बिन फेरे-हम तेरे: यूपी के हाथरस में हुआ अजीब सामूहिक विवाह समारोह, जोड़े चार, हवन में लकड़ियां छह
इन सभी अव्यवस्थाओं के गवाह कई प्रमुख जनप्रतिनिधि भी बने। इनमें सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, विधायक सदर अंजुला सिंह माहौर और विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राणा शामिल थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गरीब परिवारों के लिए विवाह के सपने संजोने का माध्यम मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई। शहर के अलीगढ़ रोड स्थित केला फार्म्स में आयोजित इस समारोह में 214 जोड़े एक-दूसरे के हुए। इनमें 192 का विवाह और 22 जोड़ों का निकाह हुआ। हालांकि सरकारी बजट के बावजूद इन जोड़ों को अपने विशेष दिन पर निराशा का सामना करना पड़ा।
समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस समारोह में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव दिखा जबकि इसके लिए तमाम अफसरों की अलग -अलग कार्यों के लिए तैनाती की गई थी। विवाह समारोह परिसर में दूल्हा-दुल्हन को अलग-अलग मंडप तक नहीं मिले। उन्हें दो-दो लाइनों में आमने-सामने बैठाया गया था। प्रत्येक लाइन में 10-10 जोड़े थे। चार-चार जोड़ों के लिए सिर्फ एक हवन कुंड रखा गया था।
इन कुंडों में केवल छह लकड़ी के टुकड़े थे। न हवन सामग्री थी और न ही कोई अन्य सामान। कई हवन कुंडों में तो अग्नि भी प्रज्वलित नहीं हो सकी। फेरों के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। जोड़े ठीक से घूम भी नहीं सके। इससे बिन फेरे, हम तेरे वाली कहावत चरितार्थ हुई। ब्लॉक वार लगे शिविरों में भी केवल दो-दो हवन कुंड थे। इन्हीं कुंडों से विवाह की रस्म पूरी की गई। यहां तक कि रिश्तेदारों को बैठने के लिए भी परिसर में व्यवस्था नहीं थी। रिश्तेदारों को अन्य स्थानों पर बैठाया गया था।
सामूहिक विवाह था। दो-दो जोड़ों के बीच एक हवन कुंड रखा गया था। मंडप सभी के लिए अलग-अलग नहीं थे। 214 जोड़ों का विवाह हुआ था।-सरिता सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
यह है धनराशि का प्रावधान
योजना में उत्तर प्रदेश सरकार प्रति युगल 1,00,000 रुपये की आर्थिक सहायता देती है। इसमें 60,000 रुपये कन्या के बैंक खाते में सीधे भेजे जाते हैं। 25,000 रुपये के वैवाहिक उपहार भी दिए जाते हैं। शेष 15,000 रुपये प्रति जोड़ा आयोजन पर खर्च होते हैं। इसमें भोजन, पंडाल, फर्नीचर और पेयजल जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। 214 जोड़ों के लिए कुल 32 लाख रुपये का बजट आवंटित था। इतनी बड़ी धनराशि के बावजूद जोड़ों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलीं।
इन अव्यवस्थाओं के गवाह बने जनप्रतिनिधि
इन सभी अव्यवस्थाओं के गवाह कई प्रमुख जनप्रतिनिधि भी बने। इनमें सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि, विधायक सदर अंजुला सिंह माहौर और विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राणा शामिल थे। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मीना, ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय, जिलाध्यक्ष अपना दल रवि सारस्वत, जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा भी मौजूद रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।