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Hardoi News: दो दिन बाद फिर रामगंगा उफनाई, सहायक नदियों में बढ़ने लगा पानी
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फोटो 22: तेरा पुरसौली के पास रामगंगा में बाढ़ का पानी। संवाद
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हरदोई। दो दिन बाद रामगंगा नदी का पानी फिर उफनाया है। रामगंगा में करीब 35 सेंटीमीटर पानी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है जबकि गंगा नदी और गर्रा नदी में पानी कम हुआ है। वहीं बैराजों से गंगा में करीब 2.75 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से कटियारी क्षेत्र की सहायक नदियों में भी पानी बढ़ने लगा है। इससे क्षेत्र के लोगों को बाढ़ की आशंका है।
पहाड़ों पर होने वाली बरसात और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से जिले में प्रवाहित हो रहीं नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। इससे गंगा नदी, रामगंगा नदी और गर्रा नदी के पानी के कम और अधिक होने से कटरी और कटियारी क्षेत्र के लोगों में दहशत है। इन नदियों में पानी के बढ़ने से इनकी सहायक नदियों और बरसाती नालों में पानी बढ़ने लगता है। गनीमत है कि अभी नदियों का पानी किनारों से बाहर नहीं हुआ है। इससे बाढ़ का पानी खेतों और फसलों की तरफ नहीं पहुंच पाया है। इससे नुकसान की स्थिति अधिक नहीं है।
रामगंगा में पानी बढ़ने से कटियारी क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है। रामगंगा नदी में 24 घंटे में करीब 35 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। पानी 134.44 मीटर गेज पर पहुंच गया है। वहीं बैराजों से गंगा में 2,75,772 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें हरिद्वार बैराज से 1,35,320 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,40,452 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि गंगा नदी में फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर 24 घंटे में पांच सेंटीमीटर पानी कम हुआ है। पानी 136.15 मीटर गेज पर आ गया है। वहीं गर्रा नदी के पानी में 20 सेंटीमीटर की कमी आई और पानी 144.05 मीटर गेज पर आ गया है।
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बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के कारण जिले में प्रवाहित नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव हो रहा है। तहसील शाहाबाद, सवायजपुर और बिलग्राम के राजस्व अधिकारियों से संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कराई जा रही है। अधिकारियों से नियमित रिपोर्ट ली जा रही है। अभी जिले में बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं फिर भी बाढ़ से बचाव और चौकियों आदि पर बंदोबस्त करा लिए गए हैं। -अनुनय झा, जिलाधिकारी
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पहाड़ों पर होने वाली बरसात और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी से जिले में प्रवाहित हो रहीं नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव जारी है। इससे गंगा नदी, रामगंगा नदी और गर्रा नदी के पानी के कम और अधिक होने से कटरी और कटियारी क्षेत्र के लोगों में दहशत है। इन नदियों में पानी के बढ़ने से इनकी सहायक नदियों और बरसाती नालों में पानी बढ़ने लगता है। गनीमत है कि अभी नदियों का पानी किनारों से बाहर नहीं हुआ है। इससे बाढ़ का पानी खेतों और फसलों की तरफ नहीं पहुंच पाया है। इससे नुकसान की स्थिति अधिक नहीं है।
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रामगंगा में पानी बढ़ने से कटियारी क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है। रामगंगा नदी में 24 घंटे में करीब 35 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। पानी 134.44 मीटर गेज पर पहुंच गया है। वहीं बैराजों से गंगा में 2,75,772 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें हरिद्वार बैराज से 1,35,320 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,40,452 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हालांकि गंगा नदी में फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर 24 घंटे में पांच सेंटीमीटर पानी कम हुआ है। पानी 136.15 मीटर गेज पर आ गया है। वहीं गर्रा नदी के पानी में 20 सेंटीमीटर की कमी आई और पानी 144.05 मीटर गेज पर आ गया है।
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बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के कारण जिले में प्रवाहित नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव हो रहा है। तहसील शाहाबाद, सवायजपुर और बिलग्राम के राजस्व अधिकारियों से संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कराई जा रही है। अधिकारियों से नियमित रिपोर्ट ली जा रही है। अभी जिले में बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं फिर भी बाढ़ से बचाव और चौकियों आदि पर बंदोबस्त करा लिए गए हैं। -अनुनय झा, जिलाधिकारी