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Hathras: साथी अधिवक्ता से मारपीट में आरटीआई कार्यकर्ता की मौत, लहूलुहान मिला शव, पुलिस ने हिरासत में लिए

अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Sat, 04 Apr 2026 05:10 PM IST
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सार

पुलिस ने बताया कि यहां दोनों ने बैठकर शराब पी। देर रात अनुराग ने अधिवक्ता के चाचा को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसी बात पर वे आवेश खो बैठे और मारपीट हो गई। हाथापाई में अनुराग ज्योति का सिर कांच के दरवाजे पर लगा, जिससे दरवाजा चकनाचूर हो गया। उनके सिर में चोट आई।

Advocate kills RTI activist
घटनास्थल पर जांच करती पुलिस, मृतक आरटीआई कार्यकर्ता अनुराग ज्योति का फाइल फोटो - फोटो : संवाद
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विस्तार

हाथरस के अलीगढ़ रोड स्थित विवेकानंद नगर में साथी अधिवक्ता से मारपीट में आरटीआई कार्यकर्ता अनुराग ज्योति की मौत हो गई। अनुराग का शव सुबह लहूलुहान हालत में अधिवक्ता के चैंबर से निकाला गया। पुलिस के अनुसार देर रात शराब के नशे में दोनों झगड़ा हुआ। इस दौरान मारपीट में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अधिवक्ता को हिरासत में ले लिया।

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12 साल पहले पत्नी व बेटे के अलग होने के बाद अनुराग ज्योति कई साल तक किराए पर रहे। पिछले कुछ महीनों से वह अलीगढ़ रोड लेबर कॉलोनी स्थित नगर पालिका के शेल्टर होम में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार शुक्रवार रात लगभग नौ बजे अधिवक्ता अनुराग से मिलने शेल्टर होम पहुंचे। घर देरी से पहुंचने की चिंता में अधिवक्ता ने अपने मित्र अनुराग को स्कूटी पर ही बैठाकर रात लगभग 10.15 पर घर ले आए तथा अपने चैंबर में बैठ गए।
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पुलिस ने बताया कि यहां दोनों ने बैठकर शराब पी। देर रात अनुराग ने अधिवक्ता के चाचा को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसी बात पर वे आवेश खो बैठे और मारपीट हो गई। हाथापाई में अनुराग ज्योति का सिर कांच के दरवाजे पर लगा, जिससे दरवाजा चकनाचूर हो गया। उनके सिर में चोट आई।

पुलिस के अनुसार इसके बाद भी अधिवक्ता नहीं रुके और घूंसे से उस पर प्रहार किए। अनुराग लहूलुहान हो चुके थे। अत्यधिक नशे के कारण दोनों कमरे में ही पड़े रहे। सुबह पड़ोस में रह रहे चाचा अजय शर्मा व अन्य रिश्तेदारों को जानकारी हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सुबह लगभग नौ बजे पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। लहूलुहान हालत में कमरे में पड़े अनुराग को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। अधिवक्ता के कपड़े भी खून से लथपथ थे। उन्हें कब्जे में लिया गया। फॉरेंसिक टीम ने छानबीन की तथा साक्ष्य संकलित किए। देर रात तक अनुराग बेटे के मुंबई से न आने के कारण एफआईआर व पोस्टमार्टम की कार्यवाही नहीं हो सकी थी।

प्रथम दृष्टया मामला हत्या का ही है। शराब के नशे में दोनों दोस्तों में विवाद हुआ। चाचा के लिए अपशब्द कहे थे, इससे तरुण आपा खो बैठा। मृतक के बेटे के आने पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - योगेंद्र कृष्ण नारायण, डिप्टी एसपी

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