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Jhansi: सिर्फ पांच मिनट में लौट आने की बात कहकर निकला था रुद्राक्ष, परिवार का था इकलौता बेटा, बेसहारा हुई मां

Sat, 01 Aug 2026 12:13 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Sat, 01 Aug 2026 12:13 PM IST
सार

रुद्राक्ष के पिता ने करीब दस साल पहले दूसरी शादी कर ली थी। उसके बाद से रुद्राक्ष का लालन-पालन उसकी मां अनीता ने किया। रुद्राक्ष की मौत के बाद अब वह बिल्कुल अकेली हो गई है। 

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Jhansi: Rudraksh had left saying he would return in just five minutes; he was the family's only son
रुद्राक्ष की फाइल फोटो।

विस्तार

आजादपुरा मोहल्ला की तंग गली के भीतर बने मकान से एक महिला के बिलखने की आवाज गली के बाहर तक सुनाई पड़ रही थी। यह रुद्राक्ष की मां अनीता की आवाज है, जो इकलौते जवान बेटे की मौत के बाद से ही बदहवास है। मां को रोता-बिखलता देख आसपास मौजूद लोगों की आंखों भी भर आईं। किसी तरह वे अनीता को संभाल रहे थे। रुद्राक्ष ही उसका इकलौता सहारा था। उसी के सहारे अनीता पहाड़ सी जिंदगी बिताने का मंसूबा बांधे बैठी थी लेकिन, सफर शुरू होने से पहले बेटा अकेला छोड़ कर चला गया।
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परिजनों ने बताया रुद्राक्ष के पिता देवराज वाजपेई करीब दस साल पहले परिवार से अलग हो चुके। दूसरी शादी करके वह आवास विकास कॉलोनी में रहते हैं। उसके बाद से रुद्राक्ष एवं बेटी शिवानी का लालन-पालन अनीता के जिम्मे रह गया। तब रुद्राक्ष सिर्फ 12 साल का था। अनीता ने अकेले दोनों बच्चों को लालन-पालन किया। रुद्राक्ष के दिल में बचपन से छेद था। तीन साल पहले ऑपरेशन कराया। बेटी शिवानी की भी शादी कर दी। अब घर में सिर्फ रुद्राक्ष एवं मां अनीता बचे। रुद्राक्ष प्राइवेट नौकरी भी करने लगा। इससे मां अनीता को कुछ सुकून हुआ। मां अनीता याद करते हुए बताती हैं कि शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे रुद्राक्ष सिर्फ पांच मिनट में आने की बात कहकर निकला था। उसने उसे जाने से रोका था लेकिन, वह माना नहीं। जाते समय उससे पांच रुपये मांग कर ले गया। आधे घंटे बीत जाने पर जब वह नहीं लौटा, तब उसने उसे फोन किया। मां अनीता बार बार बेटे रुद्राक्ष को याद कहते हुए बिलख पड़ती कि मेरी बात मान लेता तो मेरी आंखों के सामने होता मेरा लाल, अब किसके सहारे जिंदगी काटूंगी।
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सक्षम तीन भाईयों में था सबसे बड़ा
लक्ष्मी नगर के आजाद गंज मोहल्ले में सक्षम के घर भी मातम पसरा हुआ था। सक्षम तीन भाईयों में सबसे बड़ा था। परिवार की जरूरत को देखते हुए बेहद कम उम्र में वह रोजगार करने लगा था। इन दिनों गाड़ी चलाता था। उसकी मौत की खबर से मां, बहन समेत अन्य परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।
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घर से करीब 200 मीटर दूर हुआ हादसा
जिस जगह यह हादसा हुआ, उसकी दोनों ही युवकों के घर से बमुश्किल 200 मीटर ही दूरी थी। सक्षम इलाइट से खाना पैक कराकर घर आ रहा था, घर पहुंचने से कुछ देर पहले ही हादसा हो गया। हादसे की बात भी परिवार के लोगों को काफी देर बाद हुई। मेडिकल अस्पताल ले जाने के बाद पुलिस ने सूचना देकर हादसे की बात परिजनों को बताइ।
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