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Biometric: जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य, बिना बायोमीट्रिक नहीं होगी रजिस्ट्री
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 03 Feb 2026 01:39 PM IST
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सार
रजिस्ट्री कराने वाले क्रेता, विक्रेता और गवाहों को अब अनिवार्य रूप से मशीन पर अंगूठा लगाना होगा। अंगूठा लगते ही आधार मानकों के जरिये व्यक्ति की वास्तविक पहचान का सत्यापन हो जाएगा।
रजिस्ट्री कार्यालय में बायोमीट्रिक मशीन पर अगूंठा लगाती महिला
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाले फर्जीवाड़े पर अब पूरी तरह लगाम लगेगी। शासन के निर्देश पर हाथरस जिले के सभी चार रजिस्ट्री कार्यालयों सदर, सादाबाद, सासनी और सिकंदराराऊ में मशीन के जरिये आधार आधारित बायोमीट्रिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। अब बिना आधार सत्यापन के रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी।
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नई व्यवस्था के अनुसार रजिस्ट्री कराने वाले क्रेता, विक्रेता और गवाहों को अब अनिवार्य रूप से मशीन पर अंगूठा लगाना होगा। अंगूठा लगते ही आधार मानकों के जरिये व्यक्ति की वास्तविक पहचान का सत्यापन हो जाएगा। इससे फर्जी गवाहों, बोगस दस्तावेजों और धोखाधड़ी की संभावनाएं लगभग समाप्त हो जाएंगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को मशीन के संचालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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एआईजी स्टांप कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि यह व्यवस्था रजिस्ट्री की प्रक्रिया में पूरी तरह से पारदर्शिता लाने और आम जनता की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लागू की गई है। उन्होंने कहा कि पहले कई मामलों में फर्जी पहचान और गवाहों के जरिये जमीन की रजिस्ट्री करा ली जाती थी, जिससे बाद में विवाद और मुकदमेबाजी बढ़ती थी।
नई प्रणाली से ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक लगेगी। इस पहल से न केवल जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया सुरक्षित होगी, बल्कि भविष्य में संपत्ति से जुड़े विवादों में भी कमी आएगी। वास्तविक व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित होने से खरीदार और विक्रेता दोनों को भरोसेमंद व्यवस्था मिलेगी।
