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Jhansi News: अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार के लिए अब जीआरपी को मिलेंगे सात हजार
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झांसी। रेलवे ट्रैक, प्लेटफॉर्म और रेलवे परिसर में मिलने वाले अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार के लिए राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) को दी जाने वाली आर्थिक सहायता बढ़ा दी गई है। अब प्रत्येक अज्ञात शव के अंतिम संस्कार के लिए मिलने वाली सहायता राशि को पांच हजार रुपये से बढ़ाकर सात हजार रुपये कर दी गई है। आठ साल बाद इस राशि में इजाफा हुआ है।
रेलवे ट्रैक अथवा स्टेशन परिसर में दुर्घटना या अन्य कारणों से मिलने वाले अज्ञात शवों का पंचनामा, पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनका अंतिम संस्कार जीआरपी कराती है। अब तक इसके लिए प्रति शव पांच हजार रुपये की सहायता मिलती थी। लगातार बढ़ती महंगाई की वजह से यह राशि अपर्याप्त साबित हो रही थी। लंबे समय से इसे बढ़ाने की मांग की जा रही थी। इसको देखते हुए दो हजार रुपये का इजाफा हुआ है। रेलवे पुलिस अधीक्षक (झांसी अनुभाग) विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस संबंध में आदेश मिला है। इससे अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार गरिमापूर्ण ढंग से कराने में आने वाली वित्तीय कठिनाइयां कम होंगी।
हर महीने मिलते हैं आठ से 10 अज्ञात शव
जीआरपी झांसी अनुभाग के अंतर्गत झांसी, उरई, भीमसेन, चित्रकूटधाम कर्वी, बांदा, मानिकपुर, महोबा और ललितपुर थाने आते हैं। इन क्षेत्रों में प्रत्येक माह औसतन आठ से दस अज्ञात शव रेलवे ट्रैक या स्टेशन परिसर से बरामद होते हैं। रेलवे के मेमो के आधार पर जीआरपी शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा, पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की कार्रवाई पूरी कराती है।
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रेलवे ट्रैक अथवा स्टेशन परिसर में दुर्घटना या अन्य कारणों से मिलने वाले अज्ञात शवों का पंचनामा, पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनका अंतिम संस्कार जीआरपी कराती है। अब तक इसके लिए प्रति शव पांच हजार रुपये की सहायता मिलती थी। लगातार बढ़ती महंगाई की वजह से यह राशि अपर्याप्त साबित हो रही थी। लंबे समय से इसे बढ़ाने की मांग की जा रही थी। इसको देखते हुए दो हजार रुपये का इजाफा हुआ है। रेलवे पुलिस अधीक्षक (झांसी अनुभाग) विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस संबंध में आदेश मिला है। इससे अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार गरिमापूर्ण ढंग से कराने में आने वाली वित्तीय कठिनाइयां कम होंगी।
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हर महीने मिलते हैं आठ से 10 अज्ञात शव
जीआरपी झांसी अनुभाग के अंतर्गत झांसी, उरई, भीमसेन, चित्रकूटधाम कर्वी, बांदा, मानिकपुर, महोबा और ललितपुर थाने आते हैं। इन क्षेत्रों में प्रत्येक माह औसतन आठ से दस अज्ञात शव रेलवे ट्रैक या स्टेशन परिसर से बरामद होते हैं। रेलवे के मेमो के आधार पर जीआरपी शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा, पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार की कार्रवाई पूरी कराती है।
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