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Hathras News: सत्संग हादसे में थानाध्यक्ष सहपऊ के बयान दर्ज
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
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सिकंदराराऊ के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में दो साल पहले हुए सत्संग हादसे की सुनवाई जारी है। बृहस्पतिवार को थानाध्यक्ष सहपऊ मयंक चौधरी ने न्यायालय में अपने बयान दर्ज कराए। थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने महिला कांस्टेबल की मदद से चोटों का निरीक्षण कर छह शवों के पंचनामा भरे थे। प्रकरण में सुनवाई की अगली तिथि 30 अप्रैल नियत की गई है।
2 जुलाई 2024 को यह हृदयविदारक घटना हुई थी। भीड़ के दबाव के चलते हुए हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी। अक्तूबर 2024 में प्रकरण में 3200 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें 11 आरोपी बनाए गए थे। प्रकरण में 676 गवाह हैं। बृहस्पतिवार को मुकदमे में गवाह सहपऊ थाने के एसओ मयंक चौधरी एडीजे एफटीसी कोर्ट प्रथम में हाजिर हुए तथा घटना वाले दिन की जानकारी दी।
उस समय मयंक चौधरी बतौर एसआई कोतवाली हाथरस गेट में तैनात थे। उनकी ड्यूटी पोस्टमार्टम हाउस पर पंचनामा भरने के लिए लगाई गई थी। एसओ ने बताया कि शवों की शिनाख्त करने का प्रयास किया गया, जिसमें लगभग आधा घंटे का समय लगा। महिला कांस्टेबल की मदद से उन्होंने शवों की चोट के बारे में पता किया, लेकिन किसी भी महिला के शव पर प्रत्यक्ष चोटें नहीं थीं। साथ ही अन्य जानकारियां भी न्यायालय के समक्ष रखीं।
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2 जुलाई 2024 को यह हृदयविदारक घटना हुई थी। भीड़ के दबाव के चलते हुए हादसे में 121 लोगों की मौत हो गई थी। अक्तूबर 2024 में प्रकरण में 3200 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसमें 11 आरोपी बनाए गए थे। प्रकरण में 676 गवाह हैं। बृहस्पतिवार को मुकदमे में गवाह सहपऊ थाने के एसओ मयंक चौधरी एडीजे एफटीसी कोर्ट प्रथम में हाजिर हुए तथा घटना वाले दिन की जानकारी दी।
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उस समय मयंक चौधरी बतौर एसआई कोतवाली हाथरस गेट में तैनात थे। उनकी ड्यूटी पोस्टमार्टम हाउस पर पंचनामा भरने के लिए लगाई गई थी। एसओ ने बताया कि शवों की शिनाख्त करने का प्रयास किया गया, जिसमें लगभग आधा घंटे का समय लगा। महिला कांस्टेबल की मदद से उन्होंने शवों की चोट के बारे में पता किया, लेकिन किसी भी महिला के शव पर प्रत्यक्ष चोटें नहीं थीं। साथ ही अन्य जानकारियां भी न्यायालय के समक्ष रखीं।

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