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Hathras News: एसटीएफ की जांच में आया सामने, पश्चिम बंगाल की फैक्टरी में हाथरस से गया था कलमी शोरा

Tue, 21 Jul 2026 06:20 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Tue, 21 Jul 2026 06:20 PM IST
सार

कलमी शोरा यानी पोटेशियम नाइट्रेट का पारंपरिक काले बारूद और आतिशबाजी के निर्माण में एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में उपयोग किया जाता है। रासायनिक रूप से यह एक ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है, इसलिए बारूद को जलने के लिए बाहरी हवा पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है।

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Hathras Kalmi Shora in a factory in West Bengal
एसटीएफ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के देवास में हुए विस्फोट से हाथरस जिले के तार जुड़ने से एक बार फिर साफ हो गया कि केमिकल की अवैध फैक्टरियां बदस्तूर संचालित हैं। तीन साल पहले पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट में भी हाथरस का नाम आया था। उस फैक्टरी में भी मुल्तानी मिट्टी व मेटल साफ करने का केमिकल बताकर कोरियर से कलमी शोरा भेजा जा रहा था।

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हाथरस व सासनी की कुछ फैक्टरियों में कलमी शोरा बनाया जाता है। इसके अलावा पड़ोसी जिले एटा के कस्बा जलेसर में भी कलमी शोरा का बड़ा काम है। यहां के कुछ व्यापारी ट्रेडिंग का भी काम करते हैं। 27 अगस्त 2023 को पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के दत्तपुकुर में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट हुआ था, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी। एसटीएफ की छानबीन में सामने आया था कि विस्फोटक बनाने के लिए कलमी शोरा कोरियर के माध्यम से हाथरस से भेजा गया था।
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केमिकल मथुरा रोड स्थित सेफ एक्सप्रेस कोरियर के माध्यम से भेजा गया था। 15 मार्च 2023 को कमला बाजार स्थित फर्म ने 50-50 किलो के 10 कट्टे हावड़ा के लिए बुक कराए थे। माल जलेसर की फैक्टरी से मंगाया था। मेटल साफ करने वाला केमिकल बताकर यह कट्टे भेजे गए थे।

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मामला दबा, जारी रहा काम
कई दिनों तक चली छानबीन के बाद यह मामला दब गया था। अब देवास में हुए विस्फोट में हाथरस से कलमी शोरा भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। इससे साफ है कि जिले में चोरी छिपे कलमी शोरा काम चल रहा है। एसआईटी के आने के बाद से अवैध तरीके से इस काम को कर रहे लोग अंडरग्राउंड हैं।

इस तरह काम करता है कलमी शोरा
कलमी शोरा यानी पोटेशियम नाइट्रेट का पारंपरिक काले बारूद और आतिशबाजी के निर्माण में एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में उपयोग किया जाता है। रासायनिक रूप से यह एक ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है, इसलिए बारूद को जलने के लिए बाहरी हवा पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है। यह ऑक्सीजन दहन की गति को अत्यंत तीव्र कर देती है, जिससे तेजी से ऊर्जा और गैसों का प्रसार होता है, इसलिए इसकी काफी डिमांड रहती है। कुछ फैक्टरी संचालक अन्य कैमिकल के कार्यों की आड़ में कलमी शोरा भेजते हैं।

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