Hathras News: मंडी समिति में जर्जर टिनशेड से टपकता है पानी, किसान व आढ़तियों को परेशानी
हाथरस मंडी में आढ़तियों की दुकानों के सामने लगे टिन शेडों में करीब 1800 क्विंटल फसल सुरक्षित रखने की व्यवस्था है, लेकिन अधिकतर शेड जर्जर हो चुके हैं। जगह-जगह टिनशेड टूटने से उनमें बड़े छेद हो गए हैं।
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हाथरस के अलीगढ़ रोड स्थित मंडी समिति में जर्जर टिन शेड किसानों और आढ़तियों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। जगह-जगह टिन टूटने से छेद हो गए हैं, जिससे बारिश होने पर इनके नीचे रखी फसल भीग जाती है और किसानों व आढ़तियों को नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार मंडी सचिव से शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
मंडी समिति में छह हजार क्विंटल क्षमता के तीन बड़े टिन शेड बने हुए हैं, जिनमें करीब 18 हजार क्विंटल फसल रखी जा सकती है। इसके अलावा आढ़तियों की दुकानों के सामने लगे टिन शेडों में करीब 1800 क्विंटल फसल सुरक्षित रखने की व्यवस्था है, लेकिन अधिकतर शेड जर्जर हो चुके हैं।
जगह-जगह टिनशेड टूटने से उनमें बड़े छेद हो गए हैं। इस समय मंडी में सरसों की आवक हो रही है। किसान गीली सरसों को सुखाने के लिए मंडी के चबूतरों पर फैलाते हैं, लेकिन यदि इस दौरान बूंदाबांदी हो जाए तो जर्जर टिन शेडों के कारण फसल सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है।
पिछले एक वर्ष से मंडी के टिन शेड जर्जर अवस्था में हैं और कई जगह से टूट चुके हैं। बारिश होने पर उनमें रखी फसल भीग जाती है, जिससे नुकसान होता है। कई बार सचिव को लिखित शिकायत भी दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।-डब्बू लाल, आढ़तिया।
जब मैं सरसों की फसल लेकर मंडी पहुंचा तो तो गीली सरसों के कम दाम बताए गए। आढ़तिया ने उसे चबूतरे पर सुखाने के लिए, लेकिन टूटे टिनशेड के नीचे फसल सुखाने से डर लग रहा था।-कन्हैया, गिजरौली।
जर्जर टिनशेड का जीर्णोद्धार कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही टिन शेड की मरम्मत कराई जाएगी, ताकि किसानों और व्यापारियों को राहत मिल सके।-गौरव सिंह, मंडी सचिव।
