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Hardoi News: बदलते मौसम में बढ़ा वायरल फीवर, मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भरमार
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हरदोई। बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। धूप, उमस और बारिश के कारण लगभग हर घर में कोई न कोई बीमार हो रहा है। परिवार में किसी एक को बुखार आ गया तो अन्य सदस्य भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। सबसे अधिक बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।
कभी बारिश कभी धूप निकलने के बाद अचानक बढ़ने वाली गर्मी के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उतार-चढ़ाव भरे इस मौसम में लोग खांसी-बुखार और अन्य मौसमी रोगों की गिरफ्त में आ रहे हैं। मरीजों में मलेरिया, उल्टी-दस्त और पेट में दर्द के लक्षण भी सामने आ रहे हैं। मंगलवार को मेडिसिन विभाग की ओपीडी में काफी संख्या में मरीज पहुंचे। दोपहर तक चली ओपीडी में 409 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें 187 बुखार के मरीज रहे। डॉक्टर ने कई लोगों की मलेरिया की जांच भी करवाई। कुछ मरीजों में मलेरिया भी निकजा।
चिकित्सक डॉ. विकास चंद्र विद्यार्थी ने बताया कि अधिकांश मरीज वायरल बुखार, दर्द, खांसी और गले में खराश के आते हैं। इनमें से गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर भर्ती कर इलाज भी किया जाता है। बता दें कि मेडिसिन विभाग के वार्ड में 16 मरीज बुखार के भर्ती मिले।
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मच्छरजनित बीमारियां बढ़ीं
डॉक्टर विकास चंद्र विद्यार्थी ने कहा कि मौसम में अचानक बदलाव आया है। बारिश से मौसम ठंडा हो जाता है तो धूप निकलने से बहुत गर्म हो जाता है। इसकी वजह से बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम के साथ ही पेट संबंधी बीमारियां हो रही हैं। इस कारण मच्छर और जलजनित बीमारियां होती हैं। वायरल फीवर से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें और पानी उबालकर पीएं। खान-पान में सावधानी बरतें, पूरे शरीर के कपड़े पहनें। गरम ताजा चीजों का सेवन करें।
बीमारी से बचाव से लिए करें यह उपाय
-खाने-पीने में ठंडी वस्तुओं का उपयोग न करें।
-छोटे बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं।
-घर में कहीं पर भी पानी जमा न होने दें।
-कूलर के पानी को समय पर साफ कर दें।
-घर में लगी घनी झाड़ियों को समय पर काट दें।
-बुखार के साथ खांसी होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
-बिना चिकित्सक के परामर्श के दवाओं का सेवन न करें।
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कभी बारिश कभी धूप निकलने के बाद अचानक बढ़ने वाली गर्मी के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। उतार-चढ़ाव भरे इस मौसम में लोग खांसी-बुखार और अन्य मौसमी रोगों की गिरफ्त में आ रहे हैं। मरीजों में मलेरिया, उल्टी-दस्त और पेट में दर्द के लक्षण भी सामने आ रहे हैं। मंगलवार को मेडिसिन विभाग की ओपीडी में काफी संख्या में मरीज पहुंचे। दोपहर तक चली ओपीडी में 409 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें 187 बुखार के मरीज रहे। डॉक्टर ने कई लोगों की मलेरिया की जांच भी करवाई। कुछ मरीजों में मलेरिया भी निकजा।
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चिकित्सक डॉ. विकास चंद्र विद्यार्थी ने बताया कि अधिकांश मरीज वायरल बुखार, दर्द, खांसी और गले में खराश के आते हैं। इनमें से गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर भर्ती कर इलाज भी किया जाता है। बता दें कि मेडिसिन विभाग के वार्ड में 16 मरीज बुखार के भर्ती मिले।
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मच्छरजनित बीमारियां बढ़ीं
डॉक्टर विकास चंद्र विद्यार्थी ने कहा कि मौसम में अचानक बदलाव आया है। बारिश से मौसम ठंडा हो जाता है तो धूप निकलने से बहुत गर्म हो जाता है। इसकी वजह से बुखार, सर्दी, खांसी, जुकाम के साथ ही पेट संबंधी बीमारियां हो रही हैं। इस कारण मच्छर और जलजनित बीमारियां होती हैं। वायरल फीवर से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें और पानी उबालकर पीएं। खान-पान में सावधानी बरतें, पूरे शरीर के कपड़े पहनें। गरम ताजा चीजों का सेवन करें।
बीमारी से बचाव से लिए करें यह उपाय
-खाने-पीने में ठंडी वस्तुओं का उपयोग न करें।
-छोटे बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं।
-घर में कहीं पर भी पानी जमा न होने दें।
-कूलर के पानी को समय पर साफ कर दें।
-घर में लगी घनी झाड़ियों को समय पर काट दें।
-बुखार के साथ खांसी होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
-बिना चिकित्सक के परामर्श के दवाओं का सेवन न करें।