फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Humanity hangs its head in shame; last rites had to be performed under a makeshift tarpaulin shelter.

Hathras News: मानवता शर्मसार, तिरपाल तानकर करना पड़ा अंतिम संस्कार

Thu, 30 Jul 2026 02:29 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Thu, 30 Jul 2026 02:29 AM IST
विज्ञापन
Humanity hangs its head in shame; last rites had to be performed under a makeshift tarpaulin shelter.
हाथरस जंक्शन के गांव धौरपुर में चिता को बारिश में भीगने से बचाने के लिए तिरपाल तानकर अंतिम संस् - फोटो : Videograb
विकास के दावों के बीच हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांवों से सिस्टम को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। क्षेत्र के गांव बरौली में बारिश के बीच लोग श्मशान घाट पर शव रखकर करीब एक घंटे तक इंतजार करते रहे। चिता और शव को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल का सहारा लेना पड़ा।
विज्ञापन


बरौली निवासी वीरेंद्र सिंह (45) पुत्र हगुलाल सिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज अलीगढ़ के निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। 28 जुलाई की सुबह करीब सात बजे परिजन शव लेकर गांव पहुंचे। दोपहर लगभग 12 बजे जब परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पहुंचे, तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई।
विज्ञापन

श्मशान घाट पर न तो सिर छिपाने के लिए कोई टिनशेड है और न ही चिता जलाने के लिए पक्का चबूतरा। पूरा परिसर कच्चा होने के कारण जलभराव और कीचड़ की स्थिति बन गई। ऐसे में ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए चिता के ऊपर एक तिरपाल तानी और कई लोग एक घंटे तक बारिश में भीगते हुए उस तिरपाल को हाथों से पकड़कर खड़े रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बारिश के दौरान तिरपाल पकड़कर खड़े ग्रामीणों का किसी व्यक्ति ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय ग्रामीण अब ग्राम पंचायत और प्रशासनिक अधिकारियों के विकास कार्यों पर सवाल उठा रहे हैं।

बजट न होने का दिया जा रहा हवाला
इस संबंध में जब गांव की प्रधान मधु देवी से बात की गई तो उन्होंने अपनी लाचारी जताई। प्रधान का कहना है कि उन्होंने पक्के श्मशान घाट और टिनशेड के निर्माण के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है, लेकिन हर बार बजट का अभाव बताकर बात टाल दी जाती है।

पवलोई और धौरपुर में भी हालात बदतर
पवलोई : गांव के दीपक कुमार ने बताया कि श्मशान स्थल पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं, जिससे वहां तक पहुंचना भी दूभर हो जाता है।

धौरपुर : गांव के रामू का कहना है कि इसकी शिकायत कई बार की जा चुकी है। खुले आसमान के नीचे अंत्येष्टि करना बेहद मुश्किल है। बारिश के मौसम में पूरा मैदान जंगल में तब्दील हो जाता है, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।

सोखना में भी सामने आया था मामला
गांव सोखना में नौ जुलाई को ऐसी ही स्थिति देखने को मिली थी। गांव में दो महिलाओं की मौत हुई थी और दोनों की चिताएं तिरपाल की ओट में बमुश्किल जल पाई थीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सभी श्मशान घाटों पर पक्के चबूतरे और टिनशेड का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि अंतिम यात्रा में कम से कम अपनों को यह दर्द न सहना पड़े।


अंत्येष्टि स्थलों के जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। जहां-जहां बजट स्वीकृत हो गया है, वहां अंत्येष्टि स्थलों को दुरुस्त कराया जा रहा है। -राकेश बाबू, जिला पंचायतराज अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed