Hathras: नगर पालिका की महिला कर्मी रिश्वत लेते गिरफ्तार, रिपोर्ट दर्ज, दो साल में पकड़े गए हैं आठ कर्मचारी
हाथरस में पिछले दो साल में आठ कर्मचारी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं। इसके बाद भी सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार समाप्त नहीं हो रहा है। नगर पालिका परिषद में पिछले वर्ष जनवरी में ही बाबू को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। 14 महीने बाद फिर से पालिका की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एंटी करप्शन के हत्थे चढ़ गई।
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हाथरस नगर पालिका परिषद कार्याल में तैनात महिला कर्मचारी सोनिया सिंह को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 1 अप्रैल की दोपहर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जिस समय यह कार्रवाई हुई उस समय ईओ रोहित सिंह अपने कार्यालय में ही मौजूद थे। टीम महिला को लेकर कोतवाली सदर पहुंची और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
शहर की रहने वाली आर्थिक रूप से कमजोर सुमन निवासी माहेश्वरी कॉलोनी, इगलास रोड ने एक साल पहले प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में आवेदन किया था। आवेदन जुलाई 2025 में सत्यापन के लिए नगर पालिका आ गया था, तब से सुमन आवेदन सत्यापन कराने के लिए भटक रही थीं। सारे कागज जमा करने और भौतिक सत्यापन होने के बाद भी उनकी फाइल आगे नहीं बढ़ रही थी। सुमन का आरोप है कि नगर पालिका कार्यालय के कक्ष संख्या में पांच में बैठने वालीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सोनिया सिंह ने उनसे फाइल आगे बढ़ाने के पांच हजार रुपये मांगे थे। मिन्नत करने के बाद भी वे नहीं मानी।
सुमन ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत की थी। बुधवार की दोपहर 12.30 बजे सुमन नगर पालिका कार्यालय पहुंची। साथ में सादा वर्दी में एक महिला पुलिसकर्मी भी थी। उस समय सत्यापन के लिए कार्यालय में उस समय काफी महिलाएं मौजूद थीं। इसी बीच सुमन ने अपनी फाइल आगे बढ़ाने के लिए बोला। बदले में सोनिया सिंह ने रुपये मांगे। इस बार सुमन ने पांच हजार रुपये सोनिया के हाथ में रख दिए। इतने में ही महिला सिपाही ने सोनिया का हाथ पकड़ लिया और टीम ने उसे घेर लिया।
अचानक हुई इस कार्रवाई से पालिका में खलबली मच गई। कुछ कर्मचारी इधर-उधर हो गए। टीम ने वीडियोग्राफी की। केमिकल लगे नोट बरामद किए, जो सुमन ने दिए थे। जांच के लिए हाथ भी धुलवाए गए। एंटी करप्शन थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रैप टीम प्रभारी अनिल कुमार यादव ने सोनिया के खिलाफ कोतवाली सदर में रिपोर्ट दर्ज की है। बृहस्पतिवार को महिला को अलीगढ़ कोर्ट में पेश किया जाएगा। विवेचना भी एंटी करप्शन थाने से होगी।
दो साल में रिश्वत लेते पकड़े गए आठ कर्मचारी
सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं। हाथरस में पिछले दो साल में आठ कर्मचारी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं। इसके बाद भी सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार समाप्त नहीं हो रहा है। नगर पालिका परिषद में पिछले वर्ष जनवरी में ही बाबू को रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। 14 महीने बाद फिर से पालिका की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एंटी करप्शन के हत्थे चढ़ गई।
- 01 फरवरी 2024 को विद्युत वितरण खंड चतुर्थ में तैनात लिपिक से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। विद्युत विभाग के ठेकेदार ने एक कॉलोनी में विद्युतीकरण के लिए 40 किलोवाट के कनेक्शन की मांग की थी, जिसके एवज में उनसे रुपये मांगे जा रहे थे।
- 14 मार्च 2024 को अलीगढ़ रोड स्थित अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड कार्यालय पर सिंचाई खंड फिरोजाबाद के उप राजस्व अधिकारी वादों की सुनवाई कर रहे थे। उनके अधीन सींच पर्यवेक्षक सिकंदराराऊ व कार्यवाहक जिलेदार को एंटी करप्शन टीम ने छह हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया था।
- 20 मार्च 2024 को तहसील सदर में राजस्व निरीक्षक को किसान से 15 हजार रुपये रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया था। मेड़बंदी के लिए राजस्व निरीक्षक योगेश गौतम ने किसान से रिश्वत मांगी थी।
- बीएसए कार्यालय में तैनात लिपिक को 27 जून 2024 को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंट टीम ने रंगे हाथ पकड़ा था। मुरसान के गांव नगला बाबू के शिक्षक सिद्धार्थ ने वेतन वृद्धि व प्रतिकूल प्रविष्टि हटाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। बीएसए कार्यालय के बाहर रिश्वत लेते गिरफ्तारी हुई थी।
- 12 जुलाई 2024 को भी सीएमओ कार्यालय में वरिष्ठ सहायक पद पर तैनात महिला लिपिक मधु भाटिया को सतर्कता अधिष्ठान आगरा ने 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। इसमें महिला लिपिक के साथ-साथ तत्कालीन सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। मुरसान में तैनात नेत्र परीक्षण अधिकारी से रुके हुए वेतन व एरियर के एवज में यह रुपये मांगे गए थे।
- 29 जनवरी 2025 को नगर पालिका परिषद हाथरस में मुख्य स्वच्छता निरीक्षक महेश कुमार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया था। ठेकेदार को भुगतान करने के एवज में 50 हजार रुपये मांग की थी।
- 31 मई 2025 को एंटी करप्शन टीम ने आगरा रोड चौकी इंचार्ज अनिल शर्मा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। अईयापुर कलां के साहब सिंह से झगड़े के मामले में कार्रवाई को लेकर रुपये मांगे गए थे।
- 2 फरवरी 2026 को सीएमओ कार्यालय की वरिष्ठ सहायक बबिता चौहान को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। एक प्रशिक्षु से सीएचसी पर इंटर्नशिप कराने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी।