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Jhansi News: मेडिकल कॉलेज में खुलेंगे नए छह विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Wed, 24 Jun 2026 02:46 AM IST
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झांसी। मेडिकल कॉलेज में जल्द छह नए विभाग खुलेंगे। इनकी ओपीडी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में होगी। रोगियों को भर्ती अथवा सर्जरी भी इसी ब्लॉक में होगी। सूत्रों का कहना है अधिकतम तीन माह में संबंधित डॉक्टरों की तैनाती का काम पूरा कर लिया जाएगा।
बताते चलें, मेडिकल कॉलेज की पुरानी ओपीडी बिल्डिंग में बाल रोग, सर्जरी, मेडिसिन, पेन क्लीनिक, नेत्र रोग, स्त्री रोग की ओपीडी चलती है। त्वचा रोग विभाग की 80 पीजी के पास ओपीडी व वार्ड है। वहीं, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में प्लास्टिक सर्जरी, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरो सर्जरी की ओपीडी चलती है। सूत्रों का कहना है कि शासन ने कॉलेज प्रशासन को पांच साल की प्लानिंग एवं ओपीडी विस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। इस पर कॉलेज प्रशासन ने मेडिसिन, सर्जरी, बाल रोग विभाग आदि विभागाध्यक्षों के साथ मंथन किया है। इसमें मेडिसिन इन ओंकोलॉजी, सर्जरी इन ओंकोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, गेस्ट्रो सर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी और रुमेटोलॉजी विभाग बनाकर ओपीडी शुरू करना तय हुआ है। इन विभागों को शुरू करने के लिए डॉक्टरों की तैनाती का ब्यौरा भी तैयार किया गया है।
प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि शासन ने मेडिकल कॉलेज की सेवाएं विस्तारित करने के दिशा -निर्देश दिए हैं। जिसके चलते छह नए विभाग बनाने का फैसला हुआ है। तय हुआ है कि इन विभागों की ओपीडी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में चलेगी। रोगियों को भर्ती करने अथवा सर्जरी भी इसी ब्लॉक की ओटी में की जाएगी। जल्द से जल्द नये विभाग बनाने की योजना है।
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0- एक नजर में
0- मेडिसिन ऑकोलॉजी- कैंसर रोगी को दवाएं, कीमोथैरेपी व रेडियोथैरेपी ।
0- सर्जरी ऑकोलोनी- ऑपरेशन, कैंसर की चपेट में आए अंग को निकालना।
0- पीडियाट्रिक सर्जरी- जन्मजात विकृति दूर करने के लिए ऑपरेशन।
0- गेस्ट्रो सर्जरी- आहार नाल, अग्नाशय, छोटी व बड़ी आंत के ऑपरेशन।
0- एंडोक्राइनोलॉजी- थायरॉइड, पिट्यूटरी, एड्रेनल, कोलेस्ट्रॉल, हार्मोन असंतुलन का उपचार।
0- रुमेटोलॉजी में गठिया, हड्डी अथवा जोड़ों के दर्द का उपचार।
बताते चलें, मेडिकल कॉलेज की पुरानी ओपीडी बिल्डिंग में बाल रोग, सर्जरी, मेडिसिन, पेन क्लीनिक, नेत्र रोग, स्त्री रोग की ओपीडी चलती है। त्वचा रोग विभाग की 80 पीजी के पास ओपीडी व वार्ड है। वहीं, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में प्लास्टिक सर्जरी, कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरो सर्जरी की ओपीडी चलती है। सूत्रों का कहना है कि शासन ने कॉलेज प्रशासन को पांच साल की प्लानिंग एवं ओपीडी विस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। इस पर कॉलेज प्रशासन ने मेडिसिन, सर्जरी, बाल रोग विभाग आदि विभागाध्यक्षों के साथ मंथन किया है। इसमें मेडिसिन इन ओंकोलॉजी, सर्जरी इन ओंकोलॉजी, पीडियाट्रिक सर्जरी, गेस्ट्रो सर्जरी, एंडोक्राइनोलॉजी और रुमेटोलॉजी विभाग बनाकर ओपीडी शुरू करना तय हुआ है। इन विभागों को शुरू करने के लिए डॉक्टरों की तैनाती का ब्यौरा भी तैयार किया गया है।
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प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि शासन ने मेडिकल कॉलेज की सेवाएं विस्तारित करने के दिशा -निर्देश दिए हैं। जिसके चलते छह नए विभाग बनाने का फैसला हुआ है। तय हुआ है कि इन विभागों की ओपीडी सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में चलेगी। रोगियों को भर्ती करने अथवा सर्जरी भी इसी ब्लॉक की ओटी में की जाएगी। जल्द से जल्द नये विभाग बनाने की योजना है।
0- एक नजर में
0- मेडिसिन ऑकोलॉजी- कैंसर रोगी को दवाएं, कीमोथैरेपी व रेडियोथैरेपी ।
0- सर्जरी ऑकोलोनी- ऑपरेशन, कैंसर की चपेट में आए अंग को निकालना।
0- पीडियाट्रिक सर्जरी- जन्मजात विकृति दूर करने के लिए ऑपरेशन।
0- गेस्ट्रो सर्जरी- आहार नाल, अग्नाशय, छोटी व बड़ी आंत के ऑपरेशन।
0- एंडोक्राइनोलॉजी- थायरॉइड, पिट्यूटरी, एड्रेनल, कोलेस्ट्रॉल, हार्मोन असंतुलन का उपचार।
0- रुमेटोलॉजी में गठिया, हड्डी अथवा जोड़ों के दर्द का उपचार।