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Hathras News: नौ दिन से लापता युवक की हत्या, करबन नदी में मिला शव
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 22 Mar 2026 01:36 AM IST
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मृतक रितेश उर्फ छोटू का फाइल फोटो।
- फोटो : Samvad
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गांव विशुनदास से नौ दिन से लापता युवक रितेश उर्फ छोटू (28) की हत्या कर दी गई। उसका शव शनिवार की दोपहर गांव के पास करबन नदी में पड़ा मिला। शव के पैर बंधे हुए थे और शरीर पर कई जख्म थे। पहचान छिपाने के लिए बाएं हाथ पर लिखा नाम काट दिया गया था, चेहरे पर भी तेजाब भी डाला गया है। परिजनों ने अपहरण के बाद हत्या होने का आरोप लगाकर हंगामा किया।
रितेश खेती करते थे और गत 13 मार्च की रात लगभग नौ बजे घर से यह कहकर निकले थे कि वह थोड़ी देर में आ जाएंगे। इसके बाद से वह लापता थे। देर रात तक उनकी पत्नी और भाई फोन मिलाते रहे, लेकिन कोई संपर्क नहीं हो पाया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और कस्बे व आसपास के इलाके में पर्चे चस्पा करा दिए। रिश्तेदारी में भी संपर्क किया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
रितेश का चचेरा भाई मनोज शनिवार को गांव से गुजर रही करबन नदी के आसपास रितेश की तलाश कर रहा था। इसी बीच नदी में झाडिय़ों के बीच कीचड़ से सना एक शव दिखाई दिया। कपड़ों व कदकाठी से मनोज ने शव की पहचान रितेश के रूप में की। खबर मिलते ही परिवार व गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। शव देख चीख-पुकार मच गई।
मुरसान पुलिस भी मौके पहुंच गई। परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण भी घटना स्थल पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। परिजनों का कहना है कि लापता होने वाली रात को ही अपहरण के बाद रितेश की हत्या की गई है और पहचान मिटाकर शव ठिकाने लगाने के उद्देश्य से नदी में फेंका है। फॉरेंसिक टीम व डॉग स्क्वाड भी छानबीन करने घटना स्थल पर पहुंच गई।
पति के बाद बेटे की मौत से मां बदहवास
मुरसान। रितेश की मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों के अनुसार रितेश के पिता सुग्रीव की बीमारी के चलते जनवरी 2024 में मृत्यु हो चुकी है। दो साल में पति के बाद बेटे की मौत से मां बदहवास है।
पत्नी पिंकी देवी का भी बुरा हाल है। रितेश छोटे भाई व मां के साथ रह रहा था। उसकी शादी को ग्यारह साल हो चुके हैं। दस साल की बेटी, दो बेटों में एक चार और एक दो साल का है। छोटे भाई की भी शादी हो चुकी है। बड़ा होने के नाते रितेश ही परिवार की देखरेख करता था और खेतीबाड़ी के जरिए घर चला रहा था। दो साल में पति के बाद बेटे के जाने से मां का बुरा हाल है। तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ चुका है। संवाद
रितेश के करीबियों पर शक
पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में सामने आया है कि वह दो-तीन युवकों के साथ अपने सरसों के खेत में बाली निकालने गया था, जिसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। पुलिस के सामने कुछ नाम भी सामने आए हैं, जिन्हें लेकर गहन छानबीन की जा रही है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
शव मिलने के बाद बदहवास मृतक के चचेरे भाई मनोज व परिवार के अन्य लोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मनोज का कहना था कि पुलिस ने रितेश को ढूंढने के कोई खास प्रयास नहीं किए। गुमशुदगी दर्ज नहीं की। केवल उनसे पर्चे छपवा लिए, जिन्हें वे लोग ही चिपकाते व बांटते घूम रहे थे।
करबन नदी में संदिग्ध हालत में शव मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। पुलिस ने तलाशने के पूरे प्रयास किए थे, फिर भी परिजनों के आरोपों पर जांच की जाएगी। जल्द ही घटना की गुत्थी सुलझा दी जाएगी।
रामानंद कुशवाहा, एएसपी
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रितेश खेती करते थे और गत 13 मार्च की रात लगभग नौ बजे घर से यह कहकर निकले थे कि वह थोड़ी देर में आ जाएंगे। इसके बाद से वह लापता थे। देर रात तक उनकी पत्नी और भाई फोन मिलाते रहे, लेकिन कोई संपर्क नहीं हो पाया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और कस्बे व आसपास के इलाके में पर्चे चस्पा करा दिए। रिश्तेदारी में भी संपर्क किया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
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रितेश का चचेरा भाई मनोज शनिवार को गांव से गुजर रही करबन नदी के आसपास रितेश की तलाश कर रहा था। इसी बीच नदी में झाडिय़ों के बीच कीचड़ से सना एक शव दिखाई दिया। कपड़ों व कदकाठी से मनोज ने शव की पहचान रितेश के रूप में की। खबर मिलते ही परिवार व गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। शव देख चीख-पुकार मच गई।
मुरसान पुलिस भी मौके पहुंच गई। परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण भी घटना स्थल पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। परिजनों का कहना है कि लापता होने वाली रात को ही अपहरण के बाद रितेश की हत्या की गई है और पहचान मिटाकर शव ठिकाने लगाने के उद्देश्य से नदी में फेंका है। फॉरेंसिक टीम व डॉग स्क्वाड भी छानबीन करने घटना स्थल पर पहुंच गई।
पति के बाद बेटे की मौत से मां बदहवास
मुरसान। रितेश की मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों के अनुसार रितेश के पिता सुग्रीव की बीमारी के चलते जनवरी 2024 में मृत्यु हो चुकी है। दो साल में पति के बाद बेटे की मौत से मां बदहवास है।
पत्नी पिंकी देवी का भी बुरा हाल है। रितेश छोटे भाई व मां के साथ रह रहा था। उसकी शादी को ग्यारह साल हो चुके हैं। दस साल की बेटी, दो बेटों में एक चार और एक दो साल का है। छोटे भाई की भी शादी हो चुकी है। बड़ा होने के नाते रितेश ही परिवार की देखरेख करता था और खेतीबाड़ी के जरिए घर चला रहा था। दो साल में पति के बाद बेटे के जाने से मां का बुरा हाल है। तीन बच्चों के सिर से पिता का साया उठ चुका है। संवाद
रितेश के करीबियों पर शक
पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में सामने आया है कि वह दो-तीन युवकों के साथ अपने सरसों के खेत में बाली निकालने गया था, जिसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। पुलिस के सामने कुछ नाम भी सामने आए हैं, जिन्हें लेकर गहन छानबीन की जा रही है।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
शव मिलने के बाद बदहवास मृतक के चचेरे भाई मनोज व परिवार के अन्य लोगों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मनोज का कहना था कि पुलिस ने रितेश को ढूंढने के कोई खास प्रयास नहीं किए। गुमशुदगी दर्ज नहीं की। केवल उनसे पर्चे छपवा लिए, जिन्हें वे लोग ही चिपकाते व बांटते घूम रहे थे।
करबन नदी में संदिग्ध हालत में शव मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। पुलिस ने तलाशने के पूरे प्रयास किए थे, फिर भी परिजनों के आरोपों पर जांच की जाएगी। जल्द ही घटना की गुत्थी सुलझा दी जाएगी।
रामानंद कुशवाहा, एएसपी