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Jalaun News: तेंदुआ लापता, चार दिन बाद भी नहीं मिली लोकेशन
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फोटो - 10 खेतों में तेंदुए की तलाश करती वन विभाग की टीम। संवाद
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कोंच। तहसील क्षेत्र में पिछले चार दिनों से दहशत का पर्याय बना तेंदुआ एक बार फिर रहस्यमय तरीके से गायब हो गया है। गुरुवार को रवा गांव के खेतों में देखे जाने के बाद से वन विभाग और स्थानीय ग्रामीण लगातार तेंदुए की तलाश में जुटे हैं, लेकिन अथक प्रयासों के बावजूद उसके ठिकाने का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। इस अनिश्चितता के कारण ग्रामीणों में भय व्याप्त है और किसान अपनी जान जोखिम में डालकर खेतों में जाने से कतरा रहे हैं।
शनिवार को रवा से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित भेदपुरा गांव में तेंदुआ देखे जाने का दावा किया गया था, लेकिन वन विभाग द्वारा चलाए गए सघन तलाशी अभियान में इस सूचना की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद, लौना, कुंवरपुरा, अलालपुरा और फिर रविवार को भदेवरा से सदूपुरा की ओर तेंदुआ के जाने की अफवाहें भी उड़ती रहीं। हालांकि, वन विभाग की गहन जांच में इन अफवाहों की भी पुष्टि नहीं हुई और तेंदुए की मौजूदगी का कोई प्रमाण नहीं मिला।
लगभग एक दर्जन गांवों में विस्तृत सर्वेक्षण और लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाने के बाद, वन विभाग ने यह अनुमान लगाया है कि तेंदुए की गतिविधियों की दिशा जंगल की ओर हो सकती है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए, विभाग ने पांच विशेष सर्च टीमों का गठन किया है। इन टीमों द्वारा ड्रोन कैमरों की सहायता से लगातार फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की जा रही है ताकि तेंदुए के संभावित ठिकानों का पता लगाया जा सके। उप प्रभागीय वनाधिकारी कोंच, अमित कुमार, को इस पूरे अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। रविवार की सुबह से ही ये टीमें कोंच और माधौगढ़ तहसील क्षेत्रों में सघन निगरानी, कॉम्बिंग ऑपरेशन और जन जागरूकता अभियान चला रही हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार के बाद से जिले में कहीं भी तेंदुए को नहीं देखा गया है। इस आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ संभवतः जिले की सीमा से बाहर निकल गया हो। इसके बावजूद, जहां-जहां से भी तेंदुए के देखे जाने की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल प्रभाव से तलाशी और निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। हालांकि, अब तक कहीं भी उसकी उपस्थिति या पदचिह्नों का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव ने बताया कि वन विभाग की टीमों ने पूरी रात गश्त जारी रखी और वनकर्मियों की विशेष तैनाती की गई है। उन्होंने ग्रामीणों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल तेंदुआ किसी भी रिहायशी इलाके में नहीं पाया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने लोगों से दिन के उजाले में ही अपने दैनिक कार्य निपटाने, रात में अकेले बाहर न निकलने और यदि आवश्यक हो तो समूह में यात्रा करने की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त, खुले में शौच के लिए सुबह के समय न जाने की भी हिदायत दी गई है। वन विभाग द्वारा तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
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शनिवार को रवा से लगभग चार किलोमीटर दूर स्थित भेदपुरा गांव में तेंदुआ देखे जाने का दावा किया गया था, लेकिन वन विभाग द्वारा चलाए गए सघन तलाशी अभियान में इस सूचना की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद, लौना, कुंवरपुरा, अलालपुरा और फिर रविवार को भदेवरा से सदूपुरा की ओर तेंदुआ के जाने की अफवाहें भी उड़ती रहीं। हालांकि, वन विभाग की गहन जांच में इन अफवाहों की भी पुष्टि नहीं हुई और तेंदुए की मौजूदगी का कोई प्रमाण नहीं मिला।
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लगभग एक दर्जन गांवों में विस्तृत सर्वेक्षण और लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाने के बाद, वन विभाग ने यह अनुमान लगाया है कि तेंदुए की गतिविधियों की दिशा जंगल की ओर हो सकती है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए, विभाग ने पांच विशेष सर्च टीमों का गठन किया है। इन टीमों द्वारा ड्रोन कैमरों की सहायता से लगातार फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की जा रही है ताकि तेंदुए के संभावित ठिकानों का पता लगाया जा सके। उप प्रभागीय वनाधिकारी कोंच, अमित कुमार, को इस पूरे अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। रविवार की सुबह से ही ये टीमें कोंच और माधौगढ़ तहसील क्षेत्रों में सघन निगरानी, कॉम्बिंग ऑपरेशन और जन जागरूकता अभियान चला रही हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार के बाद से जिले में कहीं भी तेंदुए को नहीं देखा गया है। इस आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ संभवतः जिले की सीमा से बाहर निकल गया हो। इसके बावजूद, जहां-जहां से भी तेंदुए के देखे जाने की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल प्रभाव से तलाशी और निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। हालांकि, अब तक कहीं भी उसकी उपस्थिति या पदचिह्नों का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप यादव ने बताया कि वन विभाग की टीमों ने पूरी रात गश्त जारी रखी और वनकर्मियों की विशेष तैनाती की गई है। उन्होंने ग्रामीणों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल तेंदुआ किसी भी रिहायशी इलाके में नहीं पाया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने लोगों से दिन के उजाले में ही अपने दैनिक कार्य निपटाने, रात में अकेले बाहर न निकलने और यदि आवश्यक हो तो समूह में यात्रा करने की सलाह दी है। इसके अतिरिक्त, खुले में शौच के लिए सुबह के समय न जाने की भी हिदायत दी गई है। वन विभाग द्वारा तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
