आठ साल बाद हुई थी औलाद: मुंह में ऑक्सीजन मॉस्क फंसने से 12 दिन के नवजात की मौत, पिता बोले- बच्चा बहुत तड़पा
आंखों में आंसू भरे शिवम भर्राए गले से पुलिस को बताता है कि वह सामने खड़ा था। उसका नवजात बेटा ऑक्सीजन न मिलने से तड़प रहा था। उसके देखते ही देखते यह घटना हो गई और वह कुछ कर नहीं सका।
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यूपी के झांसी स्थित उल्दन निवासी दंपती के 12 दिन के नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि बच्चे के मुंह में ऑक्सीजन मॉस्क फंस गया था। इसके चलते, वह ऑक्सीजन नहीं ले सका। उसकी मौत हो गई। हंगामे की सूचना मिलने पर नवाबाद पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ नवाबाद थाने में तहरीर दी है।
आठ साल बाद हुई थी पहली संतान
उल्दन निवासी शिवम अहिरवार ने पुलिस को बताया कि आठ साल पहले उसकी शादी हुई थी। अभी तक उन्हें कोई संतान नहीं थी। 9 फरवरी को रानीपुर स्थित क्लीनिक में ऑपरेशन के बाद पत्नी ने बेटे को जन्म दिया था। उस समय बच्चा स्वस्थ था। 13 फरवरी को वे बच्चे को लेकर घर चले गए। तीन दिन बाद बच्चे की तबीयत खराब होने पर 17 फरवरी को मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। उसे आईसीयू में रखा गया। 21 फरवरी को उसके मुंह से ऑक्सीजन मॉस्क निकल गया। वहां मौजूद नर्स ने ध्यान नहीं दिया।
नवजात के मुंह से आने लगा था खून
वे बाहर खड़े थे। शीशे से बच्चे को तड़पता देख उन्होंने नर्सिंग होम कर्मियों को जानकारी दी। उसके मुंह से खून आने लगा। चंद मिनट में उसने दम तोड़ दिया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह परिजनों को शांत कराया। परिजन नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई पर अड़े हुए हैं। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव का कहना है कि परिजनों की ओर से तहरीर दी गई है। मामले की जांच कराई जा रही है।
मेरे सामने तड़पता रहा बच्चा, मैं कुछ कर नहीं सका
यह व्यथा उस पिता की है, जिसे संतान सुख के लिए आठ साल लंबा इंतजार करना पड़ा। आंखों में आंसू भरे शिवम भर्राए गले से पुलिस को बताता है कि वह सामने खड़ा था। उसका नवजात बेटा ऑक्सीजन न मिलने से तड़प रहा था। उसके देखते ही देखते यह घटना हो गई और वह कुछ कर नहीं सका। महज 12 दिन में अपने इकलौते बेटे को गंवाने के बाद से उसकी पत्नी भी बदहवास है। उसका भी रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि दंपती को शादी के 8 साल बाद भी संतान सुख नहीं मिला। कई ड्योढ़ी पर मन्नत मांगी थी। डॉक्टरों को दिखाया, तब जाकर उन्हें बेटा हुआ था लेकिन कुछ ही दिनों ही उनकी यह खुशी भी छिन गई।
