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Jalaun News: मेडिकल स्टोरों में छापा, दवाओं के क्रय-विक्रय के अभिलेख खंगाले
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उरई। जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के उद्देश्य से औषधि विभाग ने निरीक्षण अभियान चलाया। सहायक आयुक्त औषधि झांसी मंडल दीपक शर्मा एवं औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कर दवाओं के क्रय-विक्रय से जुड़े अभिलेखों की गहन जांच की।
निरीक्षण के दौरान टीम सबसे पहले राकेश मेडिकल हॉल पहुंची। यहां नशीली दवाओं की बिक्री की आशंका को देखते हुए स्टोर में उपलब्ध दवाओं, बिल बुक, स्टॉक रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई। जांच में बिलों का सही ढंग से रखरखाव न होना तथा एक्सपायरी दवाओं के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था न पाए जाने पर मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार बिलों का संधारण और एक्सपायरी दवाओं को अलग रखना अनिवार्य है, ताकि मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
इसके बाद टीम ने नीखरा मेडिकल्स, नीखरा मेडिकल हॉल एवं राधे-राधे मेडिकल स्टोर का भी निरीक्षण किया। नीखरा मेडिकल्स में नारकोटिक्स दवाओं एवं कफ सिरप के विक्रय से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इस पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से संबंधित दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी। मेडिकल स्टोर के संचालक विकास नीखरा को तीन दिन के भीतर सभी आवश्यक अभिलेख विभाग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में अभिलेख प्रस्तुत न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि जिले में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकना विभाग की प्राथमिकता है। सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को नियमानुसार दवाओं का विक्रय करने, अभिलेखों का सही रखरखाव रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचने के निर्देश दिए गए हैं। आगे भी इस तरह के निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे।
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निरीक्षण के दौरान टीम सबसे पहले राकेश मेडिकल हॉल पहुंची। यहां नशीली दवाओं की बिक्री की आशंका को देखते हुए स्टोर में उपलब्ध दवाओं, बिल बुक, स्टॉक रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई। जांच में बिलों का सही ढंग से रखरखाव न होना तथा एक्सपायरी दवाओं के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था न पाए जाने पर मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार बिलों का संधारण और एक्सपायरी दवाओं को अलग रखना अनिवार्य है, ताकि मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
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इसके बाद टीम ने नीखरा मेडिकल्स, नीखरा मेडिकल हॉल एवं राधे-राधे मेडिकल स्टोर का भी निरीक्षण किया। नीखरा मेडिकल्स में नारकोटिक्स दवाओं एवं कफ सिरप के विक्रय से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इस पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से संबंधित दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी। मेडिकल स्टोर के संचालक विकास नीखरा को तीन दिन के भीतर सभी आवश्यक अभिलेख विभाग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में अभिलेख प्रस्तुत न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि जिले में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकना विभाग की प्राथमिकता है। सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को नियमानुसार दवाओं का विक्रय करने, अभिलेखों का सही रखरखाव रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचने के निर्देश दिए गए हैं। आगे भी इस तरह के निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे।
