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Hathras News: साइबर फ्राॅड की रकम खपाने का ट्रांजिट पॉइंट बना हाथरस
Sun, 12 Jul 2026 02:34 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 12 Jul 2026 02:34 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
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जनपद हाथरस साइबर अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को खपाने के लिए हाथरस के स्थानीय निवासियों के बैंक खातों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में किया जा रहा है।
देश के 10 अलग-अलग राज्यों में करीब 12 करोड़ के साइबर फ्रॉड से जुड़ी 17 शिकायतें दर्ज हुईं। इस रकम में से 1.25 करोड़ से अधिक की राशि हाथरस की दो फर्मों के खातों में भेजी गई। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए साइबर सेल ने दोनों फर्मों पर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं।
साइबर सेल प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि ऑपरेशन वज्र के तहत डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस पैक और एनसीआरपी की जांच में इस बड़े साइबर फ्रॉड की जानकारी हुई। प्रकरण में गहन छानबीन और खाता धारकों की भूमिका की जांच की रही है। इस नेटवर्क में जिले के और भी चालू खाते शामिल हो सकते हैं।
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मामला-1
हसायन की जगदंबा इंटरप्राइजेज के खाते में आए 80.88 लाख
साइबर क्राइम ब्रांच को ऑपरेशन वज्र के अंतर्गत बैंक ऑफ महाराष्ट्र के म्यूल खाते की जानकारी मिली। यह चालू खाता जगदंबा इंटरप्राइजेज के नाम से पंजीकृत है और इसके प्रोपराइटर हसायन के छीतीपुर निवासी सत्यवीर सिंह हैं। एनसीआरपी पर जांच करने पर पता चला कि देश के विभिन्न राज्यों की सात बड़ी साइबर शिकायतों में हुई कुल 7,40,61,233 की ठगी में से 80,88,945 रुपये सीधे इस खाते में ट्रांसफर किए गए थे। तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार आदि प्रदेशों से यह रकम ठगी गई।
मामला-2
श्रीगणेश ऑटोमोबाइल्स के खाते में खपाए गए 44.57 लाख
बैंक ऑफ बड़ौदा के एक संदिग्ध म्यूल खाते की जांच की गई। इसमें पता चला कि यह श्रीगणेश ऑटोमोबाइल्स फर्म का चालू खाता है। इसके संचालक हाथरस के बाला पट्टी निवासी रोहित सिंह हैं। एनसीआरपी की रिपोर्ट के मुताबिक इस खाते से देश के अलग-अलग राज्यों की 10 शिकायतें जुड़ी हुई हैं। कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, तमिलनाडु आदि राज्यों में कुल 4,79,22,656 की ठगी हुई थी जिसमें से 44,57,999 की रकम इस म्यूल खाते में ट्रांसफर की गई।
मुरसान में भी मिला था म्यूल खाता
मुरसान की स्टेट बैंक शाखा में चौधरी ट्रेडिंग कंपनी के चालू खाते में 1.82 लाख रुपये खपाए गए थे। 14 राज्यों से ठगे गए 1.34 करोड़ रुपये में से यह रकम ट्रांसफर की गई थी। एनसीआरपी पर आईं एक ही खाते की 18 शिकायतों के बाद इस पर साइबर टीम की नजर गई और 30 मई को एफआईआर दर्ज कराई गई। यह खाता पटाखास कोरना के रामगोपाल के नाम से था। अब तक इसमें छानबीन चल रही है।
विभिन्न राज्यों में हुए वित्तीय अपराधों का पैसा हाथरस के इन खातों में आना इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि इन खातों का इस्तेमाल म्यूल खाते के रूप में गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। दोनों मामलों में संबंधित दस्तावेजों, बैंक डिटेल्स और एनसीआरपी साक्ष्यों को कब्जे में लेकर आगे कार्रवाई की जा रही है। देश में फैलाए गए इस साइबर फ्रॉड के नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।
चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी
बैंक ऑफ बड़ौदा, मोती बाजार, हाथरस के म्यूल खाते में ट्रांसफर रकम
राज्य जिला कुल फ्रॉड म्यूल खाते में आई राशि
तमिलनाडु चेन्नई 2,85,97,770 5,00,000
तमिलनाडु चेन्नई 41,46,000 3,50,000
उत्तर प्रदेश गाजियाबाद 1,27,62,626 29,00,000
बिहार मोतिहारी 17,60,000 8,00,000
मध्य प्रदेश खंडवा 6,89,006 15,38,945
तमिलनाडु डिंडीगुल 48,34,900 10,00,000
तेलंगाना हैदराबाद सिटी 2,02,70,931 10,00,000
-- -- -- -- -- --
कुल 7,40,61,233 80,88,945
बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बीएच ऑयल मिल, हाथरस के म्यूल खाते में ट्रांसफर रकम
राज्य जिला कुल फ्रॉड म्यूल खाते में आई राशि
तमिलनाडु डिंडीगुल 21,55,030 1,50,000
उत्तर प्रदेश वाराणसी 1,20,00,000 18,00,000
उत्तर प्रदेश मिर्जापुर 50,000 50,000
दिल्ली साउथ वेस्ट 15,32,500 1,99,999
दिल्ली सेंट्रल 24,89,004 1,00,000
दिल्ली साउथ वेस्ट 47,20,000 10,00,000
कर्नाटक बंगलूरू सिटी 8,10,000 10,000
मेघालय खासी हिल्स ईस्ट 16,02,122 1,00,000
महाराष्ट्र नासिक सिटी 2,13,83,000 10,00,000
महाराष्ट्र नवी मुंबई 11,81,000 48,000
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कुल 4,79,22,656 44,57,999
-- --
जानें म्यूल खाते को
म्यूल अकाउंट एक ऐसा बैंक खाता होता है, जिसका उपयोग जालसाज और साइबर अपराधी ठगी या अवैध रूप से कमाए गए पैसे को एक जगह से दूसरी जगह भेजने या छिपाने के लिए करते हैं। खाता किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर होता है लेकिन उसे नियंत्रित कोई और (अपराधी) कर रहा होता है। साइबर ठग छात्रों, बेरोजगारों को आसान कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं। फिर इस पैसे को आगे दूसरे खातों में भेज दिया जाता है या निकाल लिया जाता है। इससे असली अपराधी पकड़े नहीं जाते।
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देश के 10 अलग-अलग राज्यों में करीब 12 करोड़ के साइबर फ्रॉड से जुड़ी 17 शिकायतें दर्ज हुईं। इस रकम में से 1.25 करोड़ से अधिक की राशि हाथरस की दो फर्मों के खातों में भेजी गई। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए साइबर सेल ने दोनों फर्मों पर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं।
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साइबर सेल प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि ऑपरेशन वज्र के तहत डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस पैक और एनसीआरपी की जांच में इस बड़े साइबर फ्रॉड की जानकारी हुई। प्रकरण में गहन छानबीन और खाता धारकों की भूमिका की जांच की रही है। इस नेटवर्क में जिले के और भी चालू खाते शामिल हो सकते हैं।
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मामला-1
हसायन की जगदंबा इंटरप्राइजेज के खाते में आए 80.88 लाख
साइबर क्राइम ब्रांच को ऑपरेशन वज्र के अंतर्गत बैंक ऑफ महाराष्ट्र के म्यूल खाते की जानकारी मिली। यह चालू खाता जगदंबा इंटरप्राइजेज के नाम से पंजीकृत है और इसके प्रोपराइटर हसायन के छीतीपुर निवासी सत्यवीर सिंह हैं। एनसीआरपी पर जांच करने पर पता चला कि देश के विभिन्न राज्यों की सात बड़ी साइबर शिकायतों में हुई कुल 7,40,61,233 की ठगी में से 80,88,945 रुपये सीधे इस खाते में ट्रांसफर किए गए थे। तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार आदि प्रदेशों से यह रकम ठगी गई।
मामला-2
श्रीगणेश ऑटोमोबाइल्स के खाते में खपाए गए 44.57 लाख
बैंक ऑफ बड़ौदा के एक संदिग्ध म्यूल खाते की जांच की गई। इसमें पता चला कि यह श्रीगणेश ऑटोमोबाइल्स फर्म का चालू खाता है। इसके संचालक हाथरस के बाला पट्टी निवासी रोहित सिंह हैं। एनसीआरपी की रिपोर्ट के मुताबिक इस खाते से देश के अलग-अलग राज्यों की 10 शिकायतें जुड़ी हुई हैं। कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, तमिलनाडु आदि राज्यों में कुल 4,79,22,656 की ठगी हुई थी जिसमें से 44,57,999 की रकम इस म्यूल खाते में ट्रांसफर की गई।
मुरसान में भी मिला था म्यूल खाता
मुरसान की स्टेट बैंक शाखा में चौधरी ट्रेडिंग कंपनी के चालू खाते में 1.82 लाख रुपये खपाए गए थे। 14 राज्यों से ठगे गए 1.34 करोड़ रुपये में से यह रकम ट्रांसफर की गई थी। एनसीआरपी पर आईं एक ही खाते की 18 शिकायतों के बाद इस पर साइबर टीम की नजर गई और 30 मई को एफआईआर दर्ज कराई गई। यह खाता पटाखास कोरना के रामगोपाल के नाम से था। अब तक इसमें छानबीन चल रही है।
विभिन्न राज्यों में हुए वित्तीय अपराधों का पैसा हाथरस के इन खातों में आना इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि इन खातों का इस्तेमाल म्यूल खाते के रूप में गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। दोनों मामलों में संबंधित दस्तावेजों, बैंक डिटेल्स और एनसीआरपी साक्ष्यों को कब्जे में लेकर आगे कार्रवाई की जा रही है। देश में फैलाए गए इस साइबर फ्रॉड के नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।
चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी
बैंक ऑफ बड़ौदा, मोती बाजार, हाथरस के म्यूल खाते में ट्रांसफर रकम
राज्य जिला कुल फ्रॉड म्यूल खाते में आई राशि
तमिलनाडु चेन्नई 2,85,97,770 5,00,000
तमिलनाडु चेन्नई 41,46,000 3,50,000
उत्तर प्रदेश गाजियाबाद 1,27,62,626 29,00,000
बिहार मोतिहारी 17,60,000 8,00,000
मध्य प्रदेश खंडवा 6,89,006 15,38,945
तमिलनाडु डिंडीगुल 48,34,900 10,00,000
तेलंगाना हैदराबाद सिटी 2,02,70,931 10,00,000
कुल 7,40,61,233 80,88,945
बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बीएच ऑयल मिल, हाथरस के म्यूल खाते में ट्रांसफर रकम
राज्य जिला कुल फ्रॉड म्यूल खाते में आई राशि
तमिलनाडु डिंडीगुल 21,55,030 1,50,000
उत्तर प्रदेश वाराणसी 1,20,00,000 18,00,000
उत्तर प्रदेश मिर्जापुर 50,000 50,000
दिल्ली साउथ वेस्ट 15,32,500 1,99,999
दिल्ली सेंट्रल 24,89,004 1,00,000
दिल्ली साउथ वेस्ट 47,20,000 10,00,000
कर्नाटक बंगलूरू सिटी 8,10,000 10,000
मेघालय खासी हिल्स ईस्ट 16,02,122 1,00,000
महाराष्ट्र नासिक सिटी 2,13,83,000 10,00,000
महाराष्ट्र नवी मुंबई 11,81,000 48,000
कुल 4,79,22,656 44,57,999
जानें म्यूल खाते को
म्यूल अकाउंट एक ऐसा बैंक खाता होता है, जिसका उपयोग जालसाज और साइबर अपराधी ठगी या अवैध रूप से कमाए गए पैसे को एक जगह से दूसरी जगह भेजने या छिपाने के लिए करते हैं। खाता किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर होता है लेकिन उसे नियंत्रित कोई और (अपराधी) कर रहा होता है। साइबर ठग छात्रों, बेरोजगारों को आसान कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं। फिर इस पैसे को आगे दूसरे खातों में भेज दिया जाता है या निकाल लिया जाता है। इससे असली अपराधी पकड़े नहीं जाते।