श्रावण आज से: कांवड़ियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, कांवड़ मार्गाें पर 20 एंबुलेंस रहेंगी तैनात, डायवर्जन भी
प्रशासन की ओर से पांच कांवड़ मार्गों पर 30 शिविर लगाए जा रहे हैं, जिनमें आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में तीन-तीन कर्मचारी तैनात रहेंगे। निजी शिविरों का सत्यापन किया जा रहा है। अनुमति के बाद ही लोग शिविर लगा सकेंगे।
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विस्तार
श्रावण मास की शुरूआत हो चुकी हैं। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुचारू बनाने के लिए प्रशासन व पुलिस विभाग ने कमर कस ली है। हाथरस जिले से तीन लाख कांवड़ियों के गुजरने का अनुमान जताया गया है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए मथुरा-बरेली और आगरा-अलीगढ़ मार्ग की पटरियों को दुरुस्त कर दिया गया है।
सिकंदराराऊ में निर्माणाधीन बरेली हाईवे केवल कांवड़ियों के आवागमन के लिए आरक्षित रखा जाएगा। पैरों में कंकड़ न चुभें, इसके लिए कांवड़ मार्गों पर मिट्टी की परत बिछाई जा रही है। बुधवार को भी यह काम जारी रहा। कांवड़ यात्रा के दौरान जिले में शनिवार सुबह से लेकर सोमवार शाम तक कांवड़ियों की आवाजाही का पीक समय रहेगा। इस दौरान मार्गों पर लगभग 30,000 से 40,000 कांवड़िए हर समय मौजूद रहेंगे। पहले सोमवार को तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के गुजरने की संभावना को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। सुरक्षा के दृष्टिगत सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। ब्रीफिंग भी की जा चुकी है। श्रद्धालुओं को किसी तरह की समस्या नहीं होने दी जाएगी।-चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी
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शासन से मिले दिशा-निर्देशों के क्रम में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले को जोन व सेक्टर में विभाजित कर सुरक्षा का खाका खींचा गया है। दोनों प्रमुख हाईवे पर पैदल मार्ग बनाए जा रहे हैं। पटरियों की सफाई अंतिम दौर में है।-प्रशांत तिवारी, एडीएम
प्रशासन लगाएगा 30 शिविर, निजी के लिए अनुमति
प्रशासन की ओर से पांच कांवड़ मार्गों पर 30 शिविर लगाए जा रहे हैं, जिनमें आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में तीन-तीन कर्मचारी तैनात रहेंगे। निजी शिविरों का सत्यापन किया जा रहा है। अनुमति के बाद ही लोग शिविर लगा सकेंगे। अब तक 35 का सत्यापन हो चुका है। शिविरों में पर्याप्त प्रकाश, सीसीटीवी कैमरे और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अनिवार्य होगी। शिविरों में किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक गाने बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शिविर मुख्य रास्ते से कम से कम 10 फीट अंदर लगाए जाएंगे।
कांवड़ मार्गाें पर 20 एंबुलेंस रहेंगी तैनात
प्रत्येक शिविर में तीनों शिफ्ट में एक-एक मेडिकल स्टाफ तैनात किया गया है। कुल 90 स्वास्थ्य कर्मी लगाए गए हैं। इसके साथ शिविर में आकस्मिक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रहेगा। हर ब्लॉक के चिकित्सा अधीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया। डिप्टी सीएमओ डॉ. एमआई आलम जिले के नोडल रहेंगे। इसके साथ ही पांच कांवड़ मार्गों पर 20 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। सीएमओ डॉ. वेदप्रकाश अग्रवाल ने बताया कि कंट्रोल रूम भी स्थापित कर दिया गया है, जो 24 घंटे काम करेगा।
कांवड़ियों के लिए तय किए गए पांच प्रमुख रूट
- रूट 01 : (कुल दूरी : 57 किमी) : यह कासगंज-मथुरा मार्ग है और कछला घाट के चलते कांवड़िये सबसे अधिक इसी मार्ग पर चलेंगे। सिकंदराराऊ में डुकरिया बंबा से प्रवेश होकर पंत चौराहा, हाथरस जंक्शन, हाथरस गेट, हाथरस कोतवाली, हतीसा पुल व मुरसान होते हुए राया के लिए।
- रूट 02 : (कासगंज-सिकंदराराऊ-जलेसर, कुल दूरी : 32 किमी): यहां डुकरिया बंबा से प्रवेश होकर पंत चौराहा, पुरदिलनगर, जरैरा, भैंकुरी तिराहा होते हुए जलेसर के लिए।
- रूट 03 : (कुल दूरी : 27 किमी): मारहरा (एटा) से सिकंदराराऊ में प्रवेश, कचौरा (सिकंदराराऊ), रतिभानपुर (सिकंदराराऊ) व भैंकुरी तिराहा होते हुए जलेसर (एटा) के लिए।
- रूट 04 : (अलीगढ़-आगरा, कुल दूरी : 52 किमी): सासनी से प्रवेश, हाथरस गेट, कोतवाली हाथरस सदर, चंदपा व सादाबाद होते हुए आगरा की ओर। (हरिद्वार, रामघाट, राजघाट से आने वाले यात्री)
- रूट 05 : इगलास-मुरसान, कुल दूरी : 4 किमी) : खैर (अलीगढ़) से इगलास होते हुए यात्री इगलास से मुरसान क्षेत्र में प्रवेश करते हुए हाथरस आएंगे। (हरिद्वार, गढ़ व रामघाट की ओर से आने वाले यात्री)।
चार जोन व 12 सेक्टरों में बांटा हाथरस
कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़ा सुरक्षा घेरा तैयार किया है। पूरे कांवड़ पथ को चार जोन, 12 सेक्टर और 32 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। यात्रा मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कांवड़ पथ पर कुल 33 स्थानों को बैरियर ड्यूटी के लिए चिह्नित किया गया है। इनमें 15 स्थानों पर रूट डायवर्जन बैरियर लगाए गए हैं और 18 स्थानों पर केवल बैरियर ड्यूटी रहेगी। प्रत्येक बैरियर पर दो हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल और एक यातायात पुलिसकर्मी समेत कुल तीन पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 67 स्थानों पर फिक्स पिकेट लगाई गई है। हर पिकेट पर एक हेड कांस्टेबल, एक कांस्टेबल और एक होमगार्ड तैनात रहेगा। मार्ग पर निरंतर निगरानी के लिए 32 स्थानों को गश्त के लिए चिह्नित किया गया है। प्रत्येक टीम को एक से दो किमी का रूट दिया गया है, जहां एक एसआई, एक कांस्टेबल और एक ड्राइवर वाहन से लगातार भ्रमणशील रहेंगे।
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए 12 विशेष चेकिंग पार्टियां बनाई गई हैं। प्रत्येक चेकिंग टीम में एक निरीक्षक और दो कांस्टेबल तैनात रहेंगे। सुरक्षा का जिम्मा 868 अधिकारियों व पुलिसकर्मियों के कंधों पर होगा। एक एएसपी के नेतृत्व में चार सीओ, 32 निरीक्षक, 142 उपनिरीक्षक, 556 सिपाही व 82 महिला सिपाही व 51 होमगार्ड तैनात रहेंगे। इसके साथ ही डेढ़ प्लाटून पीएसी भी तैनात रहेगी।
ये भी रहेंगे इंतजाम
- सीसीटीवी व ड्रोन निगरानी : पांचों मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन के जरिये 24 घंटे लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। निगरानी में करीब 500 सीसीटीवी कैमरे रहेंगे।
- 24 घंटे कंट्रोल रूम : हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखने के लिए 24 घंटे सातों दिन कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा।
- सोशल मीडिया मॉनिटरिंग : सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
कांवड़ यात्रा के लिए 15 प्रमुख स्थानों पर डायवर्जन लागू
कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और शिव भक्तों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करने के लिए पुलिस व प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। जिले के 15 प्रमुख स्थानों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य वाहनों को उन वैकल्पिक मार्गों पर भेजना है, जहां से कांवड़ यात्रा नहीं गुजरेगी। कासगंज से मथुरा रोड और अलीगढ़ से आगरा रोड पर प्रत्येक शुक्रवार रात आठ बजे से सोमवार दोपहर 12:00 बजे तक सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
प्रमुख डायवर्जन बिंदु और वैकल्पिक मार्ग
- कासगंज व सिकंदराराऊ मार्ग : कासगंज की ओर से आने वाले वाहनों को अलीगढ़-एटा बाईपास स्थित सरदला पुल से डायवर्ट किया जाएगा। इसके अलावा सिकंदराराऊ के पंत चौराहा, अलीगढ़ व हाथरस रोड पर स्थित अंडरपास से वाहनों को बाईपास की तरफ भेजा जाएगा।
- मेंडू बाईपास (मथुरा-बरेली बाईपास) : सिकंदराराऊ रोड से आने वाले मध्यम व बड़े वाहन मेंडू बाईपास से मथुरा-बरेली बाईपास होते हुए वाया रुहेरी, राया और मथुरा के रास्ते अलीगढ़, आगरा व मथुरा की ओर भेजे जाएंगे।
- सलेमपुर, वाहनपुर व कैलोरा चौराहा : सलेमपुर की ओर आने वाले वाहनों को वाहनपुर से नवनिर्मित मथुरा-बरेली हाईवे पर मोड़ा जाएगा। वाहनपुर से हाथरस शहर की ओर प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। वहीं कैलोरा चौराहा तक पहुंचने वाले वाहन दरियापुर और सासनी होते हुए डायवर्ट किए जाएंगे।
- अलीगढ़-आगरा हाईवे : अलीगढ़ की तरफ से आने वाले वाहन सासनी चौराहा से इगलास व जलेसर रोड के लिए मोड़े जाएंगे। इसके आगे रुहेरी से वाहनों को मथुरा-बरेली बाईपास से वाया राया यमुना एक्सप्रेस-वे होकर मथुरा और आगरा भेजा जाएगा।
- आगरा व चंदपा मार्ग : आगरा की ओर से आने वाले वाहनों को सादाबाद से बलदेव व मुरसान रोड पर डायवर्ट किया जाएगा। अलीगढ़ जाने वाले वाहन चंदपा नगला भुस से हतीसा बाईपास होते हुए अलीगढ़ जाएंगे।
- पड़ोसी जिलों से समन्वय : जिले में अनावश्यक वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए हाथरस पुलिस-प्रशासन ने पड़ोसी जनपद अलीगढ़, आगरा और मथुरा के प्रशासन को पत्र लिखकर सहयोग मांगा है।
योजना के तहत अलीगढ़ की ओर से आने वाले वाहनों को दिल्ली-कानपुर हाईवे पर, मथुरा में राया यमुना एक्सप्रेस-वे पर, कासगंज से आने वाले वाहनों को अलीगढ़ या एटा मार्ग पर और आगरा में खंदौली यमुना एक्सप्रेस-वे से ही डायवर्ट करने का सुझाव दिया गया है।
कांवड़ यात्रियों के लिए ये कार्य भी हुए
- विद्युत खंभों पर इंसुलेटिंग।
- रोड साइड झाड़ियों की कटिंग।
- डार्क जोन में लाइट का प्रबंध।
- कांवड़ शिविरों में स्टेटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी।
- एंटी वेनम डोज की नजदीकी अस्पताल में उपलब्धता।
- कलक्ट्रेट में एकीकृत कंट्रोल एंड कमांड सेंटर।