प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, गलत इंजेक्शन लगाने से मौत का आरोप
जिला महिला अस्पताल से मंगलवार रात रेफर की गई गर्भवती मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने शिशु समेत मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने और अस्पतालकर्मियों पर पांच हजार रुपये मांगने का का आरोप लगाया है। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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झांसी। जिला महिला अस्पताल में मंगलवार रात प्रसव के दौरान गर्भवती की हालात बिगड़ गई। डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां चिकित्सकों ने गर्भस्थ शिशु समेत महिला को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने गलत इंजेक्शन लगाने और अस्पतालकर्मियों पर पांच हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया है।
प्रेमनगर थानांतर्गत राजगढ़ निवासी सीलेश सेन ने बताया कि उसकी बहन नेहा सेन (25) की शादी चार साल पहले मध्यप्रदेश के जिला निवाड़ी के गांव वीरसागर निवासी विशेष सेन से हुई थी। वह राजगढ़ में परिवार के साथ किराये पर रह रही थी। उसने बताया कि बहन नेहा नौ माह की गर्भवती थी। मंगलवार रात करीब आठ बजे उसे प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उसे जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। उसने बताया कि अस्पताल में तैनात नर्स बहन को अंदर ले गई। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने चेकअप कर बताया कि सामान्य प्रसव (नार्मल डिलेवरी) हो जाएगी। बच्चे की धड़कन भी सही चल रही है। थोड़ी देर बाद ही एक महिला कर्मी ने नार्मल डिलेवरी के लिए पांच हजार रुपये मांगे। चूंकि खुशी का माहौल था, इसलिए वह पांच हजार रुपये देने के लिए तैयार हो गया। आरोप लगाया कि लेबर रूम में नेहा को प्रसव के दौरान दो इंजेक्शन लगा दिए गए। बमुश्किल 10 मिनट बाद नेहा की हालत बिगड़ गई। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सीलेश ने आरोप लगाया कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण बहन और गर्भस्थ शिशु की मौत हुई है। मेडिकल कॉलेज पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया है।मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद टीम से जांच कराई जाएगी। पांच हजार रुपये मांगने के आरोप की भी जांच होगी। मातृ-शिशु मृत्यु की हर सप्ताह समीक्षा होती है। जांच के बाद यह मामला समिति के समक्ष रखा जाएगा। खामी अथवा गड़बड़ी मिलने पर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. सुधाकर पांडेय, सीएमओ
महिला जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजनारायण ने बताया कि मंगलवार रात अस्पताल में मेडिकल कॉलेज की जेआर डॉ. अनुष्का की ड्यूटी थी। उन्होंने बताया कि प्रसव के दौरान ताकत (दम) लगाने के दौरान गर्भवती को उल्टी हो गई। जब तक वह मुंह बाईं ओर करती, उल्टी फेफड़े में चली गई। तत्काल सक्शन मशीन से फेफड़ों को साफ किया गया। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। परिजन रुपये मांगने की लिखित शिकायत करें। जांच करके दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।