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Jalaun News: जाल व पिंजरा नहीं आए काम, कड़ी निगरानी फिर भी तेंदुआ लापता
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फोटो - 22 खेतों में ड्रोन उड़वाते डीएफओ प्रदीप कुमार। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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कोंच। ग्राम रवा के खेतों में गुरुवार को देखा गया तेंदुआ कड़ी निगरानी के बावजूद रात में लापता हो गया। वन विभाग की ओर से लगाए गए जाल और पिंजरे किसी काम नहीं आए। शुक्रवार को दिनभर उसकी तलाश की गई, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। रवा गांव सहित आसपास के इलाकों में भी दहशत है। लोग एहतियातन लाठी-डंडों और असलहों के साथ ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
कोंच क्षेत्र में जंगल न होने के कारण ग्रामीणों को जंगली जानवरों से निपटने का अनुभव नहीं है। गुरुवार की सुबह बुद्धसिंह कुशवाहा के खेत में अचानक तेंदुआ दिखाई देने से गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमें गांव पहुंच गईं और ड्रोन कैमरे की मदद से तेंदुए पर नजर रखी गई। कैमरे में तेंदुआ नजर भी आया, लेकिन पर्याप्त संसाधन न होने के कारण वन विभाग केवल उसकी निगरानी तक ही सीमित रहा।
गुरुवार शाम तक तेंदुआ मटर के खेत में दिखाई देता रहा, लेकिन रात होते ही वह ऐसा लापता हुआ कि शुक्रवार सुबह तमाम प्रयासों के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। वन विभाग की कई टीमें गांव में उतारी गईं, जाल बिछाए गए और पिंजरा लगाया गया। पिंजरे में चारे के तौर पर कुत्ता भी रखा गया, लेकिन सुबह पिंजरा खाली मिला। हालांकि, तेंदुए के खुरों के निशान जरूर पुलिस, वन विभाग और ग्रामीणों के कैमरों में कैद हुए, जो कुछ दूरी तक जाकर अचानक गायब हो जाते हैं।
दोपहर करीब तीन बजे अमित कुशवाहा के खेत में कुछ हलचल दिखने पर ग्रामीणों में फिर दहशत फैल गई। सूचना पर पुलिस, वन विभाग और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन ड्रोन से देखने पर वहां तेंदुए की जगह एक बड़ा खरगोश भागता हुआ नजर आया।
दोपहर में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने भी रवा गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से संवाद किया। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और अगले एक-दो दिन तक क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जाएगी। वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं।
इस दौरान एसडीएम ज्योति सिंह, प्रभारी तहसीलदार/न्यायिक एसडीएम वीरेंद्र गुप्ता, डीएफओ प्रदीप कुमार, सीओ परमेश्वर प्रसाद, कोतवाल अजीत सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी माधौगढ़ रंजीत सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी एट श्रवण कुमार यादव, क्षेत्रीय वन अधिकारी जालौन हरिकिशोर शुक्ला, डिप्टी रेंजर कोंच अमित कुमार शर्मा, वन दरोगा राजेंद्र अस्थाना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ग्रामीणों में आक्रोश, बोले- कल पकड़ लेते तो दहशत से बचा जा सकता था
कोंच। ग्राम रवा में तेंदुए की दहशत को लेकर ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि खतरनाक जंगली जानवर कई घंटों तक रिहायशी इलाके और खेतों में खुलेआम घूमता रहा। यह सब ग्रामीणों और वन विभाग की मौजूदगी में होता रहा, इसके बावजूद टीम उसे पकड़ने में नाकाम रही। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि गुरुवार को ही मुस्तैदी दिखाई जाती तो तेंदुआ पकड़ा जा सकता था, लेकिन अब उसके हाथ से निकल जाने के बाद स्थिति और ज्यादा भयावह हो गई है। (संवाद)
रातभर डर के साए में रहे ग्रामीण
तेंदुए की मौजूदगी के चलते गांव में पूरी रात दहशत का माहौल रहा। हालांकि पुलिस और वन विभाग की टीमें रातभर तैनात रहीं, फिर भी ग्रामीण भय के कारण सो नहीं सके। लोगों को आशंका बनी रही कि कहीं तेंदुआ बस्ती में घुसकर किसी पर हमला न कर दे। शुक्रवार सुबह भी कोई ग्रामीण अकेले खेतों की ओर नहीं गया। जो लोग गए, वे समूह में और हाथों में लाठी-डंडे लेकर निकले।
बच्चों को घरों में रहने की दी गई हिदायत
तेंदुए के देखे जाने के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बच्चों और बुजुर्गों की भीड़ तेंदुए को देखने के लिए सड़कों पर निकल आई। हालात को देखते हुए पुलिस ने दिनभर ग्रामीणों को समझाया और विशेष रूप से बच्चों को घरों में ही रहने की हिदायत दी।
ललितपुर से मंगवाया जा रहा एक और पिंजरा
जिले में उपलब्ध एकमात्र पिंजरे के अलावा वन विभाग ने ललितपुर से एक और पिंजरा मंगवाया है। डीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि तेंदुए की आहट या लोकेशन मिलते ही पिंजरा तत्काल मौके पर लगवाया जाएगा।
ड्रोन से दिनभर होती रही तलाश
शुक्रवार सुबह तेंदुआ लापता होने के बाद वन विभाग की टीमें आसपास के खेतों और ग्रामीण इलाकों में ड्रोन कैमरे से दिनभर तलाश करती रहीं, लेकिन शाम तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। जिलेभर से वन विभाग की टीमें बुलाई गईं और जाल के साथ कांबिंग अभियान चलाया गया, फिर भी तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हो सकी।
नाते रिश्तेदारों के फोन से बढ़ी बेचैनी
रवा गांव से तेंदुआ लापता होने की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। गांव के ग्रामीणों को उनके नाते रिश्तेदार लगातार फोन कर यह पूछ रहे हैं कि तेंदुआ किस दिशा में भागा, लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं है। अनिश्चितता के चलते लोगों की बेचैनी और बढ़ गई है।
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कोंच क्षेत्र में जंगल न होने के कारण ग्रामीणों को जंगली जानवरों से निपटने का अनुभव नहीं है। गुरुवार की सुबह बुद्धसिंह कुशवाहा के खेत में अचानक तेंदुआ दिखाई देने से गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमें गांव पहुंच गईं और ड्रोन कैमरे की मदद से तेंदुए पर नजर रखी गई। कैमरे में तेंदुआ नजर भी आया, लेकिन पर्याप्त संसाधन न होने के कारण वन विभाग केवल उसकी निगरानी तक ही सीमित रहा।
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गुरुवार शाम तक तेंदुआ मटर के खेत में दिखाई देता रहा, लेकिन रात होते ही वह ऐसा लापता हुआ कि शुक्रवार सुबह तमाम प्रयासों के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। वन विभाग की कई टीमें गांव में उतारी गईं, जाल बिछाए गए और पिंजरा लगाया गया। पिंजरे में चारे के तौर पर कुत्ता भी रखा गया, लेकिन सुबह पिंजरा खाली मिला। हालांकि, तेंदुए के खुरों के निशान जरूर पुलिस, वन विभाग और ग्रामीणों के कैमरों में कैद हुए, जो कुछ दूरी तक जाकर अचानक गायब हो जाते हैं।
दोपहर करीब तीन बजे अमित कुशवाहा के खेत में कुछ हलचल दिखने पर ग्रामीणों में फिर दहशत फैल गई। सूचना पर पुलिस, वन विभाग और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन ड्रोन से देखने पर वहां तेंदुए की जगह एक बड़ा खरगोश भागता हुआ नजर आया।
दोपहर में जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने भी रवा गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से संवाद किया। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और अगले एक-दो दिन तक क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जाएगी। वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर रही हैं।
इस दौरान एसडीएम ज्योति सिंह, प्रभारी तहसीलदार/न्यायिक एसडीएम वीरेंद्र गुप्ता, डीएफओ प्रदीप कुमार, सीओ परमेश्वर प्रसाद, कोतवाल अजीत सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी माधौगढ़ रंजीत सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी एट श्रवण कुमार यादव, क्षेत्रीय वन अधिकारी जालौन हरिकिशोर शुक्ला, डिप्टी रेंजर कोंच अमित कुमार शर्मा, वन दरोगा राजेंद्र अस्थाना सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
ग्रामीणों में आक्रोश, बोले- कल पकड़ लेते तो दहशत से बचा जा सकता था
कोंच। ग्राम रवा में तेंदुए की दहशत को लेकर ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि खतरनाक जंगली जानवर कई घंटों तक रिहायशी इलाके और खेतों में खुलेआम घूमता रहा। यह सब ग्रामीणों और वन विभाग की मौजूदगी में होता रहा, इसके बावजूद टीम उसे पकड़ने में नाकाम रही। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि गुरुवार को ही मुस्तैदी दिखाई जाती तो तेंदुआ पकड़ा जा सकता था, लेकिन अब उसके हाथ से निकल जाने के बाद स्थिति और ज्यादा भयावह हो गई है। (संवाद)
रातभर डर के साए में रहे ग्रामीण
तेंदुए की मौजूदगी के चलते गांव में पूरी रात दहशत का माहौल रहा। हालांकि पुलिस और वन विभाग की टीमें रातभर तैनात रहीं, फिर भी ग्रामीण भय के कारण सो नहीं सके। लोगों को आशंका बनी रही कि कहीं तेंदुआ बस्ती में घुसकर किसी पर हमला न कर दे। शुक्रवार सुबह भी कोई ग्रामीण अकेले खेतों की ओर नहीं गया। जो लोग गए, वे समूह में और हाथों में लाठी-डंडे लेकर निकले।
बच्चों को घरों में रहने की दी गई हिदायत
तेंदुए के देखे जाने के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बच्चों और बुजुर्गों की भीड़ तेंदुए को देखने के लिए सड़कों पर निकल आई। हालात को देखते हुए पुलिस ने दिनभर ग्रामीणों को समझाया और विशेष रूप से बच्चों को घरों में ही रहने की हिदायत दी।
ललितपुर से मंगवाया जा रहा एक और पिंजरा
जिले में उपलब्ध एकमात्र पिंजरे के अलावा वन विभाग ने ललितपुर से एक और पिंजरा मंगवाया है। डीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि तेंदुए की आहट या लोकेशन मिलते ही पिंजरा तत्काल मौके पर लगवाया जाएगा।
ड्रोन से दिनभर होती रही तलाश
शुक्रवार सुबह तेंदुआ लापता होने के बाद वन विभाग की टीमें आसपास के खेतों और ग्रामीण इलाकों में ड्रोन कैमरे से दिनभर तलाश करती रहीं, लेकिन शाम तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। जिलेभर से वन विभाग की टीमें बुलाई गईं और जाल के साथ कांबिंग अभियान चलाया गया, फिर भी तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हो सकी।
नाते रिश्तेदारों के फोन से बढ़ी बेचैनी
रवा गांव से तेंदुआ लापता होने की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। गांव के ग्रामीणों को उनके नाते रिश्तेदार लगातार फोन कर यह पूछ रहे हैं कि तेंदुआ किस दिशा में भागा, लेकिन इसका जवाब किसी के पास नहीं है। अनिश्चितता के चलते लोगों की बेचैनी और बढ़ गई है।

फोटो - 22 खेतों में ड्रोन उड़वाते डीएफओ प्रदीप कुमार। संवाद- फोटो : सांकेतिक

फोटो - 22 खेतों में ड्रोन उड़वाते डीएफओ प्रदीप कुमार। संवाद- फोटो : सांकेतिक

फोटो - 22 खेतों में ड्रोन उड़वाते डीएफओ प्रदीप कुमार। संवाद- फोटो : सांकेतिक

फोटो - 22 खेतों में ड्रोन उड़वाते डीएफओ प्रदीप कुमार। संवाद- फोटो : सांकेतिक

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