरदोई, फर्रुखाबाद, इटावा, आगरा और दिल्ली रूट की बसें आज भी मुख्य सड़क किनारे ही यात्रियों को उतारने और चढ़ाने को मजबूर हैं। इससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है और यात्रियों के साथ किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
सवायजपुर तहसील क्षेत्र का प्रमुख कस्बा है, वहां से प्रतिदिन करीब दो से ढाई हजार यात्री विभिन्न शहरों के लिए सफर करते हैं। हरपालपुर जाने वाले यात्रियों को भी यहीं बस बदलनी पड़ती है। बस अड्डा न होने के कारण सभी रोडवेज और निजी बसें तहसील के पास सड़क किनारे रुकती हैं। बसों के रुकने और यात्रियों की भीड़ के चलते मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने बस स्टेशन के लिए जमीन का चयन तो काफी पहले कर लिया था लेकिन इसके बाद मामला फाइलों में ही दबकर रह गया। यदि बस स्टेशन का निर्माण हो जाए तो यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधा मिलेगी साथ ही सड़क पर लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
हालांकि सड़क पर बसें खड़ी न करने के निर्देश कई बार जारी किए जा चुके हैं लेकिन इनका पालन नहीं कराया जा रहा है। बस चालक और परिचालक खुलेआम सड़क किनारे बसें रोक रहे हैं जिससे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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आदेशों के बावजूद ठंडे बस्ते में प्रस्ताव
एक तरफ परिवहन विभाग के मंत्री ने सड़क किनारे से रोडवेज बसों का संचालन न करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी जनपद में आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। सवायजपुर ही नहीं जिले के अन्य बड़े नगर व कस्बों में भी सड़क किनारे से ही बसों का संचालन हो रहा है जबकि बस स्टेशन बनाने के लिए जमीनें चिह्नित की जा चुकी हैं लेकिन उन पर निर्माण कार्य अधर में अटका हुआ है और लोगों को बस पकड़ने के लिए हादसों के बीच सड़क पर खड़े रहना पड़ता है।
वर्जन
सवायजपुर के पास सिलवारी गांव में जमीन चिह्नित है, प्रक्रिया उच्चाधिकारियों के स्तर से लंबित है। प्रस्ताव का दोबारा से आकलन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -भुवनेश्वर कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
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सवायजपुर तहसील क्षेत्र का प्रमुख कस्बा है, वहां से प्रतिदिन करीब दो से ढाई हजार यात्री विभिन्न शहरों के लिए सफर करते हैं। हरपालपुर जाने वाले यात्रियों को भी यहीं बस बदलनी पड़ती है। बस अड्डा न होने के कारण सभी रोडवेज और निजी बसें तहसील के पास सड़क किनारे रुकती हैं। बसों के रुकने और यात्रियों की भीड़ के चलते मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने बस स्टेशन के लिए जमीन का चयन तो काफी पहले कर लिया था लेकिन इसके बाद मामला फाइलों में ही दबकर रह गया। यदि बस स्टेशन का निर्माण हो जाए तो यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधा मिलेगी साथ ही सड़क पर लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं की आशंका भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
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हालांकि सड़क पर बसें खड़ी न करने के निर्देश कई बार जारी किए जा चुके हैं लेकिन इनका पालन नहीं कराया जा रहा है। बस चालक और परिचालक खुलेआम सड़क किनारे बसें रोक रहे हैं जिससे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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आदेशों के बावजूद ठंडे बस्ते में प्रस्ताव
एक तरफ परिवहन विभाग के मंत्री ने सड़क किनारे से रोडवेज बसों का संचालन न करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी जनपद में आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। सवायजपुर ही नहीं जिले के अन्य बड़े नगर व कस्बों में भी सड़क किनारे से ही बसों का संचालन हो रहा है जबकि बस स्टेशन बनाने के लिए जमीनें चिह्नित की जा चुकी हैं लेकिन उन पर निर्माण कार्य अधर में अटका हुआ है और लोगों को बस पकड़ने के लिए हादसों के बीच सड़क पर खड़े रहना पड़ता है।
वर्जन
सवायजपुर के पास सिलवारी गांव में जमीन चिह्नित है, प्रक्रिया उच्चाधिकारियों के स्तर से लंबित है। प्रस्ताव का दोबारा से आकलन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -भुवनेश्वर कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक