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Hathras News: स्मार्ट मीटर...भुगतान शून्य होते ही गुल हुई एक हजार घरों की बत्ती
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स्मार्ट मीटर और बिजली कटौती के विरोध में ओढ़पुरा बिजलीघर पर इकट्ठा हुए भारतीय किसान यूनियन के पद
- फोटो : Samvad
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शहर के बाद देहात में भी बिल जमा नहीं होने पर कनेक्शन कटने शुरू हो गए हैं। चंदपा क्षेत्र में भुगतान शून्य होते ही एक हजार घरों की बिजली गुल हो गई। इनमें बैंक और पेट्रोल पंप भी शामिल थे।
चंदपा क्षेत्र के मीतई स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त का कनेक्शन अचानक कट गया। बैंक पर लगभग छह हजार रुपये का बकाया था। बाद में किसी तरह जनरेटर चलाकर बैंक का संचालन किया गया। बिसाना स्थित एक पेट्रोल पंप की बिजली भी काट दी गई।
चंदपा बिजली घर के जेई जितेंद्र कुमार ने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर में उपभोक्ताओं को अपना बैलेंस हमेशा प्लस में रखना जरूरी है। यदि बैलेंस माइनस में जाता है, तो बिजली आपूर्ति स्वत: बंद हो जाती है।
बुधवार को नगला ओझा, महमूदपुर ब्राह्मणान, चंदपा, बघना, नगला भुस, झींगुरा, खेड़ा परसौली, बूलगड़ी, अनीगढ़ी, बिसाना, संटीकरा, केवल गड़ी, लखूपुरा, परसारा, कुम्हरई और पैकवाड़ा आदि गांवों में एक हजार घरों की बिजली कट गई। ओढ़पुरा बिजलीघर पर इक्ठ्ठा हुए किसानों ने आरोप लगाया गया कि कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल गलत आ रहे हैं
गलत बिल और कटौती से त्रस्त ग्रामीण, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
हाथरस। भारतीय किसान यूनियन (अ) टिकैत के मंडल अध्यक्ष जितेंद्र रोहित ठाकुर ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिगड़ती बिजली व्यवस्था को लेकर ऊर्जा मंत्री उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि लगातार हो रही कटौती से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और किसानों की फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद समस्याएं और बढ़ गई हैं। बिना किसी पूर्व सूचना के कभी भी बिजली काट दी जाती है, अधिकांश उपभोक्ताओं को यह जानकारी नहीं होती कि उनका बिल कितना है। कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल गलत आ रहे हैं, जिन्हें ठीक कराने के लिए बार-बार बिजली विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं। संवाद
बिल मिलता नहीं, ऊर्जावान एप की ग्रामीणों को नहीं जानकारी
हाथरस। जनपद में बिजली विभाग ने करीब 1.30 लाख प्रीपेड मीटर लगाए हैं, कुल उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 2.77 लाख है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऊर्जावान ऐप की जानकारी और उसका सही उपयोग न होने से बड़ी परेशानी हो रही है।उनका कहना है कि बिल की जानकारी नहीं हो पाती है।
शहर के नाई का नगला क्षेत्र में जहां करीब पांच हजार की आबादी और लगभग एक हजार परिवार रहते हैं, अधिकांश घरों में प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। कई लोगों को यह पता नहीं रहता कि उनके मीटर में कितना बैलेंस शेष है, जिसके चलते अचानक बिजली कट जाती है। खासकर बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे लोग मोबाइल ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाते, जिससे समय पर रिचार्ज नहीं हो पाता और कनेक्शन कट जाता है। एसई अजीत कुमार सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया व अन्य साधनों से लगातार स्मार्ट मीटर के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
-पता ही नहीं चलता कि कितना बिल आ रहा है, अब तो बहुत अधिक परेशानी हो रही है। गजेन्द्र पाल सिंह, उपभोक्ता।
-बिल जमा कर देते हैं फिर भी कनेक्शन कट रहा है।पहले से रुपये जमा कर के रखना बड़ी दिक्कत वाली बात है। हरिओम, उपभोक्ता।
-कनेक्शन कटने पर बिजली विभाग के पास गया तो बोले कि एडवांस जमा करों, लेकिन एडवांस जमा करना कैसे मुमकिन है।,,,,,,,,भिखारी दास
-सभी उपभोक्ता पढ़े लिखे नहीं है, किस तरह एप देखना है, हमें तो कुछ पता नहीं चलता कि कितनी रीडिंग फूंकी है। बच्चू सिंह, उपभोक्ता।
-जो बिल भर रहा है, उसकी आपूर्ति ऊपर से बंद की जा रही है, लेकिन जो चोरी से बिजली चला रहा है, कोई मीटर ही नहीं है, उस पर कोई कार्रवाई नहीं है।पवन कुमार, उपभोक्ता
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चंदपा क्षेत्र के मीतई स्थित ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त का कनेक्शन अचानक कट गया। बैंक पर लगभग छह हजार रुपये का बकाया था। बाद में किसी तरह जनरेटर चलाकर बैंक का संचालन किया गया। बिसाना स्थित एक पेट्रोल पंप की बिजली भी काट दी गई।
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चंदपा बिजली घर के जेई जितेंद्र कुमार ने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर में उपभोक्ताओं को अपना बैलेंस हमेशा प्लस में रखना जरूरी है। यदि बैलेंस माइनस में जाता है, तो बिजली आपूर्ति स्वत: बंद हो जाती है।
बुधवार को नगला ओझा, महमूदपुर ब्राह्मणान, चंदपा, बघना, नगला भुस, झींगुरा, खेड़ा परसौली, बूलगड़ी, अनीगढ़ी, बिसाना, संटीकरा, केवल गड़ी, लखूपुरा, परसारा, कुम्हरई और पैकवाड़ा आदि गांवों में एक हजार घरों की बिजली कट गई। ओढ़पुरा बिजलीघर पर इक्ठ्ठा हुए किसानों ने आरोप लगाया गया कि कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल गलत आ रहे हैं
गलत बिल और कटौती से त्रस्त ग्रामीण, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
हाथरस। भारतीय किसान यूनियन (अ) टिकैत के मंडल अध्यक्ष जितेंद्र रोहित ठाकुर ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिगड़ती बिजली व्यवस्था को लेकर ऊर्जा मंत्री उत्तर प्रदेश को ज्ञापन भेजा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि लगातार हो रही कटौती से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और किसानों की फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद समस्याएं और बढ़ गई हैं। बिना किसी पूर्व सूचना के कभी भी बिजली काट दी जाती है, अधिकांश उपभोक्ताओं को यह जानकारी नहीं होती कि उनका बिल कितना है। कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल गलत आ रहे हैं, जिन्हें ठीक कराने के लिए बार-बार बिजली विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं। संवाद
बिल मिलता नहीं, ऊर्जावान एप की ग्रामीणों को नहीं जानकारी
हाथरस। जनपद में बिजली विभाग ने करीब 1.30 लाख प्रीपेड मीटर लगाए हैं, कुल उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 2.77 लाख है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऊर्जावान ऐप की जानकारी और उसका सही उपयोग न होने से बड़ी परेशानी हो रही है।उनका कहना है कि बिल की जानकारी नहीं हो पाती है।
शहर के नाई का नगला क्षेत्र में जहां करीब पांच हजार की आबादी और लगभग एक हजार परिवार रहते हैं, अधिकांश घरों में प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। कई लोगों को यह पता नहीं रहता कि उनके मीटर में कितना बैलेंस शेष है, जिसके चलते अचानक बिजली कट जाती है। खासकर बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे लोग मोबाइल ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाते, जिससे समय पर रिचार्ज नहीं हो पाता और कनेक्शन कट जाता है। एसई अजीत कुमार सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया व अन्य साधनों से लगातार स्मार्ट मीटर के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
-पता ही नहीं चलता कि कितना बिल आ रहा है, अब तो बहुत अधिक परेशानी हो रही है। गजेन्द्र पाल सिंह, उपभोक्ता।
-बिल जमा कर देते हैं फिर भी कनेक्शन कट रहा है।पहले से रुपये जमा कर के रखना बड़ी दिक्कत वाली बात है। हरिओम, उपभोक्ता।
-कनेक्शन कटने पर बिजली विभाग के पास गया तो बोले कि एडवांस जमा करों, लेकिन एडवांस जमा करना कैसे मुमकिन है।,,,,,,,,भिखारी दास
-सभी उपभोक्ता पढ़े लिखे नहीं है, किस तरह एप देखना है, हमें तो कुछ पता नहीं चलता कि कितनी रीडिंग फूंकी है। बच्चू सिंह, उपभोक्ता।
-जो बिल भर रहा है, उसकी आपूर्ति ऊपर से बंद की जा रही है, लेकिन जो चोरी से बिजली चला रहा है, कोई मीटर ही नहीं है, उस पर कोई कार्रवाई नहीं है।पवन कुमार, उपभोक्ता