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Hathras News: प्रतिबंधित सिरप की खाली शीशियां कूड़े में फेंकने वालों का पता लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 19 Mar 2026 02:09 AM IST
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सिकंदराराऊ में बैठक करते दवा विक्रेता। संवाद
- फोटो : Samvad
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कस्बा में कूड़े के ढेर पर दूसरी बार प्रतिबंधित कोडिन सिरप की खाली शीशियां मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को सिकंदराराऊ, पुरदिलनगर और कचौरा के दवा विक्रेताओं ने बैठक कर मांग उठाई कि इन खाली शीशियों को फेंकने वालों का जल्द पता लगाया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
दवा विक्रेताओं ने आधे दिन के लिए अपनी दुकानें भी बंद रखीं। वक्ताओं ने कहा कि नगर में दूसरी बार कूड़े के ढेर पर प्रतिबंधित कोडिन फॉस्फेट सिरप की खाली शीशियां मिलने से वैध मेडिकल स्टोर संचालकों की मुश्किल बढ़ गई है।
पहले भी पुराने सरकारी अस्पताल परिसर में ऐसी शीशियां मिलने पर प्रशासन ने नगर के सभी मेडिकल स्टोरों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया था, लेकिन किसी भी दुकान से कोई प्रतिबंधित दवा बरामद नहीं हुई थी। इसके बावजूद वैध दवा विक्रेताओं को परेशानी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।
बैठक में मेडिकल स्टोर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित माहेश्वरी ने कहा कि यदि नगर में कोई व्यक्ति या गिरोह इस तरह का अवैध कार्य कर रहा है तो प्रशासन को उसका पता लगाकर उस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगर का कोई भी लाइसेंसधारी दवा विक्रेता प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री नहीं कर रहा है, इसलिए बेवजह मेडिकल स्टोर संचालकों को परेशान न किया जाए।
बैठक में प्रमुख दवा कारोबारी निशांत सहाय ने कहा कि ड्रग इंस्पेक्टर ने शेड्यूल-एच दवाओं का रजिस्टर मेंटेन करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन इसके लिए एमबीबीएस डॉक्टरों के पर्चे आवश्यकता पड़ती है, जबकि नगर में ऐसे डॉक्टर बहुत कम हैं।
बैठक में अजंत माहेश्वरी, राजेश गुप्ता, मुकेश पंडित, शिवम माहेश्वरी, आयुष वार्ष्णेय आदि मौजूद थे।
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दवा विक्रेताओं ने आधे दिन के लिए अपनी दुकानें भी बंद रखीं। वक्ताओं ने कहा कि नगर में दूसरी बार कूड़े के ढेर पर प्रतिबंधित कोडिन फॉस्फेट सिरप की खाली शीशियां मिलने से वैध मेडिकल स्टोर संचालकों की मुश्किल बढ़ गई है।
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पहले भी पुराने सरकारी अस्पताल परिसर में ऐसी शीशियां मिलने पर प्रशासन ने नगर के सभी मेडिकल स्टोरों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया था, लेकिन किसी भी दुकान से कोई प्रतिबंधित दवा बरामद नहीं हुई थी। इसके बावजूद वैध दवा विक्रेताओं को परेशानी और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।
बैठक में मेडिकल स्टोर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित माहेश्वरी ने कहा कि यदि नगर में कोई व्यक्ति या गिरोह इस तरह का अवैध कार्य कर रहा है तो प्रशासन को उसका पता लगाकर उस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगर का कोई भी लाइसेंसधारी दवा विक्रेता प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री नहीं कर रहा है, इसलिए बेवजह मेडिकल स्टोर संचालकों को परेशान न किया जाए।
बैठक में प्रमुख दवा कारोबारी निशांत सहाय ने कहा कि ड्रग इंस्पेक्टर ने शेड्यूल-एच दवाओं का रजिस्टर मेंटेन करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन इसके लिए एमबीबीएस डॉक्टरों के पर्चे आवश्यकता पड़ती है, जबकि नगर में ऐसे डॉक्टर बहुत कम हैं।
बैठक में अजंत माहेश्वरी, राजेश गुप्ता, मुकेश पंडित, शिवम माहेश्वरी, आयुष वार्ष्णेय आदि मौजूद थे।