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Jhansi News: जांच की आंच पहुंची तो कोचिंग सेंटरों पर लटक गए ताले
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Wed, 24 Jun 2026 02:46 AM IST
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झांसी। लखनऊ अग्निकांड के बाद भी कई कोचिंग संचालकों ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। मंगलवार को अग्निशमन विभाग की टीम जब कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए पहुंची तो कई जगह ताले लटके मिले। कुछ संचालकों के मोबाइल फोन भी बंद मिले। अब फायर विभाग ने सभी कोचिंग सेंटरों को नए सिरे से सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
दमकल विभाग की टीम ने मंगलवार सुबह शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कोचिंग सेंटरों की जांच शुरू की। इलाइट चौराहा, आंतिया ताल समेत कई स्थानों पर कोचिंग बंद मिलीं। ग्वालियर रोड स्थित एक कोचिंग सेंटर पर पूरे दिन ताला लगा रहा। वहीं मनु विहार कॉलोनी स्थित लक्ष्य, पेंटालून स्थित लक्ष्य, इलाइट चौराहा स्थित विद्यापीठ, ध्यानचंद स्टेडियम के सामने आकाश और बीकेडी चौराहा स्थित महिंद्रा कोचिंग समेत कुछ संस्थान खुले मिले। यहां टीम ने सुरक्षा इंतजामों की जांच की।
फायर टीम ने कोचिंग संचालकों को प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते रखने, अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था करने और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।
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सीएफओ राजकिशोर राय ने बताया कि जिन कोचिंग सेंटरों पर ताले मिले हैं, उनके संचालकों से संपर्क किया जा रहा है। सभी को सेफ्टी ऑडिट कराना होगा। भवन स्वामियों को भी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी होगी। नियमित रूप से विद्युत लोड की जांच कराकर हादसों को रोका जा सकता है।
विद्युत सुरक्षा विभाग की भी तय होगी जिम्मेदारी
आग की ज्यादातर घटनाएं शार्ट सर्किट से होने के बावजूद विद्युत सुरक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। व्यावसायिक भवनों में विद्युत सुरक्षा विभाग की एनओसी जरूरी होती है। साथ ही विद्युत लोड की जांच भी होनी चाहिए।
विद्युत सुरक्षा के सहायक निदेशक पीबी चौबे ने बताया कि इस माह कई भवनों का ऑडिट किया गया है। खामियां मिलने पर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
जेडीए ने भी शुरू की कोचिंग सेंटरों की जांच
आठ कोचिंग की जांच पूरी, बुधवार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट, मानकविहीन मिलने पर होगी कार्रवाई
लखनऊ अग्निकांड के बाद झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने भी कोचिंग सेंटरों की जांच शुरू कर दी है। जेडीए प्रशासन ने टीम गठित कर मंगलवार शाम से शहर के विभिन्न इलाकों में जांच कराई।
बीकेडी, आंतिया ताल, पंचकुइयां, सीपरी बाजार और शिवाजी नगर समेत कई क्षेत्रों में कोचिंग सेंटर संचालित हैं। इनमें कई जगह भवन मानकों की अनदेखी की शिकायतें हैं। कुछ कोचिंग आवासीय भवनों में चल रही हैं तो कई जगह संकरी गलियों में संचालित हो रही हैं। यहां न पर्याप्त सेटबैक है और न ही अग्निशमन इंतजाम।
प्रवर्तन प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने मंगलवार को आठ कोचिंग सेंटरों की जांच की। जेडीए सचिव गौरव शुक्ला ने बताया कि बुधवार को जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मानक विपरीत संचालन मिलने पर कार्रवाई होगी और अन्य कोचिंग की जांच भी जारी रहेगी।
47 अवैध भवनों को नोटिस, सीलिंग की तैयारी
जेडीए ने 47 अवैध भवनों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें कई व्यावसायिक भवन भी शामिल हैं। पूर्व में नोटिस दिए जाने के बाद अब सीलिंग की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इन बिंदुओं पर हो रही जांच
- भवन का स्वीकृत नक्शा है या नहीं
- निर्माण नक्शे के अनुसार है या नहीं
- आवासीय भवन में व्यावसायिक गतिविधि तो नहीं
- बेसमेंट का उपयोग कक्षा या कार्यालय के रूप में तो नहीं
- सेटबैक छोड़ा गया है या नहीं
- पार्किंग की व्यवस्था है या नहीं
- वेंटिलेशन की सुविधा है या नहीं
- प्रवेश और निकास के पर्याप्त रास्ते हैं या नहीं
- जरूरत होने पर फायर एनओसी ली गई है या नहीं
दमकल विभाग की टीम ने मंगलवार सुबह शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कोचिंग सेंटरों की जांच शुरू की। इलाइट चौराहा, आंतिया ताल समेत कई स्थानों पर कोचिंग बंद मिलीं। ग्वालियर रोड स्थित एक कोचिंग सेंटर पर पूरे दिन ताला लगा रहा। वहीं मनु विहार कॉलोनी स्थित लक्ष्य, पेंटालून स्थित लक्ष्य, इलाइट चौराहा स्थित विद्यापीठ, ध्यानचंद स्टेडियम के सामने आकाश और बीकेडी चौराहा स्थित महिंद्रा कोचिंग समेत कुछ संस्थान खुले मिले। यहां टीम ने सुरक्षा इंतजामों की जांच की।
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फायर टीम ने कोचिंग संचालकों को प्रवेश और निकास के अलग-अलग रास्ते रखने, अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था करने और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।
सीएफओ राजकिशोर राय ने बताया कि जिन कोचिंग सेंटरों पर ताले मिले हैं, उनके संचालकों से संपर्क किया जा रहा है। सभी को सेफ्टी ऑडिट कराना होगा। भवन स्वामियों को भी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी होगी। नियमित रूप से विद्युत लोड की जांच कराकर हादसों को रोका जा सकता है।
विद्युत सुरक्षा विभाग की भी तय होगी जिम्मेदारी
आग की ज्यादातर घटनाएं शार्ट सर्किट से होने के बावजूद विद्युत सुरक्षा विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। व्यावसायिक भवनों में विद्युत सुरक्षा विभाग की एनओसी जरूरी होती है। साथ ही विद्युत लोड की जांच भी होनी चाहिए।
विद्युत सुरक्षा के सहायक निदेशक पीबी चौबे ने बताया कि इस माह कई भवनों का ऑडिट किया गया है। खामियां मिलने पर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।
जेडीए ने भी शुरू की कोचिंग सेंटरों की जांच
आठ कोचिंग की जांच पूरी, बुधवार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट, मानकविहीन मिलने पर होगी कार्रवाई
लखनऊ अग्निकांड के बाद झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने भी कोचिंग सेंटरों की जांच शुरू कर दी है। जेडीए प्रशासन ने टीम गठित कर मंगलवार शाम से शहर के विभिन्न इलाकों में जांच कराई।
बीकेडी, आंतिया ताल, पंचकुइयां, सीपरी बाजार और शिवाजी नगर समेत कई क्षेत्रों में कोचिंग सेंटर संचालित हैं। इनमें कई जगह भवन मानकों की अनदेखी की शिकायतें हैं। कुछ कोचिंग आवासीय भवनों में चल रही हैं तो कई जगह संकरी गलियों में संचालित हो रही हैं। यहां न पर्याप्त सेटबैक है और न ही अग्निशमन इंतजाम।
प्रवर्तन प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने मंगलवार को आठ कोचिंग सेंटरों की जांच की। जेडीए सचिव गौरव शुक्ला ने बताया कि बुधवार को जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मानक विपरीत संचालन मिलने पर कार्रवाई होगी और अन्य कोचिंग की जांच भी जारी रहेगी।
47 अवैध भवनों को नोटिस, सीलिंग की तैयारी
जेडीए ने 47 अवैध भवनों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें कई व्यावसायिक भवन भी शामिल हैं। पूर्व में नोटिस दिए जाने के बाद अब सीलिंग की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इन बिंदुओं पर हो रही जांच
- भवन का स्वीकृत नक्शा है या नहीं
- निर्माण नक्शे के अनुसार है या नहीं
- आवासीय भवन में व्यावसायिक गतिविधि तो नहीं
- बेसमेंट का उपयोग कक्षा या कार्यालय के रूप में तो नहीं
- सेटबैक छोड़ा गया है या नहीं
- पार्किंग की व्यवस्था है या नहीं
- वेंटिलेशन की सुविधा है या नहीं
- प्रवेश और निकास के पर्याप्त रास्ते हैं या नहीं
- जरूरत होने पर फायर एनओसी ली गई है या नहीं