{"_id":"6a345e1dafcc7fa89d077367","slug":"foreign-guests-will-get-to-taste-special-delicacies-from-75-districts-hathras-news-c-56-1-sali1016-150156-2026-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: विदेशी मेहमान चखेंगे 75 जिलों के खास व्यंजनों का स्वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: विदेशी मेहमान चखेंगे 75 जिलों के खास व्यंजनों का स्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 19 Jun 2026 02:37 AM IST
विज्ञापन
हाथरस की रबड़ी। संवाद
- फोटो : Samvad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों की मिठास अब देश की सरहदें लांघकर सात समंदर पार तक पहुंचने के लिए तैयार है। 25 से 29 सितंबर तक नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जुटने वाले विदेशी मेहमानों को हाथरस की रबड़ी, आगरा का पेठा, मथुरा के पेड़े और अलीगढ़ की चमचम सहित प्रदेश के 75 जिलों के खास व्यंजनों का जायका लेंगे।
ट्रेड शो में हाथरस की प्रसिद्ध रबड़ी को प्रमुखता से प्रदर्शित करने की तैयारी है। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से रबड़ी कारोबार से जुड़े तीन प्रमुख उद्यमियों के नाम शासन को प्रस्तावित किए जा चुके हैं। अंतिम चयन के बाद इन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि इस प्रकार के बड़े आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को नया और बड़ा बाजार मिलता है, जिससे जिले के मिठाई कारोबार को सीधे तौर पर बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
शासन ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र के मशहूर और प्रामाणिक व्यंजनों के स्टॉल संचालकों की सूची जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय रहते अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारियां पूरी की जा सकें। उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र अजलेश कुमार ने बताया कि सभी प्रदेश के जिलों से व्यजंनों के आधार पर उद्यमी की सूचना मांगी गई है। नोएडा ट्रेड शो में इन उद्यमियों को व्यजंनों के साथ भेजा जाएगा।
विज्ञापन
लोकल से ग्लोबल होने का सफर
ओडीओसी योजना का मुख्य उद्देश्य सदियों पुराने स्थानीय खाद्य उत्पादों को आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है। सरकार की इस पहल से न केवल सदियों पुरानी पाक कला को नया जीवन मिल रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबारियों, हलवाइयों और किसानों के लिए रोजगार के व्यापक अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
इन व्यंजनों का दिखेगा जलवा
आगरा के पेठा, दालमोठ, गजक और पराठा, मथुरा के पेड़ा, छप्पनभोग, माखन मिश्री और तरौली की रबड़ी, मैनपुरी के सोहन पापड़ी और भुना हुआ आलू, फिरोजाबाद की आलू टिक्की और कचौड़ी, अलीगढ़ के डेयरी उत्पाद, कचौड़ी और इग्लास की चमचम, हाथरस की रबड़ी, गोरखपुर के लिट्टी चोखा, लहसुन वाले छोले-समोसे और बर्फी, कानपुर के समोसे, लड्डू और मलइयो, लखनऊ की रेवड़ी, आम के उत्पाद और मलाई मक्खन, वाराणसी की तिरंगा बर्फी, ठंडाई व लस्सी, कचौरी, बनारसी पान, लौंग लता और मलइयो, जौनपुर की इमरती, एटम बम मिठाई और जौनपुरी मूली, शामली के गुड़ आधारित उत्पाद, चाट व पलंग तोड़ मिठाई ट्रेड शो में जलवा दिखाएंगे।
ट्रेड शो में हाथरस की प्रसिद्ध रबड़ी को प्रमुखता से प्रदर्शित करने की तैयारी है। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से रबड़ी कारोबार से जुड़े तीन प्रमुख उद्यमियों के नाम शासन को प्रस्तावित किए जा चुके हैं। अंतिम चयन के बाद इन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि इस प्रकार के बड़े आयोजनों से स्थानीय उत्पादों को नया और बड़ा बाजार मिलता है, जिससे जिले के मिठाई कारोबार को सीधे तौर पर बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शासन ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र के मशहूर और प्रामाणिक व्यंजनों के स्टॉल संचालकों की सूची जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय रहते अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारियां पूरी की जा सकें। उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र अजलेश कुमार ने बताया कि सभी प्रदेश के जिलों से व्यजंनों के आधार पर उद्यमी की सूचना मांगी गई है। नोएडा ट्रेड शो में इन उद्यमियों को व्यजंनों के साथ भेजा जाएगा।
लोकल से ग्लोबल होने का सफर
ओडीओसी योजना का मुख्य उद्देश्य सदियों पुराने स्थानीय खाद्य उत्पादों को आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है। सरकार की इस पहल से न केवल सदियों पुरानी पाक कला को नया जीवन मिल रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबारियों, हलवाइयों और किसानों के लिए रोजगार के व्यापक अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
इन व्यंजनों का दिखेगा जलवा
आगरा के पेठा, दालमोठ, गजक और पराठा, मथुरा के पेड़ा, छप्पनभोग, माखन मिश्री और तरौली की रबड़ी, मैनपुरी के सोहन पापड़ी और भुना हुआ आलू, फिरोजाबाद की आलू टिक्की और कचौड़ी, अलीगढ़ के डेयरी उत्पाद, कचौड़ी और इग्लास की चमचम, हाथरस की रबड़ी, गोरखपुर के लिट्टी चोखा, लहसुन वाले छोले-समोसे और बर्फी, कानपुर के समोसे, लड्डू और मलइयो, लखनऊ की रेवड़ी, आम के उत्पाद और मलाई मक्खन, वाराणसी की तिरंगा बर्फी, ठंडाई व लस्सी, कचौरी, बनारसी पान, लौंग लता और मलइयो, जौनपुर की इमरती, एटम बम मिठाई और जौनपुरी मूली, शामली के गुड़ आधारित उत्पाद, चाट व पलंग तोड़ मिठाई ट्रेड शो में जलवा दिखाएंगे।